सुप्रीम कोर्ट की मंज़ूरी के बाद इच्छामृत्यु के लिए हरीश राणा को एम्स में शिफ्ट किया गया है। करीब 13 साल से वेजिटेटिव स्टेट में रह रहे हरीश के मामले में अब डॉक्टरों की निगरानी में प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि उन्हें लंबे समय से चल रहे असहनीय कष्ट से राहत मिल सके। इसे अदालत की अनुमति से भारत के पहले इच्छामृत्यु मामलों में गिना जा रहा है। वहीं इस बीच सोशल मीडिया पर हरीश राणा की मृत्यु के बाद का बताकर एक वीडियो वायरल है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह वीडियो भ्रामक निकला।
राधा मीणा ने एक्स पर लिखा, ‘भारत के इतिहास में पहली इच्छा मृत्यु का नया वीडियो जारी……. हरीश राणा ने किए अंग दान, भाई ने 5 अन्य लोगों का जीवन बना दिया।’
भारत के इतिहास में पहली इच्छा मृत्यु का नया वीडियो जारी…….
— Radhe Meena (@Radhemahwa) March 16, 2026
हरीश राणा ने किए अंग दान, भाई ने 5 अन्य लोगों का जीवन बना दिया। pic.twitter.com/gGFjvyHgZP
कपिल बिश्नोई ने लिखा, ‘हरीश राणा…. 13 साल तक ज़िंदगी के लिए जद्दोजहद करता रहा… अंत में इच्छा मृत्यु के फ़ैसले से दुनिया को कहा अलविदा… लेकिन जाते जाते भी अंगदान से कई लोगों को दे गया नई ज़िंदगी.. आँखें, लीवर, किडनी जैसे आधा दर्जन अंग कई लोगों को नई ज़िंदगी देंगे…’
हरीश राणा….
— kapil bishnoi (@Kapil_Jyani_) March 16, 2026
13 साल तक ज़िंदगी के लिए जद्दोजहद करता रहा…
अंत में इच्छा मृत्यु के फ़ैसले से दुनिया को कहा अलविदा…
लेकिन जाते जाते भी अंगदान से कई लोगों को दे गया नई ज़िंदगी..
आँखें, लीवर, किडनी जैसे आधा दर्जन अंग कई लोगों को नई ज़िंदगी देंगे… pic.twitter.com/0KBZjp9N5I
JDM news ने लिखा, ‘खुद हारे जिंदगी से,लेकिन लोगों को देंगे जिंदगी हरीश ! हरीश राणा के कई अंग किए जाएंगे दान’
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फैक्ट चेक
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो हमें 26 जनवरी 2026 को BS9 News नाम के फेसबुक पेज पर पोस्ट मिला। जिसमें सूरत की रीताबेन कोराट नामक महिला द्वारा अंगदान कर 5 लोगों को नई ज़िंदगी देने की बात बताई गई है।

मिली जानकारी से कीवर्ड सर्च करने पर हमें दिव्य भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत की रहने वाली रीताबेन कोराट ने अपनी मृत्यु के बाद अंगदान कर मानवता की मिसाल पेश की। उनके इस फैसले से पांच लोगों को नया जीवन मिला। डॉक्टरों के अनुसार, रीताबेन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद परिवार ने साहसिक निर्णय लेते हुए उनके अंग दान करने की सहमति दी। अंगदान के तहत उनके हृदय, लिवर, किडनी और अन्य अंग जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किए गए, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

वहीं NDTV के मुताबिक, गाजियाबाद के हरीश राणा अभी जीवित हैं। वह इस वक्त एम्स में हैं। एम्स-दिल्ली ने हरीश राणा को ‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए प्रोटोकॉल शुरू कर दिया है। संबंधित सूत्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया में लगभग दो से तीन सप्ताह लगेंगे।
| दावा | हरीश राणा की मृत्यु के बाद का वीडियो वायरल। |
| दावेदार | राधा मीणा, कपिल बिश्नोई व अन्य |
| निष्कर्ष | वायरल वीडियो सूरत की रीताबेन कोराट नामक महिला का है। वहीं हरीश राणा अभी जीवित हैं। वह इस वक्त एम्स में हैं। ‘निष्क्रिय इच्छामृत्यु’ की प्रक्रिया में लगभग दो से तीन सप्ताह लगेंगे। |
