सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल है, जिसे इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि एक सवर्ण लड़की की मृत्यु आरक्षण के कारण हुई। लोग यह भी लिख रहे हैं कि उसके गरीब पिता ने उसे पढ़ाने के लिए कर्ज लिय, लेकिन आरक्षण के कारण वह कई बार परीक्षा में फेल हो गई और अंत में निराश होकर उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ है।
आशीष व्यास ने फोटो को शेयर कर एक्स पर लिखा, ”एक और सर्वण बेटी चढ़ी जातिवादी आरक्षण की भेट… बाप गरीब था फिर भी कर्जा लेकर बेटी को पढ़ाई करवाता रहा। लेकिन बेटी जातिवादी आरक्षण के कारण 3 बार असफल हो गई। फिर बेटी भगवान के पास.. ये केसा न्याय है संविधान में जिसमें 35 नम्बर वाला पास और सामान्य वर्ग का छात्र 85 नम्बर लाने के बाद भी फेल।”
एक और सर्वण बेटी चढ़ी जातिवादी आरक्षण की भेट…
— आशीष व्यास (@ashishvyas__) February 18, 2026
बाप गरीब था फिर भी कर्जा लेकर बेटी को पढ़ाई करवाता रहा।
लेकिन बेटी जातिवादी आरक्षण के कारण 3 बार असफल हो गई।
फिर बेटी भगवान के पास..
ये केसा न्याय है संविधान में जिसमें 35 नम्बर वाला पास और सामान्य वर्ग का छात्र 85 नम्बर लाने के… pic.twitter.com/TZdJNIf083
गुफरान आलम ने एक्स पर लिखा, ”उसे लगा वह असफल हो गई, कि पिता की उम्मीदों और कर्ज़ का बोझ वह नहीं उठा पाई। पर सच यह था कि किसी भी पिता के लिए बेटी कभी बोझ नहीं होती—वह उनकी सबसे बड़ी दौलत होती है। एक पल की निराशा ने सब कुछ छीन लिया, और पीछे छोड़ गया सिर्फ़ एक दर्द भरा खत और अधूरे सपने।”
उसे लगा वह असफल हो गई, कि पिता की उम्मीदों और कर्ज़ का बोझ वह नहीं उठा पाई। पर सच यह था कि किसी भी पिता के लिए बेटी कभी बोझ नहीं होती—वह उनकी सबसे बड़ी दौलत होती है।
— GUFRAN ALAM (@sonuofficial315) February 17, 2026
एक पल की निराशा ने सब कुछ छीन लिया, और पीछे छोड़ गया सिर्फ़ एक दर्द भरा खत और अधूरे सपने। pic.twitter.com/61nNQP1ijR
सिंगार पंकज प्यारे ने एक्स पर लिखा, ”पिता 3 lakh का कर्ज लेकर, बेटी का पढ़ाई रुकने नहीं दिया बार-बार असफल होने पर बस इतना चिंता कहां कोई बात नहीं दोबारा पढ़ो पैसे की चिंता मत करो लेकिन बिटिया ने एक चिट्ठी लिखकर हमेशा के लिए विदा ले ली”
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान वायरल तस्वीर से मिलते-जुलते दृश्य हमें Warangal Siddu यूट्यूब चैनल के एक तेलगू गाने में मिले। इस वीडियो को 2 जनवरी 2026 को अपलोड किया गया था।

इस वीडियो में 0:24 सेकंड पर वायरल द्रश्य को देखा जा सकता है।
| दावा | आरक्षण के कारण एक उच्च जाति की लड़की की मृत्यु हुई। उसके गरीब पिता ने उसे पढ़ाने के लिए कर्ज लिया, लेकिन वह कई बार परीक्षा में फेल हो गई और निराश होकर उसने आत्महत्या कर ली। |
| दावेदार | गुफरान आलम, आशीष व्यास और सिंगार पंकज प्यारे |
| निष्कर्ष | यह दावा भ्रामक है। पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर किसी वास्तविक घटना की नहीं है, बल्कि Idisi Yetta Vellave नाम के वीडियो गाने से ली गई है, जो Warangal Siddu YouTube चैनल पर अपलोड किया गया है। |
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