जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता नेपाल सिंह का एक बयान वायरल है। एक ग्राफ़िक शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नेपाल सिंह ने कहा कि ‘सेना के जवान मरने के लिए ही होतें हैं, वो नहीं मरेंगें तो क्या हम और हमारा भाजपा कार्यकर्ता मरेगा, सेना को मरने के लिए ही पैसे मिलतें हैं।’
दिव्या कुमारी ने एक्स पर वायरल ग्राफ़िक को शेयर कर लिखा, ‘भाजपा की सोच सेना के जवान मरने के लिए ही होते हैं !’
भाजपा की सोच सेना के जवान म रने के लिए ही होते हैं ! pic.twitter.com/qM8gycV0fN
— दिव्या कुमारी (@divyakumaari) April 28, 2025
वहीं इससे पहले भी यह ग्राफ़िक कई बार वायरल हो चूका है। मई 2023 में सोनम राजपूत और अम्बेडकर नाम के एक्स हैंडल ने भी इसी दावे के साथ इसे शेयर किया था।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने संबधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान नेपाल सिंह के वायरल बयान का वीडियो हमें 2 जनवरी 2018 को ANI के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला। जिसमें उन्होंने कहा कि “ये तो रोज मरेंगे आर्मी में, कोई ऐसा देश है जहां आर्मी का आदमी न मरता हो झगड़े में? गांव में भी झगड़ा होता है तो एक न एक तो घायल होगा ही! कोई ऐसी डिवाइस बताओ, जिसका आदमी न मारे? ऐसी चीज बताओ कि गोली काम न करे, उसे करवा दें।”
पड़ताल में आगे हमें दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट भी मिली। जिसके मुताबिक उनके बयान पर जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने माफी मांग ली। उन्होंने कहा- कुछ चैनलों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। मैंने सेना के कोई अपमान की बात नहीं की। मुझे दुख है, माफ़ी मांगता हूं पर मैंने ऐसा कुछ कहा नहीं। मैंने ये बोला था कि वैज्ञानिक लगे हुए और कोई डिवाइस ढूंढ रहे हैं कि कोई गोली आए तो लगे नहीं। सिपाही की प्रोटेक्शन हो जाए।
| दावा | बीजेपी नेता नेपाल सिंह ने कहा कि ‘सेना के जवान मरने के लिए ही होतें हैं, वो नहीं मरेंगें तो क्या हम और हमारा भाजपा कार्यकर्ता मरेगा, सेना को मरने के लिए ही पैसे मिलतें हैं।’ |
| दावेदार | दिव्या कुमारी |
| निष्कर्ष | नेपाल सिंह का यह बयान पुराना और भ्रामक है। उन्होंने ऐसा नहीं कहा था, ‘सेना के जवान नहीं मरेंगें तो क्या हम और हमारा भाजपा कार्यकर्ता मरेगा।’ |
