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अलीगढ़ में भाजपा नेता के घर परीक्षा में नकल करने का मामला 5 साल पुराना है

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सोशल मीडिया पर एक अख़बार की कटिंग वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि अलीगढ़ में एक भाजपा नेता के घर से यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियाँ लिखते हुए 62 लोग पकड़े गए। इस कटिंग के साथ यह दावा भी किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी सवर्णों के हितों के लिए उनके घर पर कॉपियाँ लिखवाती है, जबकि ‘नकल मुक्त परीक्षा’ केवल ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों पर लागू होती है। हालांकि पड़ताल में पता चला कि यह खबर करीब पाँच साल पुरानी है।

बामसेफ एक विचारधारा ने लिखा, ‘भारत का हर दूसरा नागरिक ओबीसी है लेकिन चीफ सेक्रेटरी, चांसलर जैसे पदों पर 3% वाले ही नजर आते हैं.क्योंकि नकल मुक्त एग्जाम, नैतिकता तो केवल ओबीसी एससी-एसटी अल्पसंख्यक के लिए ही होता है!’

Source-X

इसके अलावा यह दावा विवेक मौर्य बागी और प्रीतम प्रजापति ने किया.

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फैक्ट चेक

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने मामले से जुड़े कुछ की-वर्ड्स की मदद से गूगल पर सर्च किया। इस दौरान हमें अमर उजाला की एक रिपोर्ट मिली, जो 23 फरवरी 2018 को प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र के गांव तेवथू में स्थित एक भाजपा नेता और स्कूल प्रबंधक के घर पर प्रशासन ने छापा मारा था। यह छापेमारी एसडीएम शिवकुमार और सीओ सुरेश कुमार मलिक के नेतृत्व में की गई थी, जिसमें 62 लोगों को यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियाँ लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। मौके से सौ से अधिक मुहर लगी हुई अतिरिक्त कॉपियाँ भी बरामद हुई थीं। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया था।

Source- Amar Ujjala

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक राजकुमार शर्मा का घर स्कूल के ठीक सामने स्थित है। प्रशासन को पहले से सूचना मिल रही थी कि राज कुमार शर्मा के साथ रहने वाले व उनके भतीजे भाजपा नेता के घर में यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियां लिखी जाती हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने छापा मारा और घर को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस ने जिस कमरे में कॉपियाँ लिखी जा रही थीं, उसे सीधे घेर लिया। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कॉपियाँ छोड़कर भागने लगे। इस दौरान 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 53 युवक, तीन सॉल्वर, तीन किशोर और तीन युवतियाँ शामिल थीं। पुलिस ने मौके से गनियावली कॉलेज के प्रबंधक रामकुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कॉलेज प्रबंधक का भाई जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय (DIOS) में लिपिक के पद पर कार्यरत है। सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर 59 लड़कों, तीन लड़कियों और कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ नकल अधिनियम और आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 

दावाअलीगढ़ में भाजपा नेता के घर पर परीक्षा की कॉपियाँ लिखी जा रही थीं।
दावेदार बामसेफ एवं अन्य सोशल मीडिया यूजर्स
निष्कर्षवायरल अख़बार कटिंग वर्ष 2018 की है। इस मामले में तत्कालीन समय पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इसका वर्तमान समय से कोई संबंध नहीं है।
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