सोशल मीडिया पर निर्वस्त्र अवस्था में बैठे एक घायल व्यक्ति की तस्वीर वायरल है। बताया जा रहा है कि इस व्यक्ति का नाम संजय यादव है, जो बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। साथ ही दावा किया जा रहा है कि संजय यादव को राहुल पांडेय और अमन तिवारी नाम के दो व्यक्तियों ने जमकर पिटा और कहा कि “अहीर हो अहीर की तरह रहो, जाओ गाय चराओ, पढ़ने-पढ़ाने का काम हमारा है।”
अनुज इटावा नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय यादव पर जानलेवा हमला!कारण जानकर आप दंग रह जाएंगे, गुंडों ने कहा:”अहीर हो, अहीर की तरह रहो जाओ गाय चराओ पढ़ने-पढ़ाने का काम हमारा है” फिर राहुल पांडेय और अमन तिवारी जैसे दबंगों ने बेरहमी से प्रोफेसर की पिटाई कर दी। क्या यही है “शिक्षा का माहौल” और “समानता का समाज”? आज अगर एक प्रोफेसर सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की क्या हालत होगी?’
🚨 SHOCKING NEWS 🚨
— अनुज इटावा (@Anuj_etawah) August 20, 2025
बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय यादव पर जानलेवा हमला!
कारण जानकर आप दंग रह जाएंगे
गुंडों ने कहा:
👉 "अहीर हो, अहीर की तरह रहो
👉 जाओ गाय चराओ
👉 पढ़ने-पढ़ाने का काम हमारा है"
फिर राहुल पांडेय और अमन तिवारी जैसे दबंगों ने बेरहमी… pic.twitter.com/57Msrn8aih
विमलेश यदुवंशी ने लिखा, ‘फोटो में दिख रहे व्यक्ती संजय यादव जो महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर है राहुल पांडे और अमन तिवारी नामक गुंडो ने इनको मारा l और बोला कि तुम अहीर हो जाकर गाय भैंस चराओ विश्वविद्यालय में आने की तुम्हारी क्या औकात है l तुम लोग अहीर हो अहीर की तरह रहा..’
फोटो में दिख रहे व्यक्ती संजय यादव जो
— Vimal Yaduvanshi (@VimalYaduvans12) August 20, 2025
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर है राहुल पांडे और अमन तिवारी नामक गुंडो ने इनको मारा l और बोला कि तुम अहीर हो जाकर गाय भैंस चराओ विश्वविद्यालय में आने की तुम्हारी क्या औकात है l
तुम लोग अहीर हो अहीर की तरह रहा.. pic.twitter.com/NB4Rfkyi7k
राहुल कुमार यादव ने लिखा, ‘अहीर हो अहीर की तरह रहो, जाओ गाय चराओ, पढ़ने-पढ़ाने का काम हमारा है”- कहकर महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय यादव की राहुल पांडेय और अमन तिवारी जैसे गुंडों ने पिटाई की।’
अहीर हो अहीर की तरह रहो, जाओ गाय चराओ, पढ़ने-पढ़ाने का काम हमारा है"- कहकर महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय यादव की राहुल पांडेय और अमन तिवारी जैसे गुंडों ने पिटाई की। pic.twitter.com/zXJeeUzj0p
— Rahul Kumar Yadav (@RahulKu12597869) August 20, 2025
वहीं आशुतोष यादव ने भी इसी दावे के साथ एक्स पर शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें मीडिया विजिल नाम की वेबसाइट पर 17 अगस्त 2018 को इस मामले से संबंधित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, मोतिहारी सेंट्रल युनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर संजय कुमार को उनके घर से निकालकर गुंडों ने बुरी तरह पीटा। उनके कपड़े फाड़ दिए गए और ज़िंदा जला देने की धमकी दी गई। संजय कुमार ने इस संबंध में थाने में जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन और दैनिक भास्कर अख़बार के ब्यूरो चीफ़ के ख़िलाफ़ बोलने की वजह से ऐसा हुआ। उनके मुताबिक हमलावरों ने उन्हें ज़िंदा जलाने की धमकी देते हुए यह भी कहा है कि बाहरियों को मोतिहारी से भगा दिया जाएगा।

वहीं 18 अगस्त 2018 को प्रकाशित दी लल्लनटॉप की रिपोर्ट में बताया गया है कि संजय कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेई की मौत पर एक विवादित पोस्ट किया था। संजय कुमार फेसबुक पर लिखा कि ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के बाद जब दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, संजय कुमार ने फेसबुक पर दो पोस्ट लिखीं।’ इनमें से एक पोस्ट में संजय कुमार ने लिखा था कि भारतीय फासीवाद का एक युग समाप्त हुआ। अटलजी अनंत यात्रा पर निकल चुके।’

इस पोस्ट के दो घंटे बाद ही संजय कुमार ने एक और पोस्ट लिखी। इसमें लिखा था कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संघी थे, नेहरूवियन नहीं। उनकी भाषण कला ने भारतीय मध्यम वर्ग में हिंदुत्व की राजनीति को एक सेक्सी चीज बनाकर रख दिया। उन्हें नेहरूवियन बुलाना इतिहास की गलत व्याख्या होगी। इसी पोस्ट में संजय कुमार ने पाश की वो मशहूर कविता की लाइन भी लिखी थी, जिसमें पाश ने कहा था कि मैंने उसके खिलाफ लिखा और सोचा है। अगर आज उसके शोक में सारा देश शरीक है तो उस देश से मेरा नाम काट दो!’

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोतिहारी के स्थानीय लोग इस घटना को पूर्व नियोजित मानते हैं। दरअसल, संजय कुमार उन कुछ चुनिंदा शिक्षकों में से हैं, जो विश्वविद्यालय में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे थे। संजय कुमार 29 मई 2018 से ही विश्वविद्यालय की अनियमितताओं के खिलाफ धरने पर थे। इससे पहले भी वो कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। संजय की ये बात यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर डॉक्टर अरविंद कुमार अग्रवाल को कभी पसंद नहीं थी।
पड़ताल में आगे हमें संजय द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत मिली। शिकायत में संजय ने लिखा है कि, ‘मेरे साथ मारपीट के दौरान लगाता ये बोला जाता रहा कि तुम कुलपति के खिलाफ बोलते हो, ज्ञानेश्वर गौतम के खिलाफ बोलते हो, संजय कुमार सिंह के खिलाफ बोलते हो। अभी के अभी इस्तीफा देकर भाग जाओ, नहीं तो शाम तक आकर जिंदा जला देंगे। मुझे मारने के दौरान लगातार कहा गया कि सभी वीसी विरोधी प्रोफेसरों को यहां से भगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।’ इसके साथ-साथ संजय ने अपने विवादित पोस्ट को भी इसकी वजह बताई है। हालांकि, इस शिकायत में ऐसा कहीं भी उन्हें उनकी जाति की वजह से पीटने की बात नहीं लिखी है।

पड़ताल में आगे हमें 19 अगस्त 2018 को प्रक्षिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक सहायक प्रोफेसर संजय कुमार को उनके आवास से खींचकर सड़क पर सरेआम पिटाई मामले में आरोपित दिवाकर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपित जितेन्द्र गिरि को नगर थाने की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
| दावा | बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर संजय यादव को जातिसूचक गालियां देते हुए पिटाई की गई। |
| दावेदार | अनुज, आशुतोष यादव, राहुल यादव व अन्य |
| निष्कर्ष | संजय यादव को पीटने की घटना अगस्त 2018 की है। उन्हें फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट और वीसी के खिलाफ प्रदर्शन करने की वजह से पीटा गया था। वहीं संजय ने भी शिकायत में उन्हें उनकी जाति की वजह से पीटने की बात नहीं कही है। |
