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ब्राह्मण परशुराम ने हम क्षत्रियों का 21 बार विनाश किया… राजनाथ सिंह का यह बयान फर्जी है

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सोशल मीडिया पर न्यूज़18 की एक न्यूज़ कटिंग वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि राजनाथ सिंह ने कहा — ‘सनातन धर्म में ही एक ही ब्राह्मण परशुराम ने हम क्षत्रियों का 21 बार विनाश हुआ, फिर भी हम चुप रहते है, इसलिए द्रविड़ों और शूद्रों को भी चुप रहना चाहिए।’ हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है।

अनिल कुमार मौर्य ने लिखा, ‘ इस बंदे को तो माफी मांगनी चाहिए पूरे समाज के लिए घटिया सोच रखता है खास तौर से अपने  समाज यानी राजपूतों से.’

रामेंद्र हिन्दुस्तानी ने लिखा, ‘यह क्या कह रहे हैं आप राजनाथ सिंह जी,हमें डॉ बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान के अनुच्छेद 19 बोलने का मौलिक अधिकार दिया है। ठीक है राजनाथ सिंह जी?’

अनीता यादव ने न्यूज़ क्लिपिंग शेयर करते हुए लिखा, ‘समझ नहीं आ रहा कि इस बयान पर मैं क्या कहूं!’

फैक्ट चेक

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने मामले से जुड़े प्रमुख कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें न्यूज़18 द्वारा 4 सितंबर 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान पर डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की आलोचना की थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि उदयनिधि स्टालिन को देश से माफी मांगनी चाहिए। 

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमें ‘द ट्रिब्यून’ द्वारा 4 सितंबर 2023 को प्रकाशित एक यूट्यूब वीडियो भी मिला। इसमें राजनाथ सिंह राजस्थान के जैसलमेर में एक जनसभा को संबोधित करते नजर आते हैं। अपने भाषण में उन्होंने कहा,“सनातन धर्म पर चोट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, और यह INDIA गठबंधन के लोगों द्वारा किया जा रहा है। डीएमके ने सनातन धर्म पर हमला किया है और कांग्रेस चुप्पी साधे बैठी है। मैं गहलोत जी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी से पूछना चाहता हूं कि उनकी सनातन धर्म को लेकर क्या सोच है? सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है। यह चिरकालिक और नूतन है, जिसका न कोई जन्म है, न कोई अंत। संपूर्ण विश्व को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देने वाला धर्म यदि कोई है, तो वह सनातन धर्म है। चिटियों को आटा खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना करना और नाग पंचमी पर नाग को दूध पिलाकर उनकी कुशलता की कामना करना, यह सब सनातन धर्म की परंपराएं हैं।”

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को अपने बयान पर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सनातन धर्म जातिवाद या भेदभाव नहीं सिखाता, बल्कि समस्त ब्रह्मांड में एकता और समानता का संदेश देता है।

दावाराजनाथ सिंह ने कहा कि सनातन धर्म में क्षत्रियों का 21 बार विनाश हुआ, फिर भी हम चुप रहे, इसलिए द्रविड़ों और शूद्रों को भी चुप रहना चाहिए।
दावेदारअनिल कुमार मौर्य, रामेंद्र हिन्दुस्तानी और अनीता यादव
निष्कर्ष राजनाथ सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। वायरल हो रही अखबार की कटिंग फर्जी है। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में केवल सनातन धर्म की महानता और सार्वभौमिकता पर बात की थी।

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