सोशल मीडिया पर एक प्राइमरी स्कूल के सामने डांस करते हुए एक महिला का वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक प्राइमरी स्कूल का है, जहां स्कूल की टीचर बच्चों को पढ़ाने के बजाय रील बना रही हैं। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
सुशिल रावत ने एक्स पर वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल अब “रील मॉडल” बन गया है। सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई से ज़्यादा ज़ोर रील बनाने पर है—टीचर्स कैमरा एंगल सेट कर रहे हैं, बच्चे पढ़ाई छोड़कर फिल्टर में मुस्कुरा रहे हैं। 60 लाख छात्रों का भविष्य अब ‘वायरल’ पर टिका है। ब्लैकबोर्ड पीछे छूट गया है, रिंगलाइट आगे निकल गई है। क्लासरूम अब Content Studio बन चुका है। शिक्षा नहीं, Engagement Rate मापा जा रहा है। विकास के इस रील मॉडल में— ज्ञान नहीं, Reel views गिनती जा रही है। और सवाल पूछो तो जवाब आता है— “देखिए, हमने सोशल मीडिया पर स्कूल चमका दिया है’
उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल अब "रील मॉडल" बन गया है।
— Sushil Rawat (@Sushil_Rawat12) May 6, 2025
सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई से ज़्यादा ज़ोर रील बनाने पर है—टीचर्स कैमरा एंगल सेट कर रहे हैं, बच्चे पढ़ाई छोड़कर फिल्टर में मुस्कुरा रहे हैं।
60 लाख छात्रों का भविष्य अब ‘वायरल’ पर टिका है।
ब्लैकबोर्ड पीछे छूट गया… pic.twitter.com/U4KCJKY0O4
ओमकार यादव ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल “रील मॉडल” बन गया है। ये मैडम सुल्तानपुर में पोस्टेड है।@basicshiksha_up महोदय इसे लोग विभाग की छवि धूमिल कर रहे है ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।’
उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल "रील मॉडल" बन गया है। ये मैडम सुल्तानपुर में पोस्टेड है। @basicshiksha_up महोदय इसे लोग विभाग की छवि धूमिल कर रहे है ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। pic.twitter.com/uFZyrb7rbk
— Omkar Yadav (@OmkarYa41217045) May 6, 2025
मुकेश कुमार वर्मा ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल “रील मॉडल” बन गया है। ये मैडम सुल्तानपुर में पोस्टेड है।’
उत्तर प्रदेश का प्राइमरी शिक्षा मॉडल "रील मॉडल" बन गया है।
— Mukesh Kumar Verma (@mukeshdeshka) May 6, 2025
ये मैडम सुल्तानपुर में पोस्टेड है। pic.twitter.com/cjcW6QNO3e
वहीं खुरपेंच सटायर, प्रेरणा यादव और सुहिल आजाद ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
फैक्ट चेक
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो में दिख रही महिला के कई वीडियो डिम्पल सिंह नाम के एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड मिले। डिम्पल सिंह के यूट्यूब चैनल पर अपलोड कई वीडियो में पीछे प्राइमरी स्कूल को देखा जा सकता है।

वहीं डिम्पल ने अपने एक ब्लॉग में बताया है कि यह स्कूल उनका नहीं है। वह केवल यहां वीडियो बनाने के लिए आती हैं।
हमे उनके वीडियो में दिख रहे स्कूल पर ‘यू डायस कोड’ (यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) दिखा। यह एक 11 अंकों का कोड है, जिसमें स्कूल की सभी जानकारी होती है। इस कोड की मदद से हमें स्कूल की जानकारी मिली। जिसके मुताबिक यह प्राइमरी स्कूल सुल्तानपुर के कुरवां ब्लाक में खदार बसंतपुर गांव का है।

इसके बाद हमने खदार बसंतपुर गांव के प्रधान जय प्रकाश सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रही लड़की का नाम डिम्पल सिंह है। वह इसी गांव में रहती है लेकिन वह प्राइमरी स्कूल की टीचर नहीं है। स्कूल बंद हो जाने के बाद वो रील बनाती हैं, इस सम्बन्ध में उन्हें मना किया जाएगा।
| दावा | सुल्तानपुर में प्राइमरी स्कूल की टीचर बच्चों को पढ़ाने के बजाय रील बना रही हैं। |
| दावेदार | सुशिल रावत, ओमकार यादव, मुकेश कुमार वर्मा व अन्य |
| निष्कर्ष | वायरल वीडियो में दिख रही महिला का नाम डिम्पल सिंह है। जो एक यूट्यूबर हैं। डिम्पल सिंह प्राइमरी स्कूल की टीचर नहीं हैं। |
