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चुनाव आयोग द्वारा पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता के सवालों का जवाब न दे पाने का दावा गलत है

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सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने बिहार में हो रहे एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग से सवाल किया। दावा किया जा रहा है कि चुनाव आयोग पत्रकार परंजय गुहा के सवालों का जवाब नहीं दे पाया। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

कांग्रेस नेता श्रीनिवासन बीवी ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘Spine वरिष्ठ पत्रकार @paranjoygtके एक भी सवाल का जवाब वोट चोर कमिश्नर नही दे पाया।’

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने लिखा, ‘चुनाव आयोग खामोश तब भी था और आज भी है? कोई जबाब नही!’

मजीत घोषी ने लिखा, ‘चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भीड़ खामोश रही, सिर्फ़ एक ने सीधा सवाल पूछने की हिम्मत की। इसका कोई जवाब नहीं’

वहीं अंकित मयंक, राहुल गाँधी वॉइस, अनुराग वर्मा, सौरभ राय, SR Live, प्रतीक गर्ग और उज्जवल कुमार ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।

फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में हमें प्रेस कांफ्रेंस का पूरा वीडियो हमें इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पोस्ट मिला। वीडियो में ठीक 31:45 मिनट पर हिंदुस्तान टाइम्स की पत्रकार वृंदा चुनाव आयोग से सवाल पूछती हैं। इसके बाद दैनिक भास्कर के पत्रकार मुकेश कौशिक अपना सवाल पूछते हैं। इसके बाद चुनाव आयोग अगला सवाल पत्रकार परंजय गुहा ठाकुरता से लेती है। परंजॉय गुहा ठाकुरता पूछते हैं कि ‘इतनी हड़बड़ी में आपको SIR कराने की क्या जरुरत है, जब बिहार में बाढ़ जैसे हालात हैं और चुनाव में समय भी बहुत कम है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 तारीख को आपको उन 65 लाख लोगों के नाम देने का आदेश दिया जिनके नाम मशीन रीडेबल नहीं है, वह आपने पहले क्यों नहीं दिया? इसके बाद उन्होंने अपना आखरी सवाल पूछा कि महाराष्ट्र में जो 40 लाख नए वोटर आए हैं, लोग कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में पहली बार वोटर ज्यादा और 18 साल से उम्र के लोग कम हैं और 5 बजे के बाद वोटरों ने सबसे ज्यादा वोट दिया। यह सारे जवाब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजनितिक दल के नेता दे रहे हैं तो चुनाव आयोग अबतक खामोश क्यों था?’

इकसे बाद चुनाव आयोग ने अन्य दो और पत्रकारों से सवाल लिया। इसके बाद बारी-बारी से सभी के सवालों का जवाब देना शुरू किया। वीडियो में ठीक 43:11 मिनट पर चुनाव आयोग पत्रकार परंजय गुहा के सवालों का जवाब देना शुरू किया। चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR में हड़बड़ी क्यों? यह भी एक आरोप लगाया जाता है। आपलोग मुझे बताएं कि चुनाव से पहले मतदाता सूची शुद्ध करनी चाहिए या चुनाव के बाद? चुनाव से पहले। यह बात चुनाव आयोग नहीं कह रहा है, यह बात लोक प्रतिनिधित्व कानून कह रहा है…कि हर चुनाव से पहले आपको मतदाता सूची शुद्ध करनी होगी। यह चुनाव आयोग का कानूनी दायित्व है। फिर यह बात आई कि क्या चुनाव आयोग बिहार के 7 करोड़ मतदाताओं तक पहुंच पाएगा? हकीकत आपके सामने है।24 जून को यह कारवाई शुरू हुई और 20 जुलाई तक पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई। फिर यह बात आई कि जुलाई में ही SIR क्यों? इस समय मौसम सही नहीं रहता..तो मैं आपको याद दिला दूं कि 2003 में भी SIR हुए थे और उसकी तारीख थी 14 जुलाई से 14 अगस्त।’

ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि यह भी कहा जाता है कि ‘हमने सुप्रीम कोर्ट के कहने पर ही मशीन रीडेबल फॉरमेट क्यों दिया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर जिले की एक वेबसाइट बनाई जाए और वेबसाइट पर EPIC नंबर से सर्च होने वाली सूची रखी जाए। हर बूथ पर बूथ लेवल ऑफिस, बूथ लेवल एजेंट और सरपंच सबने मिलकर और दस्तखत करके यह सूची बनाई है। लेकिन इसका अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया था इसलिए यह सुचना राजनितिक दलों को दी गई थी। हर जिला प्रेसिडेंट ने इस लिस्ट को सत्यापित किया है।’

दावाचुनाव आयोग पत्रकार परंजय गुहा द्वारा बिहार में SIR और वोट चोरी पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे पाया।
दावेदारश्रीनिवान बीवी, मंजीत घोषी, संजय राउत, अनुराग वर्मा व अन्य
निष्कर्षवायरल वीडियो एडिटेड है। चुनाव आयोग ने पत्रकार परंजय गुहा के सभी सवालों का जवाब दिया है।

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