सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘आज के समय में 100 में से मुस्किल से दो-चार लड़कियां ही पवित्र होती हैं, बाकी सभी ब्वॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी हुई हैं।’ दावा किया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज ने महिलाओं के चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी की है लेकिन पुरुषों को कुछ नहीं कहा।
रविंदर सिंह शेओरन ने लिखा, ‘”सौ में सिर्फ चार लड़कियां पवित्र होती है” बाबा ये भी जानते होंगे कि पुरुष कितने पवित्र होते हैं’
शिवानी साहू ने लिखा, ‘पवित्रता को लेकर सिर्फ महिलाएं ही निशाने पर क्यों होती हैं? जिन पुरुषों से उनके संबंध होते हैं क्या वह पवित्र होते हैं? वह भी तो अपवित्र हुए!’
डॉक्टर शीतल यादव ने लिखा, ‘प्रेमानन्द जी महाराज का विवादित बयान:- “सौ में सिर्फ चार लड़कियां पवित्र होती है” मैं प्रेमानंद महाराज से पूछना चाहती हूं पवित्रता को ये किस आधार पर आंक रहे हैं और आज के समय में कितने पुरुष पवित्र हैं?’
वहीं उमिता वाजेपयी ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
इस दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान इसका पूरा वीडियो हमें दिनेश नाम के एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला। वीडियो में एक महिला प्रेमानंद जी से सवाल करती हैं कि ‘आजकल के समय में बच्चें माता- पिता की पसंद से शादी करें या अपनी पसंद के, लेकिन उसके परिणाम अच्छे नहीं आते। ऐसे में क्या करें?’
इसके जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा, ‘अच्छे परिणाम कैसे आएंगे? क्योंकि चरित्र पवित्र नहीं हैं। हमारे पहले की माताओं-बहनों के रहन-सहन देखो… आज बच्चे-बच्चियां कैसी पोशाकें पहन रहे हैं? कैसा आचरण कर रहे हैं? एक लड़के से ब्रेकअप, दूसरे से व्यवहार, फिर दूसरे से ब्रेकअप फिर तीसरे से व्यवहार। व्यवहार व्यभिचार में परिवर्तित हो रहा है। ‘मान लो हमें 4 होटल के भोजन खाने की आदत पड़ गई है तो घर की रसोई का भोजन अच्छा नहीं लगेगा। जब 4 पुरुष से मिलने की आदत पड़ गई है तो एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रह जाएगी। ऐसे ही जब 4 लड़कियों से व्यभिचार करता है तो अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहेगा। उसे 4 से व्यभिचार करना पड़ेगा, क्योंकि उसने आदत बना ली है। हमारी आदतें खराब हो रही हैं। यह सब मोबाइल चल गया। गंदी बातें चल रही हैं। आजकल अच्छी बहू मिलना या पति मिलना बड़ा मुश्किल है। 100 में कोई 2-4 कन्याएं ऐसी होंगी जो अपना पवित्र जीवन रखकर पुरुष को समर्पित होती होंगी। कैसे वो सच्ची बहू बनेगी? जो 4 लड़कों से मिल चुकी होगी। जो 4 लड़कियों से मिल चुका होगा, वह कैसे सच्चा पति होगा?’
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा, ‘हमारा भारत देश धर्म प्रधान देश है। हमारे देश में गलतियां घुस गई हैं। विदेशी माहौल घुस गया। यह लिव इन रिलेशन क्या है? गंदगी का खजाना। हमारे यहां पवित्रता के लिए जान दे दी जाती थी। जब मुगलों का आक्रमण हुआ तो पवित्रता के लिए जान दे दी लेकिन शरीर छूने नहीं दिया। अपने पति के लिए प्राण देने की भावना हमारे देश में रही है। हमारी जान चाहे चली जाए लेकिन पति का बाल बाका न हो और यहां पतियों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है। यहां पत्नी को प्राण माना गया है, अर्धांगिनी माना गया है। यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि व्यभिचार हो रहा है।’
प्रेमानंद महाराज कहा कि अगर आज के समय में कोई पवित्र मिल जाए तो उसे भगवान का वरदान समझिए। उन्होंने कहा, ‘ब्याह हुआ तो पूरे गांव के देवी-देवताओं का पूजन होता था। बुजुर्गों के आशीर्वाद लिए जाते थे। तब गृहस्थ घर में जाते थे। आज पहले ही व्यभिचार करके बैठे हुए हैं, गंदे आचरण करके बैठे हुए हैं, क्या जानें उस पवित्र धारा को, क्या मानेंगे पाणिग्रहण को। जिस पति ने पाणिग्रहण कर लिया, उसके लिए जीवन समर्पित किया जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा भारत देश है, विदेश नहीं है कि आज इसके साथ, कल उसके साथ, परसों उसके साथ। सबसे बड़ी समस्या यह है कि बच्चे-बच्चियां ही अब पवित्र नहीं हैं। अगर किसी तरह से पवित्र मिल जाएं तो भगवान का वरदान समझो।’ प्रेमानंद ने आखिर में कहा, ‘हम कहते हैं कि जो बचपन में गलती हो गई, हो गई लेकिन ब्याह होने के बाद तो सुधर जाओ। बड़ा विचित्र समय है।’
| दावा | प्रेमानन्द महाराज का महिलाओं पर विवादित बयान। आज के समय में कितने पुरुष पवित्र हैं? |
| दावेदार | शीतल यादव, रविंदर सिंह व अन्य |
| निष्कर्ष | प्रेमानन्द महाराज ने महिलाओं और पुरुष दोनों के लिए एक समान बात कही हैं। उन्होंने कहा कि महिला-पुरुषों की आदत खराब हो रही हैं, आजकल अच्छा बहू और पति मिलना मुश्किल है। |
