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यूपी में दो साल पुरानी मारपीट की खबर ठाकुरों का दलितों पर हमले के भ्रामक दावे के साथ वायरल

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सोशल मीडिया पर एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग लाठी-डंडों से परिवार को पीट रहे हैं। वहीं एक व्यक्ति उनपर बंदूक तानता नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है। जहाँ ठाकुरों ने दलितों की पिटाई कर दी। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

कृषण चौहान ने एक्स पर लिखा, ‘मामला कुछ भी हो इस तरह की दबंगई उचित नहीं है दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।’

अर्यांश ने लिखा, ‘ठाकुरों ने दिनदहाड़े SC समाज के महिला और पुरुषों को घर में घुसकर मारा यूपी में रामराज की झलक आने लगी है।’

अशोक बौद्ध ने लिखा, ‘ठाकुरों ने दिनदहाड़े SC समाज के महिला और पुरुषों को घर में घुसकर मारा यूपी में रामराज की झलक आने लगी है’

वहीं विवेक जहुरिया ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें 10 नवंबर 2023 को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सुल्तानपुर में गोसाईगंज थाना क्षेत्र के महमूदपुर इलाके की है। जहां राजनैतिक रंजिश में विधायक के करीबी व प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह उर्फ रंजय सिंह अपने गुर्गों को लेकर पहुंचा। उसने पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिवराम गौड़ व उनके परिजनों को जमकर पीटा। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

Source: Dainik Bhaskar

वीडियो वायरल होते ही एसपी सोमेन बर्मा ने प्रकरण का संज्ञान लिया। उन्होंने सीओ जयसिंहपुर प्रशांत कुमार को जांच सौंपी है। क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मारपीट में घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। वही स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी प्रधान प्रतिनिधि कूरेभार व गोसाईंगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है।

पड़ताल में इस प्रकरण को लेकर पीड़ित हरिराम गौड़ द्वारा इस मामले में दर्ज एफआईआर कॉपी मिली। एफआईआर में हरिराम ने बताया कि 10 नवंबर 2023 की सुबह संतोष सिंह, चंदन सिंह, बोबी सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह, पारसनाथ सिंह, कमल सिंह, शैलेंद्र सिंह एवं कुलदीप तिवारी समेत कई लोगों ने मिलकर मेरे बेटे किशन पर हमला कर दिया। जब परिवार के अन्य लोग बीच बचाव करने आये तो उन्हें भी पीटा गया जिसमें शिवराम गौड़ बेशोह हो गए। वहीं किशन के हाथ, पैर और सर में गंभीर चोट आई है। इस एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट नहीं लगा है।

पीड़ित हरिराम गौड़ द्वारा दर्ज एफआईआर कॉपी

पड़ताल में हमें एक स्थानीय पत्रकार की मदद एक अन्य मामले में हरिराम गौड़ के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर कॉपी मिली। एफआईआर में गाँव के ही हरिश्चंद्र नाम के व्यक्ति ने बताया कि 10 जनवरी 2025 को वह अनिल सिंह के यहां लकड़ी चीरने गया था। इसी दौरान वहां हरिराम और अश्विनी वहां पहुंचे और उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए कहा कि मैंने तुम्हें अपने यहां काम करने को बुलाया था, लेकिन तुम नहीं आये। हरिश्चंद्र ने कहा कि पहले मैं अनिल सिंह का काम कर लूं उसके बाद आपका काम करूंगा। इतने में दोनों ने हरिश्चंद्र की पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में हरिराम के खिलाफ SC/ST एक्ट में मामला दर्ज हुआ है। जाहिर है कि गौड़ पक्ष अगर एससी-एसटी वर्ग से होता तो उसके खिलाफ इन धाराओं में केस दर्ज नहीं होता।

हरिराम के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर
दावाउत्तर प्रदेश में ठाकुरों ने दिनदहाड़े SC समाज के महिला और पुरुषों को घर में घुसकर मारा।
दावेदारअशोक बुद्धा, कृष्ण चौहान व अन्य
निष्कर्षउत्तर प्रदेश में ठाकुरों द्वारा दलितों पर हमला करने का दावा भ्रामक है। इस मामले पीड़ित पक्ष दलित समुदाय से नहीं है।

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