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यूपी में ठाकुरों द्वारा ब्राहण बुजुर्ग को जूते की माला पहनाकर घुमाने का दावा फर्जी है

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सोशल मीडिया पर अखबार में छपी एक खबर की कटिंग वायरल है। खबर की हेडलाइन है ‘ठाकूरों का कहरः ब्राहण बुजुर्ग को जूते की माला पहनाकर घुमाया।’ दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार में ठाकुर वर्चस्व का आतंक बढ़ता जा रहा है। यूपी में एक ब्राहण बुजुर्ग को जूते की माला पहनाकर घुमाया और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही।

इंस्टाग्राम पर दुर्गेश यादव नाम के यूजर ने अखबार की कटिंग को पोस्ट कर लिखा, ‘मैं तो कड़ी निंदा ही कर पाउँगा, वों भी निंदा भी सिर्फ इसलिए करूंगा क्योंकि बुजुर्ग के साथ गलत हुआ है, मगर अफ़सोस, हमारा नया भारत पता नहीं कहाँ जाकर छोड़ेगी ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार!! यहीं विश्वगुरु भारत की तस्वीरें हैँ!!’

Source: Instagram

वहीं प्रवेश नाम के यूजर ने लिखा, ‘ठाकुरों का कहर’

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। लेकिन इस दौरान हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। पड़ताल में आगे हमने अखबार में छपी खबर को गौर से पढ़ा तो पाया कि खबर में कई गलतियां है और हिंदी ठीक से नहीं लिखी है। अपनी जांच में आगे हमने अखबार की कटिंग को decopy.ai नाम के AI डिटेक्टर टूल की मदद से चेक किया। जिससे स्पष्ट हुआ कि अखबार की यह कटिंग AI जनरेटेड है।

Source: decopy.ai
दावा यूपी में ठाकुरों ने एक ब्राहण बुजुर्ग को जूते की माला पहनाकर घुमाया और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही।
दावेदार दुर्गेश यादव और प्रवेश
निष्कर्ष वायरल अखबार की कटिंग AI जनरेटेड है। यूपी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

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