सोशल मीडिया में लोग दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के रजावली थाना क्षेत्र के गांव कातकी में प्रशासन ने बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा हटा दी। इस मामले को जातिगत रंग भी दिया जा रहा है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया गया।
चंद्रशेखर आजाद ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के जनपद फ़िरोज़ाबाद के थाना क्षेत्र रजावली के गाँव कातकी के प्रवेश द्वार पर लगी संविधान निर्माता परम पूज्य डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा को जातिवादी अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त करके नष्ट कर दिया गया। उसके बाद प्रशासन द्वारा प्रवेश द्वार पर लिखे डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के नाम को भी मिटवा दिया गया। यह घटना डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के आदर्शों, सिद्धांतों और देश के प्रति उनके योगदान का ही अपमान नहीं, बल्कि देश में कुचली जा रही समानता, स्वतंत्रता व सामाजिक न्याय का भी उदाहरण है।…..’
उत्तर प्रदेश के जनपद फ़िरोज़ाबाद के थाना क्षेत्र रजावली के गाँव कातकी के प्रवेश द्वार पर लगी संविधान निर्माता परम पूज्य डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा को जातिवादी अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त करके नष्ट कर दिया गया। उसके बाद प्रशासन द्वारा प्रवेश द्वार पर लिखे डॉ. भीमराव… pic.twitter.com/63LliNdVvW
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) March 16, 2025
प्रियांशु कुमार ने लिखा, ‘आखिर फिरोजाबाद के पुलिस प्रशासन को बाबासाहेब अम्बेडकर से इतनी क्या समस्या है? पहले तो जातिवादियों ने वहां मौजूद बाबासाहेब की प्रतिमा खंडित की और फिर प्रशासन ने बाबासाहेब के नाम को मिटवा दिया। @firozabaddm से कि जल्द सम्मान सहित नाम पुनः लिखवाया जाए।’
आखिर फिरोजाबाद के पुलिस प्रशासन को बाबासाहेब अम्बेडकर से इतनी क्या समस्या है?
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) March 16, 2025
पहले तो जातिवादियों ने वहां मौजूद बाबासाहेब की प्रतिमा खंडित की और फिर प्रशासन ने बाबासाहेब के नाम को मिटवा दिया।@firozabaddm से कि जल्द सम्मान सहित नाम पुनः लिखवाया जाए।।
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रजत कुमार ने लिखा, ‘इतनी नफरत ? क्या किया है बाबा साहब ने महिलाओं को दलित पिछड़े अल्पसंख्यकों हक से जीने का हक दिया ? जनपद फिरोजाबाद के गांव कातकी में गांव के द्वार पर लगी बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा रात के अंधेरे में अराजक तत्वों ने तोड़कर की क्षतिग्रस्त की गई है लेकिन आरोपी गायब है।’
इतनी नफरत ?
— Rajat Kumar (@rajatrampur22) March 8, 2025
क्या किया है बाबा साहब ने महिलाओं को दलित पिछड़े अल्पसंख्यकों हक से जीने का हक दिया ?
जनपद फिरोजाबाद के गांव कातकी में गांव के द्वार पर लगी बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा रात के अंधेरे में अराजक तत्वों ने तोड़कर की क्षतिग्रस्त की गई है लेकिन आरोपी गायब है।… pic.twitter.com/TG5TVnbSYV
इसके अलावा इस दावे को प्रीतम कुमार बौद्ध, भीम बौद्ध, बनवारी लाल आजाद, शिव प्रकाश विश्वकर्मा,और विनय रतन सिंह ने किया.
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फैक्ट चेक
वायरल दावे की पड़ताल करने के लिए हमने मामले से संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया, जिसके बाद हमें दैनिक भास्कर द्वारा प्रकाशित 08 मार्च 2025 की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक फिरोजाबाद के रजावली क्षेत्र के कातिकी ग्राम पंचायत के प्रधान रविकांत ने बिना अनुमति के एक प्रवेश द्वार बनवाया और उस पर ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वार’ लिखवाया। साथ ही, उन्होंने अंबेडकर की मूर्ति भी स्थापित कर दी।

शनिवार सुबह करीब 7 बजे जब ग्राम प्रधान वहां पहुंचे, तो मूर्ति गायब थी। प्रधान ने इसे मूर्ति तोड़े जाने का मामला बताते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी पहुँच गयी। इस दौरान ग्राम प्रधान मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने प्रवेश द्वार पर पेंट कर ‘ग्राम पंचायत कातिकी’ लिखवा दिया। ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पंचायत की जमीन पर अवैध निर्माण और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में ग्राम प्रधान के खिलाफ रजावली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इस सम्बन्ध में हमे ईटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है कि सिंचाई विभाग की जमीन पर ग्राम प्रधान ने बगैर किसी अनुमति के गांव का प्रवेश द्वारा बनवाया है। उन्होंने ही अम्बेडकर प्रतिमा को खंडित करने के बाद गायब करा दिया है। ग्राम प्रधान का यह कार्य शासनादेश और कानून के विपरीत होने के कारण उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पड़ताल में आगे हमें फिरोजाबाद पुलिस का स्पष्टीकरण मिला। फिरोजाबाद पुलिस ने लिखा, ‘प्रकरण में ग्राम प्रधान कातिकी द्वारा ग्राम कातिकी थाना रजावली में सिंचाई विभाग की जमीन पर बिना अनुमति के एक प्रवेश द्वार बनाया गया और बिना अनुमति के ही प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस नियम विरुद्ध किए गए कार्य के संबंध में थाना रजावली पर मु0अ0सं0- 26/2025 सुसंगत धाराओं में पंजीकृत है एवं उपरोक्त प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के संबंध में मु0अ0सं0- 27/2025 भी सुसंगत धाराओं में पंजीकृत है, जिसमें साक्ष्य संकलन की कार्यवाही प्रचलित है।’

इसके बाद हमने गांव के प्रधान रविकांत से सम्पर्क किया। रविकांत ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने आपसी सहयोग से प्रवेश द्वार बनाया था, इस बनाने में मेरी कोई भूमिका नहीं हैं। इसके बाद हमने उनसे पूछा कि क्या प्रवेश द्वार सरकारी भूमि पर बनाया गया और इसकी अनुमति नहीं ली गयी थी? जवाब में रविकांत ने बताया कि जमीन के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं है लेकिन प्रवेश द्वार बिना अनुमति बनाया गया था।
दावा | उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में प्रशासन ने भाजपा सरकार के दबाव में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति तोड़कर, प्रवेश द्वार से उनका नाम हटा दिया। |
दावेदार | चंद्रशेखर आजाद एवं अन्य सोशल मीडिया यूजर्स |
निष्कर्ष | बिना अनुमति के सरकारी जमीन पर प्रवेश द्वार और अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की थी। प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए द्वार पर पुताई कर ‘ग्राम पंचायत कातिकी’ लिखवा दिया, वहीं मूर्ति टूटने के मामले में केस दर्ज किया। इस मामले में किसी तरह का जातिगत एंगल नहीं है। |