सोशल मीडिया पर एक भारतीय सैनिक का वीडियो वायरल है। वीडियो में सैनिक रोते हुए थाने में पुलिस द्वारा पिटाई का आरोप लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सिख समुदाय के जवान की जमीन हड़पने के लिए झूठी FIR दर्ज की गई और थाने में उसे पीटा गया।
Pakistan’s Shield नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘मोदी सरकार का असली चेहरा. भारतीय सेना की अपने ही नागरिकों के प्रति क्रूरता, गरीब किसान की जमीन हड़पने के लिए दर्ज की गई झूठी FIR, किया गया अत्याचार जबकि किसान खुद सेना में है और सिख समुदाय से है’

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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 10 अक्टूबर 2020 को प्रकाशित ABP न्यूज़ की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना रायबरेली जनपद में डीह थाना क्षेत्र का है, जहां थाने के एक सिपाही ने फौजी को थाने बुलाकर पिटाई कर दी। दरअसल, डीह थाना क्षेत्र के पूरे धनी गांव के रहने वाले राणा सिंह भारतीय सेना में नौकरी करते हैं। राणा सिंह के परिवार का पड़ोस के रहने वाले शिव प्रकाश विश्वकर्मा से जमीनी विवाद काफी दिन से चला रहा है। इस समय भी दबंगों ने फौजी की जमीन पर जबरन मिट्टी डलवाने लगे। छुट्टी पर आए फौजी ने विवाद खत्म करने का प्रस्ताव रखा लेकिन दबंग शिव प्रकाश ने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए उसकी एक नहीं सुनी और थाने में फर्जी सूचना दे दी।

सूचना पर पहुंचे डीह थाने के सिपाही अनिल कुमार विश्वकर्मा फौजी को थाने ले गए और विपक्षियों के सामने गाली देते हुए उसकी पिटाई कर दी। फौजी ने आरोप लगाया कि यह सारा घिनौना काम गांव के प्रधान रामू मिश्रा ने कराया है। उन्होंने ही फोन करके सिपाही से कहा इसको दो-चार लट्ठ मारो जिससे कि इसकी गर्मी निकल जाए।
वहीं अमर उजाला की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, डीह थाने में फौजी के पिटाई के मामले में एसपी श्लोक कुमार ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
| दावा | सिख समुदाय के जवान की जमीन हड़पने के लिए झूठी FIR दर्ज की गई और थाने में उसे पीटा गया। |
| दावेदार | Pakistan’s Shield |
| निष्कर्ष | भारतीय सैनिक को थाने में पीटने की घटना पांच साल पुरानी है। पीड़ित सैनिक सिख नहीं है। वहीं आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कारवाई हुई थी। |
