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राजस्थान में स्कूल हादसे में पीड़ितों को मुआवजे में बकरियां देने का दावा गलत है

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राजस्थान के झालावाड़ में बीते 25 जुलाई को एक के पीपलोदी स्थित सरकारी स्कूल का भवन ढह गया था। इस हादसे में छह परिवारों के सात मासूम बच्चों की मौत हो गई थी और दो दर्जन बच्चे घायल हुए थे। वहीं अब इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में भजनलाल की सरकार ने परिजनों को मुआवजे के नाम पर 5-5 बकरियां दी हैं। हालंकि हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।

नर्गिस बानो ने एक्स पर लिखा, ‘राजस्थान मे बकरियो ने किया विरोध प्रदर्शन , झालावाड़ पिपलोदी स्कूल की छत गिरने के बाद सरकार ने परिजनों को मुआवजे मे 5 बकरिया दी , जिसमे सें एक बकरी की मौत हो गयी , बकरिया लेकर शहीद स्मारक जयपुर पर मुआवजे को लेकर प्रदर्शन करते हुए नरेश मीणा,’

हंसराज मीणा ने लिखा, ‘माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी, झालावाड़ के सरकारी स्कूल में 4 मासूम आदिवासी बच्चों की मौत पर आपकी सरकार द्वारा बकरियाँ बाँटकर दी गई तथाकथित “सहायता” ने पूरे आदिवासी समाज को गहरा आहत और अपमानित किया है। यह फैसला न केवल अमानवीय है बल्कि आपकी सरकार की जातिवादी मानसिकता को भी उजागर करता है, जो आज़ादी के 75 साल बाद भी आदिवासियों को बराबरी का नागरिक मानने से इंकार करती है। जब प्रभावशाली और तथाकथित ऊँची जाति के परिवारों पर कोई संकट आता है, तो करोड़ों की आर्थिक सहायता, नौकरी और सम्मानजनक पैकेज तुरंत घोषित कर दिए जाते हैं, लेकिन आदिवासी बच्चों की जान चली जाने पर बकरियाँ बाँटना इस बात का सबूत है कि आपकी सरकार हमारे समुदाय को अब भी नीचा समझती है। मुख्यमंत्री जी, यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा पर सीधा हमला है, और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’

तरुण जाटव ने लिखा, ‘शर्मनाक राजस्थान बन गया है SC ST के लिए नर्क। झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से चार आदिवासी बच्चों की मौत हो गई बदले में सरकार ने उन्हें बकरिया दी है। अगर यही बच्चे सवर्ण होते तो एक एक करोड़ रुपए और एक एक सरकारी नौकरी देती सरकार। मगर बच्चों का गुनाह सिर्फ इतना था कि उन्होंने SC ST में जन्म लिया था।’

वहीं रचना समलेटी, अक्की शेहरा, एक नजर और आमरेंद्रे खलबली नाम के एक्स हैंडल ने इसे शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 12 सितम्बर 2025 को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, युवा नेता नरेश मीणा ने झालावाड़ की सरकारी स्कूल में हादसे के शिकार हुए मासूम बच्चों को न्याय दिलाने के लिए जयपुर में अनशन शुरू किया है। शुक्रवार 12 सितंबर की शाम को नरेश मीणा ने जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक झालावाड़ के बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा। तब तक वे अन्न का एक दाना भी अपने पेट में नहीं जाने देंगे।

दरअसल, 25 जुलाई को झालावाड़ के पीपलोदी स्थित सरकारी स्कूल का भवन ढह गया था। इस हादसे में छह परिवारों के सात मासूम बच्चों की अकाल मौत हो गई थी और दो दर्जन बच्चे घायल हुए थे। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी और परिवार के एक सदस्यों को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की थी। युवा नेता नरेश मीणा का कहना है कि इतनी कम आर्थिक मदद देकर सरकार ने संवेदनहीनता का परिचय दिया है। पीड़ित परिवारों को एक एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग करने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। नरेश मीणा ने शहीद स्मारक पर अनशन शुरू कर दिया है। धरनास्थल पर कई बकरियां भी बांध रखी है। नरेश मीणा ने कहा कि वे पांच बकरियां पीड़ित परिवारों को सौंप कर आर्थिक संबल देने का प्रयास कर रहे हैं।

Source: Navbharat Times

वहीं 13 सितंबर को प्रकाशित NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भजनलाल सरकार ने झालावाड़ स्कूल हादसे में  मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे का प्रावधान किया। सरकार ने प्रत्येक मृतक विद्यार्थी के परिजन को 13 लाख रुपये की सहायता दी। मृतक विद्यार्थियों के परिजनों को संविदा के माध्यम से चिकित्सा विभाग में नौकरी साथ ही जनप्रतिनिधियों की ओर से गांव में 1 करोड़ 85 लाख रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए हैं। वहीं 11 गंभीर रूप से घायल विद्यार्थियों और उनके परिजनों को 1 लाख 36 हजार रुपये और 10 साधारण घायल विद्यार्थियों को 75 हजार 400 रुपये की सहायता दी गई है। इसके साथ ही 11 परिवारों को मुफ्त घरेलू गैस कनेक्शन, एक-एक कैटल शेड, शिक्षण सामग्री, स्कूल बैग, खिलौने और ट्रैक सूट भी वितरित किए गए हैं।

दावाझालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से चार बच्चों की मौत के बदले में राजस्थान सरकार ने पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर बकरियां दी है।
दावेदारहंसराज मीणा, नर्गिस बानो, तरुण जाटव
निष्कर्षझालावाड़ में स्कूल की छत गिरने के बाद राजस्थान सरकार द्वारा पीड़ितों को मुआवजे में बकरियां देने का दावा गलत है। सरकार ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 13 लाख रुपये और नौकरी दी है। पीड़ितों को बकरियां नरेश मीणा ने दी है।

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