Home अन्य ‘भारतीय उद्योगपति की गिरफ्तारी रोकने के लिए सीजफायर हुआ’ एलन मस्क का वायरल बयान फर्जी है
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‘भारतीय उद्योगपति की गिरफ्तारी रोकने के लिए सीजफायर हुआ’ एलन मस्क का वायरल बयान फर्जी है

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सोशल मीडिया पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के नाम एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि मस्क ने कहा कि भारत पाकिस्तान तनाव के दौरान सीजफायर एक भारतीय उद्योगपति के गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री के साथ किया गया समझौता था। हालांकि हमारी जांच में यह दावा गलत साबित हुआ है। एलन मस्क ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

नाजिया ने लिखा, ‘ये राहुल गांधी का नहीं ऐलन मस्क का बयान है..मोदी जी में हिम्मत है तो इसे खुद नकारें..!!’

शेखर खरे ने लिखा, ‘कुत्ते की पूछ पर पैर रखने से कुता भी इतना नहीं भौंकता जितना अंधभक्त अपने मालिक के खिलाफ सुनकर भौंकने  लगता है,,,!!’

डाक्टर रत्ना पांडेय ने लिखा, ‘ट्रम्प फिर पुतिन और अब मस्क भी…मोदी जी आखिर आप कब बोलेंगे???’

इसके अलावा यह तनवीर रंगरेज, सियाराम सोनी और प्रीति रंजन ने किया.

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फैक्ट चेक

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इससे जुड़े कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। जांच के दौरान हमें एलन मस्क का ऐसा कोई बयान नहीं मिला जिसमें उन्होंने यह कहा हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सीजफायर एक भारतीय उद्योगपति के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रुकवाने के लिए हुआ था।

पड़ताल में आगे हमें NBT द्वारा 10 मई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर लागू हो गया है जिसकी आधिकारिक पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय ने की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह सीजफायर भारत की शर्तों पर हुआ है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने दोपहर करीब 3:30 बजे भारतीय DGMO को फोन कर सीजफायर का अनुरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई। तय हुआ कि शाम 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद की जाएगी। दोनों देशों के DGMO 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सीजफायर को लेकर दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हुई और इसकी पहल पाकिस्तान की ओर से की गई थी।

दावाएलॉन मस्क ने कहा, ‘सीजफायर एक भारतीय उद्योगपति के गिरफ्तारी वारंट को रुकवाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री के साथ किया गया समझौता था।’
दावेदारनाज़िया, शेखर खरे, रत्ना पांडेय और अन्य
निष्कर्षमस्क ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल दावा पूरी तरह फर्जी है। भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर पाकिस्तानी DGMO की पहल पर और भारतीय DGMO की सहमति से हुआ।
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