सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के चार अलग-अलग वीडियो वायरल हैं। इन वीडियो में हजरों लोगो की भीड़ सड़क पर नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद अमेरिका, जापान, इंलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में लोग ट्रम्प और पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
दिनेश चौहान ने एक्स पर लिखा, ‘एपस्टीन फाइल्स में मोदी का नाम आने के बाद’
एपस्टीन फाइल्स में मोदी का नाम आने के बाद pic.twitter.com/QpPqRH1xUo
— Dinesh Chauhan (@dinesh_chauhan) February 11, 2026
अभिमन्यु सिंह ने लिखा, ‘एपस्टीन फाईल्स को लेकर अमेरिका की सड़कें।’
एपस्टीन फाईल्स को लेकर अमेरिका की सड़कें।#EpsteinFile pic.twitter.com/f9VaaPUnUD
— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) February 11, 2026
समर राज ने लिखा, ‘अमेरिका में आंदोलन तेज हो रहा है। UK में पूरा रंग ले चुका है। बड़े नेताओं और बिजनेसमैन मिलकर दुनिया को जिस तरह उंगलियों पर नचा रहे थे, एक दूसरे को ब्लैकमेल करने के लिए छोटी बच्चियों को शिकार करने का रैकेट चला रहे थे, सब एक्सपोज हो गया है।’
वहीं मनीषा गाँधी, शिवम यादव, जीतू बुरडक और विक्रम कुमार ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले हमने सभी वीडियो के अलग-अलग स्क्रीनशॉट लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान जापान का बताकर शेयर किया गया पहला वीडियो हमें नेशनल हेराल्ड की एक रिपोर्ट में प्रकाशित मिला। जिसके मुताबिक यह वीडियो 24 जनवरी को अमेरिका के मिनियापोलिस में ‘ICE OUT’ प्रोटेस्ट का है।

दुसरे वीडियो में सड़कों पर जमा हुए लोग मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाये दिख रहे हैं। इसे एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में प्रदर्शन का बताकर शेयर किया गया है। रिवर्स सर्च करने पर यह वीडियो हमें Elnaz Mansouri नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11 जनवरी को ईरान का बताते हुए शेयर किया गया है। वहीं इसके डिस्क्रिप्शन में इसे स्पष्ट रूप AI जनरेटेड बताया गया है। Sightengine नामक AI डिटेक्शन टूल की मदद से वीडियो की जांच की जांच करने पर भी यह वीडियो AI जनरेटेड पाया गया।


इंग्लैंड का बताकर शेयर गए तीसरे वीडियो को गौर से देखने पर इस वीडियो में हमें प्रदर्शनकारी ‘ABOLISH ICE’ का बैनर पकड़े नजर आ रहे हैं। BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘Abolish ICE’ अमेरिका की Immigration and Customs Enforcement (ICE) एजेंसी को समाप्त करने की मांग को लेकर किया जाने वाला प्रदर्शन है। हालांकि पड़ताल के दौरान यह वीडियो भी हमें किसी आधिकारी या विश्वसनीय स्रोत पर नहीं मिला। Hive AI टूल की मदद से जांच करने पर यह वीडियो भी AI जनरेटेड पाया गया।


वहीं ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का बताकर शेयर किया गया वीडियो दो अलग-अलग वीडियो को जोड़कर बनाया गया है। पहला वीडियो 18 अक्टूबर, 2025 को अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के खिलाफ “नो किंग्स” विरोध प्रदर्शन का है। वहीं दूसरा वीडियो 11 जनवरी 2026 को न्यू यॉर्क में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कब्ज़े के खिलाफ ट्रम्प टावर के बाहर किये गए प्रदर्शन का है।
| दावा | एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद विदेशों में मोदी और ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। |
| दावेदार | अभिमन्यु सिंह, समर राज, जीतू बुरडक व अन्य |
| निष्कर्ष | वायरल वीडियो एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद मोदी और ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन का नहीं हैं। असल में प्रदर्शन के दो वीडियो अमेरिका में नो किंग्स और एंटी ICE प्रदर्शन के हैं। वहीं अन्य दो वीडियो AI जनरेटेड हैं। |
