अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। H1-B वीजा के लिए आवेदन शुल्क को बढ़ाकर 100000 डॉलर यानी लगभग 84 लाख रुपये कर दिया गया है। इस घोषणा के बाद अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 100000 डॉलर की फीस हर साल चुकानी होगी। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने एक्स पर लिखा, ‘H-1B वीज़ा, अमेरिका ने लगाया ये शुल्क: अमेरिकी कंपनियों पर कुशल भारतीय पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए $100,000 का वार्षिक शुल्क’
H-1B Visas
— Kapil Sibal (@KapilSibal) September 21, 2025
US imposes :
$100,000 annual fee for US companies to hire skilled Indian professionals
So much for :
The personal rapport
The warm hugs
&
Howdy Modi
Ab ki baar Trump sarkar !
चाइना डेली एशिया ने लिखा, ‘शनिवार को भारतीय सरकार ने ट्रंप प्रशासन की ओर से एच-1बी वीज़ा की वार्षिक फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सरकार ने कहा कि यह कदम “मानवीय परिणाम” ला सकता है और भारतीय वीज़ा धारकों के परिवारों को प्रभावित कर सकता है।’
The Indian government on Saturday strongly reacted to the Trump administration's latest announcement raising the H-1B annual visa fee to $100,000, saying the move could have "humanitarian consequences" and disrupt the families of Indian visa holders.https://t.co/K28TtZhdJb pic.twitter.com/mMFJKsjeOk
— China Daily Asia (@ChinaDailyAsia) September 21, 2025
सुजीत नायर ने लिखा, ‘हमारे नीति-निर्माताओं ने ट्रंप को कितनी गलत तरह से समझा? न तो रिसिप्रोकल टैरिफ़, न ही 25% पेनल्टी, और न ही 1 लाख डॉलर की वार्षिक H-1B वीज़ा फ़ीस—इनमें से किसी की भी हमारे नेतृत्व को भनक तक नहीं थी। न हमारे प्रधानमंत्री को, जिन्होंने उन्हें “भारत का मित्र” कहा, न विदेश मंत्री को और न ही हमारे राजनयिकों को। यह गंभीर सवाल उठता है कि हमारी विदेश नीति के पीछे असली रणनीतिक सोच क्या है—अगर है भी तो। या फिर सब कुछ केवल गले मिलने और भव्य आयोजनों तक ही सीमित है? इसी बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। तो क्या हमारे नेता सचमुच जानते हैं कि वे देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं, या हम एक स्थायी “विश्वगुरु” कल्पना में ही फंसे हुए हैं?’
How badly did our decision makers misread Trump?
— Sujit Nair (@sujitnair90) September 21, 2025
Reciprocal tariffs, a 25% penalty, a $100,000 annual H1-B visa fee, none of this was anticipated. Not by our Prime Minister, who hailed him as “India’s friend,” not by our External Affairs Minister, and not even by our diplomats.…
वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी यही दावा किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 21 सितंबर 2025 को प्रकाशित हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, H-1B वीजा पाने के लिए पिटीशनों को 100000 डॉलर की फीस केवल एक बार ही देनी होगी। वहीं नया नियम केवल नए, अभी तक दायर नहीं हुए पिटीशनों पर लागू होगा। पहले से मौजूद H-1B वीजा धारकों या विदेश में रहने वाले लोगों पर यह फीस लागू नहीं होगी।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने रविवार को सोशल मीडिया X पर को H-1B वीजा से जुड़ी कई जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि 88 लाख रुपए फीस सालाना नहीं लगेगी। यह वन टाइम फीस है, जो सिर्फ एप्लिकेशन देते समय लगेगी। लेविट ने बताया कि यह बदलाव लॉटरी से निकाले गए नए वीजा पर लागू होंगे। पुराने वीजा होल्डर्स, रिन्युअल या 21 सितंबर से पहले अप्लाई करने वालों के लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। H-1B वीजा होल्डर देश से बाहर जा सकते हैं और वापस भी आ सकते हैं।
| दावा | ट्रम्प ने H1-B वीजा पर लगाया 1 लाख डॉलर का वार्षिक शुल्क। |
| दावेदार | कपिल सिब्बल, सुजीत नायर व अन्य |
| निष्कर्ष | H1-B वीजा पर 1 लाख डॉलर का वार्षिक शुल्क लगाने का दावा भ्रामक है। यह शुल्क केवल वन टाइम फीस है, जो सिर्फ एप्लिकेशन देते समय लगेगी। वहीं यह अमेरिका में पहले से रह रहे भारतीयों पर यह नियम नहीं लागू होगा। |
