प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर के दौरे पर हैं। दो साल पहले साल 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह मणिपुर की उनकी पहली यात्रा है। वहीं इस दौरान सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में भारी संख्या में मौजूद लोग नारे लगा रहा हैं। वीडियो को मणिपुर का बताते हुए दावा किया जा रहा है कि मणिपुर की जनता पीएम मोदी का विरोध कर रही है।
डॉ. विलास खत्री ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘मणिपुर की जनता ने मोदी, RSS, भाजपा को नकारा है अब नेपाल जैसा ही जनांदोलन भारत में होने का संकेत है यह!’
बहुजन विचार ने लिखा, ‘मणिपुर की जनता ने मोदी, RSS, भाजपा को नकारा है अब नेपाल जैसा ही जनांदोलन भारत में होने का संकेत है यह!’
वहीं नाजनीन अख्तर ने इसे कोलकाता का बताते हुए लिखा, ‘ये लो कोलकाता में भी #वोटचोर_गद्दीछोड़ का जनसैलाब उमड़ आया, अब जनता को रोक पाना उतना ही मुश्किल है जितना हाथी को चड्डी पहनाना.. इसलिए प्रिय मोदी जी को चाहिए अब प्रेम से गद्दी छोड़ दें, बाकी मोदी जी खुद समझदार है’
वहीं मोहम्मद समीर और दीपक आर्य ने भी इसे कोलकाता में पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का बताकर शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान वीडियो हमें 14 अप्रैल 2025 को तृषा रॉय नाम के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट मिला। यूट्यूब पर इस वीडियो को कोलकाता का बताया गया है। वीडियो को गौर से देखने पर भीड़ में शामिल सभी लोग सिर पर सफेद टोपी लगाये दिख रहे हैं, जिससे प्रतीत हो रहा है कि यह मुसलामानों का जुलूस है। हालांकि इस वीडियो में कहीं भी मोदी विरोधी नारे लगते नहीं सुनाई दे रहे हैं।
पड़ताल में आगे हमें टाइम्स कंटेंट की वेबसाइट पर वायरल वीडियो से मिलती जुलती कुछ तस्वीरें मिली। जिसके मुताबिक, यह तस्वीरें कोलकाता में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ ISF (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) के विरोध प्रदर्शन की हैं। यह प्रदर्शन 14 अप्रैल 2025 को कोलकाता में हुआ था। जिसमें ISF प्रदर्शन के समर्थकों ने वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ बड़ी संख्या में रैली निकाली। यह विरोध मार्च सियालदह स्टेशन क्षेत्र से शुरू होकर रामलीला मैदान तक गया और रोड पर लंबे समय तक ट्रैफिक बाधित रहा।

| दावा | मणिपुर की जनता ने पीएम मोदी का विरोध कर रही है। |
| दावेदार | विलास खत्री, बहुजन विचार, नाजनीन अख्तर |
| निष्कर्ष | मणिपुर की जनता द्वारा पीएम मोदी के विरोध का दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो 14 अप्रैल को कोलकाता में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है। |
