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गोरखपुर के ‘बिरयानी बे’ रेस्टोरेंट में युवक द्वारा शाकाहारी खाने में हड्डी मिलाने का दावा झूठा है

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हाल ही में एक रेस्टोरेंट को लेकर विवाद का मामला सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी। एक युवक ने आरोप लगाया कि उसे परोसी गई मंचूरियन डिश में मांस की हड्डी मिली है। बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज से यह दावा किया गया कि युवकों ने जानबूझकर प्लेट में हड्डी का टुकड़ा डालकर हंगामा खड़ा किया था, ताकि खाने का भुगतान न करना पड़े।

नरेंद्र नाथ मिश्रा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘कितने कमीने लोग हो गए हैं।  बिल न देना पड़े इसलिए गोरखपुर में रेस्टोरेंट में वेज खाने में ख़ुद से हड्डी मिला दिया। सीसीटीवी से पकड़ा गया। फुटेज नहीं होता यो सोचें रेस्टारेंट वाले की क्या हालत होती। इन लड़कों को भावना भड़काने का यह आसान रास्ता लगा। लड़कों पर केस हो गया है।’

बिट्टू शर्मा ने लिखा, ‘बेशर्मी आज के युवाओं की आप सुनकर हैरान रह जायेंगे, कैसी कैसी हरकते करते हैँ  गोरखपुर में बिरयानी बे नामक रेस्टोरेंट में 13 लडके आते हैँ.  वेज और नॉन वेज बिरयानी खाते हैँ दबाकर.  बिल देने का टाइम आता है तो एक प्लान बनाते हैँ बचने का.  हड्डी मिलाकर वेज खाने में धर्म भृष्ट होने का शोर मचा देते हैँ.  पुलिस आती है, धक्के मारकर बाहर निकाल देती है’

कविश अजीज ने लिखा, ‘मैनेजर साहब को बुलाइए… धर्म भ्रष्ट करेंगे…वेज में हड्डी निकला है…13 लड़के बिना पैसे दिए फ़्री में खाना खाना चाहते थे। गोरखपुर के शास्त्री चौक पर “बिरयानी बे” नाम के होटल पर पहुंचे। 3 टेबल बुक हुई और दबाकर वेज खाना खाया।प्लानिंग करके आए थे कि बिल नहीं देना है इसलिए साथ में हड्डी लेकर आए थे और प्लेट में हड्डी डाल दिया।होटल मैनेजर ने बहुत समझाया लेकिन जब नहीं माने तो सीसीटीवी चेक हुआ और पता चला की हड्डी यह लड़की अपने साथ लाए थे।फिर पुलिस आई लड़कों को धक्का देकर होटल से बाहर निकाला लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दे पाई है।’

इसके अलावा कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, निम्मो यादव, रोफेल गांधी, अनिल यादव, रिस्की यादव, सौरभ, प्रोफेसर इलाहाबादी, आदिल सिद्दिक्की, अशरफ हुसैन, अनुराग वर्मा, नर्गिस बानो, दी मुस्लिम स्पेस, मक्तूब हिंदी और आर्टिकल 19 ने भी पोस्ट किया है।

फैक्ट चेक

बिरयानी बे’ रेस्टोरेंट में शाकाहारी भोजन में मांस का टुकड़ा मिलने के मामले में पड़ताल के दौरान हमें करीब 14 मिनट की सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। यह वीडियो उस रात का है जब विवाद हुआ था और इसे रेस्टोरेंट के सीसीटीवी कैमरे से रिकॉर्ड किया गया था। इस फुटेज में साफ दिखता है कि एक युवक रेस्टोरेंट कर्मचारी से हरी मिर्च मांगता है, लेकिन कर्मचारी के आने से पहले ही पास की टेबिल पर बैठा युवक सलाद की काली कटोरी से हरी मिर्च निकालकर शशांक को देता है। इसके बाद शशांक पहले रोटी का टुकड़ा खाता है और फिर उसी मिर्च को चबाकर खा जाता है।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि यदि मिर्च की जगह वह ‘हड्डी’ होती, जैसा कि वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है, तो उसे चबाना संभव नहीं होता।

वहीं गोरखपुर पुलिस के आधिकारिक पत्र में पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया है कि 31 जुलाई को रेस्टोरेंट ‘बिरयानी बे’ में शाकाहारी भोजन में मांस का टुकड़ा मिलने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके से सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में लेकर जांच की। जांच में शाकाहारी भोजन करने वाले व्यक्ति की थाली में मांसाहारी भोजन का टुकड़ा मिलना पाए जाने और रेस्टोरेंट संचालक द्वारा बरती गयी लापरवाही एवं भोजन असुरक्षा की दृष्टिगत प्रकरण की जांच विधि प्राराधिकारी खाद्य सुरक्षा, जनपद गोरखपुर से कराये जाने का अनुरोध किया गया है।

पड़ताल के दौरान हमने एक स्थानीय पत्रकार की मदद से घटना में शामिल युवकों से संपर्क किया। हमारी बातचीत शशांक सिंह नामक युवक से हुई, जो उस रात गोरखपुर के ‘बिरयानी बे’ रेस्टोरेंट में मौजूद थे। शशांक ने विस्तार से बताया कि विवाद की रात वह और पंकज वर्मा एक टेबल पर आमने-सामने बैठे थे, जबकि बाकी तीन टेबलों पर उनके अन्य मित्र भोजन कर रहे थे।

शशांक ने बताया, ”मैंने रेस्टोरेंट कर्मचारी से हरी मिर्च मांगी थी, लेकिन उसके आने से पहले ही दूसरी टेबल पर बैठे आकाश शर्मा ने एक युवक के जरिए मुझे मिर्च पकड़ा दी। इसी दृश्य को वीडियो से काटकर वायरल कर दिया गया और यह झूठा दावा किया गया कि उसी दूसरी टेबल से हड्डी आई थी। अगर पूरा वीडियो देखा जाए तो साफ दिखता है कि मैंने उसी मिर्च को रोटी के साथ खाया। अब सोचिए, अगर वो हड्डी होती तो क्या मैं उसे चबा पाता? और फिर मैं हड्डी क्यों खाऊंगा? मैं कोई जानवर नहीं हूँ।”

शशांक के अनुसार, हरी मिर्च खाने की घटना के काफी देर बाद पंकज वर्मा की थाली में हड्डी का टुकड़ा मिला। तब तक न किसी ने पंकज को कुछ दिया था, न उसने खुद कहीं से कुछ उठाया। यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि हड्डी जानबूझकर किसी ने उसकी प्लेट में डाली।

शशांक ने स्पष्ट किया कि इस घटना से पहले भी वे अपने साथियों के साथ ‘बिरयानी बे’ रेस्टोरेंट में कई बार भोजन कर चुके हैं और कभी कोई शिकायत या विवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि शाकाहारी खाने में मांसाहारी टुकड़ा मिला, लेकिन इसके बाद भी रेस्टोरेंट ने अपनी गलती स्वीकारने के बजाय एक अधूरी और भ्रामक वीडियो वायरल कर दी जिससे हमारी छवि खराब हुई। शशांक का यह भी कहना है कि पैसों के लिए हंगामा करने का आरोप सरासर झूठा है और इसे फैलाकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई।

दावा गोरखपुर के रेस्टोरेंट में कुछ युवकों ने वेज खाने में ख़ुद से हड्डी मिलाकर रेस्टोरेंट में हंगामा किया।
दावेदार सुप्रिया श्रीनेत, बिट्टू शर्म कविश अजीज व अन्य
निष्कर्षयुवकों द्वारा वेज खाने में हड्डी मिलाने का दावा गलत है। रेस्टोरेंट द्वारा जारी किया गया वीडियो अधुरा है। पूरा वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक ने अपने मित्र को हड्डी नहीं मिर्च पकड़ाई थी। जिसे रेस्टोरेंट द्वारा एडिट कर भ्रामक रूप से शेयर किया गया।

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