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Home अन्य नोटबंदी के बाद तीन लाख कंपनियों को ताले लगा देने वाला पीएम मोदी का बयान एडिटेड है
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नोटबंदी के बाद तीन लाख कंपनियों को ताले लगा देने वाला पीएम मोदी का बयान एडिटेड है

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सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल है। वायरल वीडियो में पीएम मोदी कह रहे हैं कि नोटबंदी के बाद तीन लाख कंपनियों को ताले लगा दिए। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लाखों करोड़ों परिवारों का रोज़गार छीनने के बाद भी पीएम मोदी खिल्ली उड़ा रहे हैं। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।

कांग्रेस समर्थक अपर्णा अग्रवाल ने एक्स पर इस वीडियो ओ शेयर करते हुए लिखा, ‘लाखों करोड़ों परिवारों का रोज़गार छीनने के बाद भी साहब खिल्ली उड़ा रहे हैं और इनके सामने बैठी अनपढ़ों और जाहिलो की जमात ताली बजा रहीं हैं.! बस इतना ही बदला है भारत 2014 के बाद से’

आम आदमी पार्टी के नेता ओम प्रकाश बिश्नोई ने लिखा, ‘लाखों करोड़ों परिवारों का रोज़गार छीनने के बाद भी साहब खिल्ली उड़ा रहे हैं और इनके सामने बैठी अनपढ़ों और जाहिलो की जमात ताली बजा रहीं हैं.! बस इतना ही बदला है भारत 2014 के बाद से’

अर्चना चौबे ने लिखा, ‘नोटबंदी के बाद 3 लाख कंपनियों को ताला लगा दिया कितने खुश हो रहे हैं? जबकि नोटबंदी से हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी,आज हम विश्व की सबसे बड़ी भुखमरी से गुजर रहे हैं,85 करोड़ लोगों को 5 किलो पर निर्भर कर दिया . ओ दिन दूर नहीं,जब गरीब मध्यम वर्ग के हाथ में कटोरा होगा’

संदीप चौधरी एबीपी न्यूज़ ने लिखा, लाखों करोड़ों परिवारों का रोज़गार छीनने के बाद भी साहब खिल्ली उड़ा रहे हैं और इनके सामने बैठी अनपढ़ों और जाहिलो की जमात ताली बजा रहीं हैं.! बस इतना ही बदला है भारत 2014 के बाद से’

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह के पंच प्यारों को अपना चाचा नहीं बताया, सिखों को भड़काने के लिए भ्रामक दावा वायरल

फैक्ट चेक

पड़ताल में हमने सम्बंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो हमें वायरल वीडियो 30 जनवरी 2019 को पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड मिला। इस वीडियो में ठीक 25:42 मिनट पर वायरल वीडियो को देखा जा सकता है, जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि कोई कल्पना कर सकता था कि काले धन के खिलाफ कोई इतनी बड़ी लड़ाई लड़ सकता है।…. नोटबंदी के बाद तीन लाख कंपनियों को ताले लगा दिए। अगर किसी एक कंपनी को ताला लग जाये तो ये बहुत बड़े पुतले जलाने के कार्यक्रम हो जाते हैं। तीन लाख कंपनियों को ताले लग गए..चूं तक आवाज नहीं आ रही है क्योंकि सब…हर कोई किसी न किसी पाप से डूबा हुआ है। अगर फैसले लेने लिए इरादे साफ और नेक हों तो निर्णय भी किये जाते हैं और परिणाम भी मिलता है।

पीएम मोदी के इस बयान से स्पष्ट होता है कि वो कालेधन के खिलाफ एक्शन को लेकर कम्पनियों को बंद करने की बात कर रहे थे। पड़ताल में हमें यह भी पता चला कि पीएम मोदी ने पहले भी कई बार इस बात का जिक्र किया है। 1 जुलाई 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ICAI के कार्यक्रम में कहा कि नोटबंदी के बाद हुई जांच में तीन लाख से ज्यादा कंपनियों के लेन देन शक के घेरे में हैं। सरकार ने ऐसी करीब एक लाख कंपनियों क खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इनक रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा जिन्होंने गरीबों का पैसा लूटा है उन्हें लौटाना होगा।

वहीं 5 नवम्बर 2017 को प्रकाशित एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पुतला फूंका जाना उन्हें भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई में आगे बढ़ाने से नहीं डरा सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद तीन लाख से अधिक कंपनियां बंद हो गई और 5,000 ऐसी कंपनियों की जांच में 4000 करोड़ रूपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ जबकि अन्य के खिलाफ जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जरा कल्पना कीजिए कि तीन लाख कंपनियों के फर्जीवाड़े की राशि क्या होगी। इनमें से कुछ कंपनियों ने करोड़ों रूपयों के कालेधन का कारोबार किया होगा लेकिन उनके कार्यालयों में सिर्फ दो कुर्सियां और एक मेज थी।

वहीं 15 अगस्त 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आजादी के 71वें साल के मौके पर लाल किला से कहा कि उनकी सरकार ने न सिर्फ देश में यह कानून लाने का काम किया बल्कि इसके जरिए 3 लाख कंपनियों पर नकेल भी कसी जिससे देश में कालेधन का संचार रुके और और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विरासत में ऐसी सरकार मिली थी जो बुरी तरह भ्रष्टाचार के चंगुल में फंसी थी। उनकी सरकार ने दिल्ली में माहौल को बदलने का काम किया है. यह उनके सरकार की उपलब्धि है कि अब दिल्ली में सत्ता के गलियारों में पॉवर ब्रोकरे नहीं देखे जाते।

असल में पीएम मोदी जिन कम्पनियों की बात कर रहे हैं, उन कागजी कंपनियों को शैल कंपनी कहा जाता है क्योंकि ये कंपनियां केवल कागज पर मौजूद होता हैं। इस सम्बन्ध में और अधिक जानने के लिए हमे दैनिक जागरण की रिपोर्ट की मदद ली। इस रिपोर्ट के मुताबिक शेल कंपनियां कागजों पर बनी ऐसी कंपनियां होती हैं जो किसी तरह का आधिकारिक कारोबार नहीं करती हैं। इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है। इन कंपनियों के संचालन की बात की जाए तो इनमें किसी तरह का कोई काम नहीं होता, इनमें केवल कागजों पर एंट्रीज दर्ज की जाती हैं। इनका इस्तेमाल ब्लैकमनी को कम से कम खर्च में वाइट बनाने में किया जाता है। इन कंपनियों में टैक्स को पूरी तरह से बचाने या कम से कम रखने की व्यवस्था होती है। इसमें पूरे पैसे को एक्सपेंस के तौर पर दिखाया जाता है, जिससे टैक्स भी नहीं लगता है।

निष्कर्ष: पड़ताल से स्पष्ट है कि पीएम मोदी भ्रष्टाचार और संदिग्ध लेन-देन में लिप्त 3 लाख कंपनियों पर नकेल कसने के बारे में बात कर रहे थे। लाखों करोड़ों परिवारों का रोज़गार छीनने के बाद भी उनकी खिल्ली उड़ाने का दावा भ्रामक है।

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