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Home hate crime मध्य प्रदेश में ऊँची जाति के सरपंच के बोरवेल से पानी पीने पर दलित युवक की हत्या का दावा भ्रामक है
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मध्य प्रदेश में ऊँची जाति के सरपंच के बोरवेल से पानी पीने पर दलित युवक की हत्या का दावा भ्रामक है

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का वीडियो वायरल है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि बोरवेल से पानी पीने पर गाँव के उच्च जाति के सरपंच ने दलित युवक नारद की पीट-पीटकर हत्या कर दी। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।

रजत मौर्य ने इस मामले को एक्स पर शेयर कर लिखा, ‘मध्यप्रदेश: गुंडों का राज। MP में चमार समाज के खिलाफ अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताज़ा घटना सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव की है। यहां नारद चमार, जो अपने मामा के घर आए थे, को सिर्फ इसलिए दबंग सरपंच ने मार डाला क्योंकि उन्होंने उसके बोरवेल से पानी ले लिया था। क्या यही है बीजेपी के रामराज्य की हकीकत?’

ट्राइबल आर्मी ने लिखा, ‘मध्य प्रदेश में एक दुखद और भयावह घटना सामने आई है, जहाँ एक दलित युवक को सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मार दिया गया क्योंकि उसने बोरवेल से पानी पी लिया था। यह जघन्य कृत्य जाति-आधारित भेदभाव और हिंसा को रेखांकित करता है जो 21वीं सदी में भी भारतीय समाज को प्रभावित कर रहा है। हाशिए पर पड़े समुदायों के खिलाफ़ इस तरह की अमानवीय हरकतें दलितों की सुरक्षा के लिए कानूनों के सख्त क्रियान्वयन और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती हैं। यह घटना दलितों द्वारा झेले जा रहे व्यवस्थागत उत्पीड़न और बुनियादी मानवीय गरिमा और न्याय को बनाए रखने में समाज की लगातार विफलता की एक गंभीर याद दिलाती है।’

सुनातन ने लिखा, ‘एक उच्च जाति के हिंदू नेता ने एक दलित युवक (निचली जाति) की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसने बोरवेल से पानी पी लिया था, यह घटना मध्य प्रदेश की है।’

पाकिस्तान हिंदी ने लिखा, ‘आज मध्य प्रदेश में एक ब्राह्मण सरपंच द्वारा एक दलित युवक की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ब्राह्मण के नल से पानी पीने पर एक दलित युवक को एक ब्राह्मण सरपंच समेत आठ ब्राह्मणों ने लाठियों से प्रताड़ित किया जिससे दलित युवक की मौत हो गई. भारत में अल्पसंख्यकों और निचली जाति के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन एक आदर्श बन गया है। हिंदू दलित समुदाय अपनी निम्न जाति के कारण असमानता और ब्राह्मण हिंसा जैसी समस्याओं से पीड़ित है।’

वहीं ओपी पटेल ने लिखा, ‘दुनिया कब बदलेगी? एक तरफ जहां एक रहने का नारा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उन्हीं को एक होने के बाद अपने ही काट रहे हैं। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना के इंदरगढ़ गांव में दलित युवक जो की अपनी रिश्तेदारी में आया था गांव के सरपंच के बोरवेल से महज पानी ही पिया था। और ये जुर्म चूंकि अफगानिस्तान में किया गया था तो भाजपा की बुलडोजर नीति का हवाला देते हुए उसे मौके पर ही लाठी डंडे से पीट कर मार डाला गया। सवाल ये उठता है कि ये दुर्दांत हत्या किस को संतुष्टि देगी? मौत देख कर खुश होते देश को या देश का ध्रुवीकरण करते जा रहे भाजपा नित सरकार को!’

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अनुपम दुबे पर ब्राह्मण होने की वजह से कार्रवाई हुई? यह दावा गलत है

फैक्ट चेक

पड़ताल में हमने सम्बन्धित कीवर्ड्स को गूगल पर सर्च किया। इस दौरान हमें 29 नवंबर को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। दैनिक ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि ग्वालियर जिले के मोहना ‎थाना क्षेत्र के देरार गांव निवासी हल्केराम जाटव ने जमीन का कुछ हिस्सा सरपंच पदम धाकड़ को बेच दिया था। जमीन सटी होने के चलते करीब 15 साल पहले सरपंच पदम धाकड़ के परिवार और हल्केराम ने मिलकर एक बोर खुदवाया था। दोनों परिवार खेत और पीने के पानी के लिए इसी बोरवेल का उपयोग करते हैं।

करीब डेढ़ साल पहले हल्केराम की मौत हो गई। हल्केराम जाटव की धनुबाई जाटव से शादी हुई थी। धनुबाई की यह दूसरी शादी थी पहले पति से उसे तीन बेटे करन सिंह, रघुवीर सिंह और मनीराम हुए। वहीं, हल्केराम से शादी के बाद उसे तीन बेटियां शीला जाटव, सूफिया और रामवती हुई। हल्केराम ने अपने सौतेले बेटों की जगह अपनी करीब 4 बीघा जमीन तीनों बेटियों के नाम कर दी। नारद हल्केराम की बेटी शीला जाटव का बेटा था। वह अपने हिस्से की जमीन की देखरेख के लिए नाना के यहां आया करता था। हल्केराम खुद जमीन की देखरेख करते थे लेकिन उनकी मौत के बाद बेटियों के नाम की गई जमीन को बटाई पर लेकर बेटे खेती कर रहे थे। इस साल भाइयों को जमीन न देकर सरपंच पदम धाकड़ को बटाई से दे दी थी। सरपंच ने इस जमीन पर सरसों की फसल उगाई थी, जिसे देखने नारद आया करता था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना वाले दिन नारद जब खेत में पहुंचा तब उसे देखा कि सरसों की फसल को पानी की जरूरत है। तब साझे वाले बोर से सरपंच पदम अपने खेत में पानी दे रहा है। नारद ने एक पाइप अपने खेत पर लगा दिया। पानी का फोर्स बहुत कम था। सरपंच के उसके खेत में सिंचाई न कर अपने खेत में सिंचाई करने से नारद गुस्से में आ गया। उसने सरपंच के खेत में पानी की सप्लाई को बंद कर पाइप को तोड़ दिया। इसके बाद नारद जाटव की पीट पीटकर हत्या कर दी गयी।

मृतक के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर।

इस सम्बन्ध में हमे एकस्थानीय पत्रकार की मदद से पीड़ित पक्ष की एफआईआर कॉपी भी मिली। इस शिकायत में मृतक के भाई राजकुमार जाटव ने बताया है कि खेत में लगे बोर से सरपंच नल कनेक्शन नहीं दे रहा था, हमने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस बोर में हमारा भी हिस्सा है, हमारा भी पैसा लगा है। हमे भी कनेक्शन दीजिए। इसके बाद विवाद हो गया और आरोपियों ने नारद की पीट पीटकर हत्या कर दी।

दावा बोरवेल से पानी पर दलित युवक की हत्या।
दावेदार रजत मौर्या, ट्राइबल आर्मी, ओपी पटेल व अन्य
निष्कर्ष दलित युवक की हत्या बोरवेल से पानी पर नहीं, बल्कि खेत में बोरवेल से पानी देने को लेकर हुई थी।

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