Home राजनीति एस जयशंकर से गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में सवाल पूछने पर मोदी और हनुमान का नाम लेने का दावा भ्रामक है
राजनीति

एस जयशंकर से गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में सवाल पूछने पर मोदी और हनुमान का नाम लेने का दावा भ्रामक है

Share
Share

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इंटरव्यू में एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर जयशंकर कह रहे हैं कि आपका सवाल ही गलत है। आपको मुझसे पूछना चाहिए था कि यहां केवल एक मोदी है। एस जयशंकर ने वीर हनुमान से एक डिप्लोमेट की तुलना करते हुए कहा कि अंततः, हनुमानजी ही सेवा करते हैं। इसी तरह पीएम मोदी के लिए वह भी हमुमान जी की तरह ही सेवा कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि जयशंकर से सवाल गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में था। लेकिन जवाब में एस जयशंकर ने जय हनुमान और जय मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए।

रोशन राय ने एक्स पर लिखा, ‘सवाल गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में था। जयशंकर ने जवाब में जय हनुमान और जय मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। दुख की बात यह है कि वह दूसरे बीजेपी नेताओं की तरह अनपढ़ भी नहीं हैं और फिर भी सूट पहनने वाले संबित पात्रा बन गए हैं। कितना बड़ा पतन है।’

Amoxicillin‘सवाल गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में था। जयशंकर ने जवाब में जय हनुमान और जय मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। दुख की बात यह है कि वह दूसरे बीजेपी नेताओं की तरह अनपढ़ भी नहीं हैं और फिर भी सूट पहनने वाले संबित पात्रा बन गए हैं। कितना बड़ा पतन है।’

वहीं Amock ने लिखा, ‘पत्रकार: एक सवाल पूछता है। जयशंकर: आपका सवाल गलत है। मोदी एक ही हैं। उनका विजन, उनकी लीडरशिप। जय हनुमान। वगैरह। बीजेपी नेताओं की तरह कोई भी टॉपिक को भटका नहीं सकता।’

यह भी पढ़ें: दुबई में भारतीय मुसलमान द्वारा देश के लिए लड़ने का दावा भ्रामक, वायरल वीडियो बॉक्सर नीरज गोयत का है

फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में विदेश मंत्री एस जयशंकर के वायरल क्लिप का पूरा वीडियो हमें ANI के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 20 दिसंबर 2025 को पोस्ट मिला। असल में यह वीडियो पुणे में आयोजित एक बुक फेस्टिवल का है। वीडियो में ठीक 32:36 मिनट पर वायरल हिस्से को देखा जा सकता है। लेकिन वीडियो में इससे पहले ठीक 30:14 मिनट पर एस जयशंकर से तीन लोगों ने एक साथ सवाल पूछे।

पहले व्यक्ति ने पूछा कि ‘मुझे लगता है कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ कूटनीति भी लोगों के सामने खुलकर होती है। ऐसे माहौल में भारत यह कैसे तय करता है कि कब चुपचाप रणनीति के तहत फैसला लेना है और कब खुलकर अपनी बात रखनी है?’

इसके बाद होस्ट दुसरे व्यक्ति से सवाल लेता है। दूसरा व्यक्ति एक जयशंकर से पूछता है कि ‘क्या भारत के लिए सिर्फ एक ही जयशंकर काफ़ी हैं, या फिर हम भविष्य में भारत के लिए ऐसे कई जयशंकर तैयार कर रहे हैं?’ वहीं इसके बाद एक और महिला से सवाल लिया जाता है। तीनों व्यक्तियों के सवाल सुनने के बाद जयशंकर एक साथ बारी-बारी से सभी सवालों के जवाब देते हैं।

पहले सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर कहते हैं कि आप असल में मुझसे यह पूछना चाह रहे हैं कि कब आपको अपना मुँह खोलना चाहिए और कब मुँह बंद रखना चाहिए। असल में यह परिस्थिति पर निर्भर करता है। मैं ज़्यादा बोलने वाला इंसान नहीं हूँ, अक्सर चुप ही रहता हूँ। लेकिन आज का दौर बहुत ज़्यादा कॉम्पिटेटिव है। अगर आप बोलेंगे नहीं, तो दुनिया आपको दबा देती है। लोग समझते हैं कि आप पर दबाव डालकर आपको डिफेंसिव बनाया जा सकता है, आपसे माफ़ी मंगवाई जा सकती है और धीरे-धीरे आपको हाशिए पर डाल दिया जाएगा। इसलिए आपको अपनी आवाज उठाने की जरुरत है। लेकिन यह काफी हद तक परिस्थिति पर निर्भर करता है।

इसके बाद दुसरे सवाल (क्या भारत के लिए सिर्फ एक ही जयशंकर काफ़ी हैं?) का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि आपने सवाल ही गलत पूछा है। उन्होंने कहा कि आपको यह पूछना चाहिए था कि मोदी तो एक ही हैं? क्योंकि अंततः, श्री हनुमान ही सेवा करते हैं… देशों का निर्माण नेताओं और दूरदृष्टि से होता है। ऐसे लोग होते हैं जो इसे क्रियान्वित करते हैं। लेकिन अंततः, यह दूरदृष्टि, नेतृत्व और आत्मविश्वास ही है जो आज फर्क पैदा करता है।

दावाजयशंकर से सवाल गिरते रुपये और खराब विदेशी संबंधों के बारे में था। लेकिन जवाब में एस जयशंकर ने जय हनुमान और जय मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए।
दावेदाररोशन राय, अमोक व अन्य
निष्कर्षअसल में एस जयशंकर से पूछा गया था कि क्या भारत के लिए सिर्फ एक ही जयशंकर काफ़ी हैं? जिसके जवाब में जयशंकर ने कहा कि आपने सवाल ही गलत पूछा है। आपको यह पूछना चाहिए था कि मोदी तो एक ही हैं?




Share