Home अन्य ललितपुर में एसओ द्वारा किशोरी से दुष्कर्म का मामला तीन साल पुराना है
अन्य

ललितपुर में एसओ द्वारा किशोरी से दुष्कर्म का मामला तीन साल पुराना है

Share
Share

सोशल मीडिया पर एक अखबार में छपी खबर की कटिंग वायरल है। खबर के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर में गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने आई एक किशोरी के साथ एसओ ने दुष्कर्म किया। इस घटना को हाल ही का बताकर जमकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह मामला पुराना निकला।

यूपी कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में व्याप्त महाजंगलराज की एक और तस्वीर देखिए। गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने आई एक किशोरी के साथ एसओ ने दरिंदगी कर दी। किशोरी चीखती रही-चिल्लाती रही, लेकिन हैवान एसओ का दिल नहीं पसीजा। योगी आदित्यनाथ ने पिछले 8 सालों में पुलिस को लुटेरी, हत्यारी और बलात्कारी बना दिया है। भाजपा के तथाकथित ‘रामराज्य’ में महिलाओं के साथ हैवानियत की पराकाष्ठा पार हो चुकी है। नवरात्रि में कन्याओं के पैर पूजने वाले योगी आदित्यनाथ पुलिस की बर्बरता की शिकार हुई इस कन्या के बारे में कुछ बोलेंगे भी या नहीं?’

अशोक बुद्ध ने लिखा, ‘तिलकधारी सरोज पुलिस इंस्पेक्टर और आरोपी बलात्कारी बाद में है पहले ब्राह्मण है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो फिर जनता किससे उम्मीद करेगी ? UP ललितपुर में नाबालिग से थाने में ही रेप…..गैंगरेप की शिकायत को पहुँची बच्ची से एसओ ने की दरिंदगी !!’

वहीं नीलम वैश सिंह ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में व्याप्त महाजंगलराज की एक और तस्वीर देखिए। गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने आई एक किशोरी के साथ एसओ ने दरिंदगी कर दी। किशोरी चीखती रही-चिल्लाती रही, लेकिन हैवान एसओ का दिल नहीं पसीजा। योगी आदित्यनाथ ने पिछले 8 सालों में पुलिस को लुटेरी, हत्यारी और बलात्कारी बना दिय’

यह भी पढ़ें: सुल्तानपुर में प्राइमरी टीचर द्वारा स्कूल में रील बनाने का दावा भ्रामक है

फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 4 मई 2022 को प्रकाशित ABP न्यूज़ और दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पाली थाने के एसएचओ पर गैंगरेप पीड़िता ने रेप का आरोप लगाया था। नाबालिग की मां ने तहरीर में लिखा कि गांव के चार युवकों द्वारा 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भोपाल ले गए थे। जहां 3 दिन तक उसका बलात्कार किया गया। उसके बाद उसे थाने के पास  छोड़ कर चले गए थे। लड़की की मौसी पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए थाने ले गई, जहां मौसी द्वारा नाबालिग को थाना अध्यक्ष के पास छोड़ दिया गया। वहीं थानाध्यक्ष ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस अधीक्षक द्वारा इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया।

वहीं 19 मई 2024 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। जमानत खारिज की अपील सुप्रीम कोर्ट में डाली गई, जहां तीन मई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को खारिज कर दिया और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

दावा ललितपुर में गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने आई एक किशोरी के साथ एसओ ने दुष्कर्म किया।
दावेदार यूपी कांग्रेस, अशोक बुद्धा व अन्य
निष्कर्ष गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने आई एक किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला साल 2022 का है। इस मामले में आरोपियों पर कारवाई हुई थी। वहीं एसओ को भी सस्पेंड कर जेल भेज दिया गया था।
Share