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ट्रैक्टर से बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ने का दावा गलत है

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति ट्रैक्टर की मदद से एक प्रतिमा को गिराने की कोशिश करता दिख रहा है जबकि एक महिला डंडे से उस प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा है, जिसे तोड़ा जा रहा है। हालांकि हमारी जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया है।

इंद्रजीत बराक ने लिखा, ‘तुम बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़कर कौनसा राम राज स्थापित करना चाहते हो? उनके विचार और सोच आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, वो तुम्हारे रामराज से कहीं ऊंचे हो चुके हैं!’

इसके अलावा यह दावा दीपक यादव, मोहम्मद अहद अली, तस्नीम बानो, राष्ट्रीय जन संचार पार्टी, और दिलखुश ने किया.

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फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच के लिए उसके एक की-फ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च किया गया। जिसके बाद हमें दैनिक भास्कर में 25 जनवरी 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित माकड़ोन मंडी गेट और बस स्टैंड के पास की है, जहां एक खाली पड़ी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। भीम आर्मी चाहती है कि वहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाए जबकि पाटीदार समाज की मांग है कि उसी स्थान पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा लगाई जाए। मामला पंचायत में विचाराधीन था।

Source- Dainik Bhaskar

हालांकि कुछ असामाजिक तत्वों ने एकतरफा रूप से वहां सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित कर दी। जब दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी मिली, तो गुरुवार सुबह वे बड़ी संख्या में जमा हो गए और विरोध करते हुए प्रतिमा को ट्रैक्टर की मदद से गिरा दिया। इसके बाद रॉड और पत्थरों से प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। इससे नाराज होकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और झड़प शुरू हो गई। पथराव, लाठीचार्ज और आगजनी की घटनाएं भी हुईं, जिनमें कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक एडिशनल एसपी नीतेश भार्गव ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं। असामाजिक तत्वों को समझाकर मौके से हटाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों से बातचीत की गई है और तय हुआ है कि मूर्ति लगाने का निर्णय नगर परिषद द्वारा लिया जाएगा।

दावाबाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया।
दावेदारइंद्रजीत बराक और अन्य।
निष्कर्षवायरल वीडियो में दिखाई गई प्रतिमा दरअसल सरदार वल्लभभाई पटेल की है, जिसे जनवरी 2024 में उज्जैन के माकड़ोन क्षेत्र में ट्रैक्टर की मदद से गिराया गया था। यह घटना दो पक्षों के बीच मूर्ति स्थापना को लेकर हुए विवाद की है, जहां एक पक्ष अंबेडकर की मूर्ति लगाना चाहता था और दूसरा सरदार पटेल की।
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