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सुल्तानपुर में सुरेश यादव के परिवार पर हमले की घटना में जातिगत एंगल नहीं है

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में दो पक्षों के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कुछ लोगों को लाट्ठी डंडे लिए एक घर में घुसते देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह ने सैकड़ों गुंडों के साथ सुरेश यादव के घर में घुसकर हमला किया। जिसमें सुरेश यादव के परिवार के 6 सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना को जातिगत हिंसा बताते हुए हुए दावा किया जा रहा है कि ठाकुर जाति के लोगों ने सुरेश यादव के परिवार के साथ मारपीट की। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।

ऐके स्टॅलिन ने एक्स पर लिखा, ‘ठाकुर जाति के कुछ संत मां बहन को सम्मान देते हुए मंदिर में पूजा करने जा रहे हैं। यह सब योगी जी के जाति से है और उनके स्पेशल संत हैं! लेकिन स्थानीय लोग कह रहें हैं, सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत सिंह के गुंडे सुरेश यादव के घर मार पीट किए 6 लोग घायल हैं।’

सपा नेता मनोज यादव ने लिखा, ‘सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह ने सैकड़ों गुं*डों के साथ सुरेश यादव के घर में घुसकर हमला किया सुरेश यादव के परिवार के 6 सदस्य गंभीर रूप से घायल है जिन्हें लखनऊ रेफर किया गया है, पूरा गांव दहशत में है। आतंक की प्रयोगशाला बना दिया है उत्तर प्रदेश को अजय सिंह बिष्ट ने। बाबा की जाति के लोग बेलगाम हैं।’

जितेंद्रे वर्मा ने लिखा, ‘सुल्तानपुर में भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह के सैकड़ों गुंडों ने लाठी सरिया गैती से लैस होकर सुरेश यादव जी के घर में घुसकर हमला कर दिया हमले में सुरेश यादव सहित परिवार के 6 सदस्य गंभीर रूप से घायल है जिन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया है क्या ये रामराज्य है या जंगलराज राक्षसराज है’

वहीं सूर्य समाजवादी और मनीष यादव ने भी यही दावा किया है।

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फैक्ट चेक.

दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से सर्च करने पर हमें 15 मार्च को प्रकाशित दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना अखंड नगर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर गांव की है। जहाँ जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के बीच लाठी-डंडे चले। साथ ही कई राउंड फायरिंग हुई। मारपीट में छह लोग घायल हो गए हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर रेफर कर दिया गया।

Source: Jagran

दरअसल रामदीन यादव, राममेर यादव और राम खेलावन यादव तीन सगे भाई हैं। इनमें राम खेलावन निस्संतान थे। उनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने अपनी जमीन अपने भाई राममेर यादव को दे दी थी। इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। रामदीन के पुत्र अरविंद यादव उर्फ संजीत यादव, शीतला प्रसाद यादव, आनंद यादव और अमन यादव हैं। जबकि दूसरे पक्ष में राममेर यादव के पुत्र सुरेश यादव, दिनेश यादव, रंजीत यादव, जिलाजीत यादव और मंजीत यादव हैं। अरविंद यादव ने आबादी की जमीन पर जबरन निर्माण शुरू कराया था। इस पर सुरेश यादव पक्ष ने विरोध किया। जिससे शनिवार सुबह विवाद हो गया। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों के सात लोगों का शांतिभंग में चालान किया था।

वहीं अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीणों के मुताबिक कल्याणपुर गांव में सुरेश व अरविंद यादव का घर अगल-बगल है। उन दोनों के बीच आबादी की भूमि पर कब्जे का विवाद चल रहा है। इसी बात पर दोनों पक्ष रविवार को आमने-सामने हो गए। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने सुरेश के परिवार पर हथियार से लैस होकर हमला कर दिया। इसमें एक पूर्व मंत्री भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। सुरेश यादव के आरोप के मुताबिक विपक्षियों की ओर से गोलियां चलाई गईं।

इस मामले में एसपी चारु निगम ने अखंडनगर के थाना प्रभारी संत कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं, सीओ कादीपुर विनय गौतम पर कार्य में शिथिलता बरतने के आरोप की जांच के लिए एएसपी अखंड प्रताप सिंह को निर्देशित किया है।

इस सम्बन्ध में हमारी बात गाँव के पूर्व प्रधान दयाराम गुप्ता से भी हुई। उन्होंने बताया कि जमीन को लेकर एक ही परिवार के लोगों के बीच विवाद है जिसमे यह घटनाक्रम हुआ है।

दावासुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह ने सैकड़ों गुंडों के साथ सुरेश यादव के घर में घुसकर हमला किया।
दावेदारमनोज यादव, जीतेंद्रे वर्मा व अन्य
निष्कर्षसुल्तानपुर में सुरेश यादव के परिवार पर हमले की घटना में कोई जातिगत एंगल नहीं है। मामला दो भाई सुरेश यादव और अरविंद यादव के बीच जमीन विवाद का था। जिसमें अरविंद यादव ने राणा अजीत प्रताप सिंह के साथ कथित तौर पर जमीन कब्जाने का प्रयास किया था।

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