विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लोग यूजीसी नियमों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है।
तरुण गौतम ने एक्स पर वीडियो शेयर कर लिखा, ”हिंदू एकता एक मिथक है एक यूजीसी कानून और ब्राह्मणों ने एक ही दिन में हिंदू एकता का छलावा गिरा दिया। हिंदू कभी एक नहीं थे, और कभी एक नहीं होंगे। इस धर्म की आधारशिला जाति/वर्ण है और यह मूल रूप से एकता के खिलाफ है। सभी दलितों और ओबीसीओं के लिए जो हिंदुत्व के चीयरलीडर के रूप में घूम रहे हैं, यह असली सच्चाई है।”
HINDU UNITY IS A MYTH
— Tarun Gautam (@TARUNspeakss) January 27, 2026
One UGC law and Brahmins dropped the facade of Hindu Unity in one day.
Hindus were never one, they will never be one.
The basis of this religion is Caste/Varna and it is fundamentally against Unity.
To all those Dalits & OBCs who are roaming as… pic.twitter.com/dePJHrIbp9
अनुज अग्निहोत्री स्वतंत्र ने लिखा, ”अच्छा दिन छोड़ो, लगता है बुरे दिन आ गए हैं? सवर्ण समाज से पंगा लिया है न भाजपा ने, एक बार माफ कर दो, दो बार माफ कर दो, आपकी गलती करने की आदत हो गई है, अब भुगतो। SCST ACT से मन नहीं भरा OBC एक्ट ले आए तो लो अब हम तुम्हें कोई लायक ही नहीं रखेंगे, तुम्हें विपक्ष में भी बैठने काबिल नहीं रखेंगे। यह जुलूस सवर्ण समाज का देखिए क्या लगता है इस बार कोई प्लान – B काम करेगा, नहीं करेगा, भाजपा का बोरिया बिस्तर बंधने बाला है।”
अच्छा दिन छोड़ो, लगता है बुरे दिन आ गए हैं?
— Anuj Agnihotri Swatntra (@ASwatntra) January 27, 2026
सवर्ण समाज से पंगा लिया है न भाजपा ने, एक बार माफ कर दो, दो बार माफ कर दो, आपकी गलती करने की आदत हो गई है, अब भुगतो।
SCST ACT से मन नहीं भरा OBC एक्ट ले आए तो लो अब हम तुम्हें कोई लायक ही नहीं रखेंगे, तुम्हें विपक्ष में भी बैठने… pic.twitter.com/rcCOB3Y6z2
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल के लिए हमने वीडियो के अलग-अलग स्क्रीनशॉट लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो क्लिप हमें orissa_mirror नाम के इंस्टाग्राम पेज पर 20 दिसंबर 2025 को पोस्ट मिली। वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि वीडियो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पिछले एक दशक से चल रहे कथित झूठे नेशनल हेराल्ड मामले के विरोध में मशाल यात्रा निकाली गई।

ऐसे में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर किए गए एक पुराने कांग्रेस प्रदर्शन के वीडियो को यूजीसी नियमों के खिलाफ पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है।
| दावा | लोग यूजीसी के नए नियमों के विरोध में मोदी और शाह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। |
| दावेदार | तरुण गौतम और अनुज अग्निहोत्री स्वतंत्र |
| निष्कर्ष | यह दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो 20 दिसंबर 2025 का है, जिसमें ओडिशा कांग्रेस नेशनल हेराल्ड मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी। |
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