बिहार के नालंदा में सुखदेव ठाकुर नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि सुखदेव ठाकुर ने तिलक में नाई का काम करने से मना किया तो उनके सीने में पांच गोलियां दाग कर हत्या कर दी गयी। सोशल मीडिया पर इस घटना को जातिगत एंगल के साथ शेयर किया जा रहा है। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में श्री सुखदेव ठाकुर जी ने तिलक में नाई का काम करने से मना किया तो उनके सीने में पांच गोलियां दाग कर हत्या कर दी गयी? जाति बनाने वाले दुष्टों ने खुद द्वारा नाई का काम करने का प्रावधान क्यों नहीं किया? जाति बनाने वालों को मैला साफ करने में शर्म क्यों आती है?…’
प्रियांशु कुशवाहा ने लिखा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में श्री सुखदेव ठाकुर जी ने तिलक में नाई का काम करने से मना किया तो उनके सीने में पांच गोलियां दाग कर हत्या कर दी गयी? जाति बनाने वाले दुष्टों ने खुद द्वारा नाई का काम करने का प्रावधान क्यों नहीं किया? जाति बनाने वालों को मैला साफ करने में शर्म क्यों आती है? ऐसी ही निकृष्ट व ओछी सोच-विचार के दुष्ट लोग खुद को जन्मजात सर्वश्रेष्ठ मानते है लेकिन इनके कर्म बहुत ही तुच्छ और नीच है। ऐसे तुच्छ लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।..’
दलित दस्तक ने लिखा, ‘बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में सुखदेव ठाकुर ने तिलक में नाई का काम करने से मना किया तो जातिवादी गुंडों ने उनके सीने में पांच गोलियां दाग कर हत्या कर दी गयी।’
वहीं रोहित कुमार पासवान और अनिरुद्ध सिंह ने भी इसी दावे के साथ पोस्ट किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की जांच के लिए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर सर्च किया। इस दौरान हमें 19 अप्रैल 2025 को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, नालंदा में हर्ष फायरिंग में 70 साल के पुरोहित सुखदेव ठाकुर की मौत हुई है। पुरोहित एक फलदान कार्यक्रम में गए थे। हादसे के बाद मृतक के बेटे प्रमोद शर्मा ने कहा था कि पिता की छत से गिरकर मौत हुई। पुलिस मामले की जांच में जुटी तो पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला। जिसमें देखा जा सकता है कि कार्यक्रम में एक व्यक्ति दो नली राइफल से फायरिंग कर रहा। जांच में पता चला कि बुलेट का छर्रा पुरोहित के पेट-सीना सहित शरीर के 5 हिस्से में लगी थी।

ऐसी चर्चा है कि जिसके घर में फलदान था उन्होंने मृतक के बेटों को झूठी गवाही देने के लिए 3 लाख रुपए का ऑफर दिया गया था। इसलिए बेटों ने हर्ष फायरिंग की बात नहीं बताई। हर्ष फायरिंग करने वाला शख्स गणेश यादव है, जो सेना से सेवानिवृत्त हो चुका है। वर्तमान में आयुध फैक्ट्री राजगीर में गनमैन के रूप में अनुबंध पर कार्यरत है।
पड़ताल में आगे इस घटना पर हमें नालंदा पुलिस का एक प्रेस नोट मिला। एक्स पर नालंदा पुलिस ने घटना का खंडन करते हुए बताया है कि नालंदा के थाना राजगीर छेत्र में एक फलदान कार्यक्रम में के दौरान हर्ष फायरिंग में 70 वर्षीय पुरोहित सुखदेव ठाकुर की मौत हो गई। हर्ष फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान गणेश यादव पुत्र बालक यादव के रूप में हुई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। कुछ मीडियाकर्मियों द्वारा घटना के संबंध में भ्रामक खबर फैलाई जा रही है। नालंदा पुलिस मीडिया में चल रही ख़बरों का खंडन करती है।
| दावा | बिहार के नालंदा में सुखदेव ठाकुर ने तिलक में नाई का काम करने से मना किया तो उनके सीने में पांच गोलियां दाग कर हत्या कर दी गयी। |
| दावेदार | तेजस्वी यादव, प्रियांशु कुशवाहा, दलित दस्तक व अन्य |
| निष्कर्ष | बिहार के नालंदा में तिलक में नाई का काम करने से मना करने पर बुजुर्ग की हत्या का दावा भ्रामक है। असल में बुजुर्ग की मौत हर्ष फायरिंग की वजह से हुई है। हर्ष फायरिंग करने वाला शख्स गणेश यादव है। |
