सोशल मीडिया पर लोग दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई नीति लागू की है, जिसके तहत एक शराब की बोतल खरीदने पर एक बोतल मुफ्त दी जा रही है। अरविंद केजरीवाल की शराब नीति की आलोचना की थी, अब वही नीति यूपी में लागू कर रही है। इस दावे के साथ लोग योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
दुर्गेश पाठक ने लिखा, ‘UP के युवा रोज़गार मांग रहे हैं। • महिलाएं अपराध से मुक्ति मांग रही हैं। • अभिभावक शिक्षा में सुधार मांग रहे हैं। • बुज़ुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में योगी जी की प्राथमिकता’
आप ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश में BJP की योगी सरकार का Super Offer ‼️ “जम कर पियो शराब, 1+1 शराब की बोतल बांट रही बीजेपी सरकार”
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने लिखा, ‘कथित सनातन रक्षक भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के राज में 8 साल में ये है यूपी का सनातनी हाल? सनातन के नाम पर बनाते हैं सरकार, लेते हैं जनता से वोट और करते हैं भ्रष्टाचार।’
इसके अलावा इस दावे को आप नेता सौरभ भारद्वाज, मनीष शर्मा और आप उत्तरप्रदेश ने किया.
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मामले की सच्चाई जानने के लिए हमने कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया, जिसके बाद हमें एबीपी न्यूज़ में प्रकाशित 25 मार्च 2025 की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई शहरों में “एक बोतल खरीदो, एक फ्री पाओ” स्कीम के चलते शराब के ठेकों पर भीड़ उमड़ पड़ी है। शराब प्रेमियों को इसकी जानकारी मिलते ही दुकानों पर अफरातफरी मच गई। हर तरह की शराब की बोतल के साथ एक फ्री का ऑफर दिया जा रहा है, जिससे लोग काम छोड़कर शराब खरीदने में जुट गए। मुज़फ्फरनगर में फ्री शराब ऑफर की वजह से भीड़ को काबू में रखने के लिए पुलिस तैनात करनी पड़ी। शहर की ज्यादातर शराब की दुकानों पर ऑफर के बोर्ड लगे हुए हैं। वहीं, हापुड़ में भी शराब विक्रेता एक बोतल खरीदने पर एक फ्री दे रहे हैं। इससे शराब के शौकीन दुकानों के बाहर भारी भीड़ में जुट गए हैं और शराब खरीदने के लिए एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।
एबीपी न्यूज ने आगे लिखा कि यूपी में शराब की दुकानों को 31 मार्च 2025 तक स्टॉक खत्म करना होगा क्योंकि 2025-26 की नई आबकारी नीति लागू हो रही है और 1 अप्रैल से ई-लॉटरी के जरिए नई दुकानें शुरू होंगी. इस वजह से शराब दुकानदार एक बोतल पर एक बोलत फ्री का ऑफर दे रहे हैं. इस ऑफर के बाद शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं.’
पड़ताल में आगे हमें हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित 27 मार्च 2025 की रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के शराब विक्रेता 31 मार्च 2025 से पहले मौजूदा स्टॉक को खत्म करने के लिए बंपर छूट दे रहे हैं। यह कदम 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति से ठीक पहले उठाया गया है। नई नीति के तहत, ई-लॉटरी सिस्टम के जरिए शराब लाइसेंस आवंटित किए गए हैं, जिससे 80% पुराने लाइसेंस धारकों को बदल दिया गया है। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद जैसे एनसीआर जिलों में शराब विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ‘वन प्लस वन’ ऑफर दे रहे हैं, जो लगभग 50% की छूट के बराबर है। इससे दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, राजधानी लखनऊ में शराब विक्रेता प्रति बोतल ₹100 से ₹150 तक की छूट दे रहे हैं, जबकि बीयर पर ₹30 से ₹40 की छूट मिल रही है।
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा, “यह विभाग द्वारा स्वीकृत नहीं है और सभी दुकानों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होना चाहिए। मैंने पहले ही जिला आबकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया है कि शराब दुकानों के बाहर लगे छूट या ऑफर वाले बैनर-पोस्टर तुरंत हटवाए जाएं, क्योंकि यह प्रतिबंधित है।”उन्होंने आगे कहा, “जिन जिलों से ऐसी शिकायतें मिली हैं, वहां के आबकारी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे विभाग के राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ रहा है, क्योंकि शराब की बोतल डिस्टिलरी से निकलते ही आबकारी शुल्क विभाग को मिल जाता है।
दावा | योगी आदित्यनाथ सरकार ने शराब की एक बोतल पर एक फ्री की नीति लागू की है। |
दावेदार | आम आदमी पार्टी |
निष्कर्ष | उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसी कोई नीति लागू नहीं की है। दरअसल, 1 अप्रैल 2025 से नई आबकारी नीति लागू होने वाली है, जिसके तहत ई-लॉटरी सिस्टम के जरिए शराब लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे। इससे पहले, 31 मार्च 2025 तक शराब की दुकानों को पुराना स्टॉक खत्म करना है। इसी के चलते कुछ दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए “एक पर एक फ्री” का ऑफर दिया है। हालांकि, आबकारी विभाग ने इसे अनधिकृत फैसला बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। |
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