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बच्चों द्वारा पिता की सेवा न करनी पड़े इसलिए उन्हें जिंदा ही शमशान ले जाने का दावा भ्रामक है

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सोशल मीडिया पर चिता पर लेटे हुए एक बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो वायरल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बुजुर्ग अभी जिंदा है और उनकी आँखे खुली हैं। दावा किया जा रहा है कि बुजुर्ग के बच्चे उसकी सेवा नहीं करना चाहते थे इसलिए उसे जिंदा अवस्था में ही श्मशान घाट ले गए। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।

नेहरा जी नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘घोर कलयुग पिता सेवा नहीं कर सके तो जिंदा ही ले गए श्मशान घाट’

मोहम्मद शेख ने लिखा, ‘घोर कलयुग पिता सेवा नहीं कर सके तो जिंदा ही ले गए श्मशान घाट allah hifazat kare’

विलेन राजा नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘घोर कलयुग पिता सेवा नहीं कर सके तो जिंदा ही ले गए श्मशान घाट’

वहीं इमरान रजा सैफी ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर हमें 27 दिसंबर 2021 को प्रकाशित आजतक की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो दिल्ली के नरेला की है। वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग नरेला के टिकरी खुर्द गांव के रहने वाले 62 वर्षीय सतीश भारद्वाज हैं। दरअसल बुजुर्ग कैंसर के मरीज थे और अस्पताल में भर्ती थें। चूंकि वेंटिलेटर का खर्च ज्यादा था तो परिजन बिना डॉक्टरी सलाह के उन्हें लेकर अस्पताल से घर पहुंच गए। वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद उनकी सांस बंद हो गई जिसके बाद 26 दिसंबर 2021 की सुबह करीब 11 बजे परिजनों को लगा कि उनकी मौत हो गई और वो अंतिम संस्कार के लिए लेकर उन्हें श्मशान घाट पहुंच गए।

Source: Aajta

मृतक को मुखाग्नि देने के लिए जैसे ही उनके शव से कफन को हटाया लोगों के होश उड़ गए। बुजुर्ग अचानक अर्थी पर जिंदा हो गए और सांस लेने लगे। इतना ही नहीं उन्होंने आंखें भी खोल ली। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों ने तुरंत दिल्ली पुलिस और एंबुलेंस को फोन करके जानकारी दी। वहीं श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे एक डॉक्टर ने उनकी जांच की और कहा इनकी सांसें चल रही हैं इन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया।

दावाबुजुर्ग के बच्चे उसकी सेवा नहीं करना चाहते थे इसलिए उसे जिंदा अवस्था में ही श्मशान घाट ले गए।
दावेदारनेहरा जी, मोहम्मद शेख व अन्य
निष्कर्षबच्चों द्वारा पिता को जिंदा ही शमशान ले जाने का दावा भ्रामक है। असल में ये वीडियो साल 2021 का है। इस बुजुर्ग के परिवार के लोग उसे मरा हुआ समझ कर श्मशान घाट ले गए थे लेकिन उनके जिंदा होने का एहसास होने पर वापस ले आये थे।

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