सोशल मीडिया पर एक अख़बार की कटिंग वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि कुंभ में 800 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इस कटिंग को शेयर कर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
शिवबचन यादव ने लिखा, ‘हम तों पता कर रहा हूं, वह कौन लुटेरा आया, महाकुंभ में 800 करोड़ लूट कर हमारे सनातन धर्म को चला गया, रतिया में करंइ चोरी, दिनवा में जपे माला, लूट कर चला गया, कमल छाप जपें माला,’
अंजू यादव ने लिखा, ‘लो भैया अब यह भी देख लो…अंदेशा तो पहले ही था’
बद्री पाल ने लिखा, ‘जहां पर उत्तर प्रदेश सरकार कुंभ मेले का सफल आयोजन बता रही है। वहीं पर कुंभ मेले में 800 करोड़ का घोटाला हुआ है और सरकार ने इसकी सीबीआई से जांच करने के आदेश दे दिया है।’
इसके अलावा इस वीडियो को प्रभाकर यादव ने किया.
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पड़ताल में हमें 21 मार्च 2019 को अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट होली के अवसर पर लिखे गए हास्य-व्यंग्य का हिस्सा थी। 800 करोड़ के घोटाले की खबर में लिखा गया है, ‘भंग की तरंग में लिखी गई इन खबरों को सच मानें तो आप अपने जोखिम पर। हमारा ऐसा कोई दावा नहीं है।’
इस खबर में कुछ वाक्य मज़ाकिया अंदाज़ में लिखे गए हैं, जैसे— ‘होली से ठीक पहले सरकार ने दिए सीबीआई जांच के आदेश”, “रिपोर्ट आई तो उच्च स्तर पर बैठे लोग हैरत में पड़ गए. इसके बाद सीबीआई की जांच के आदेश दिए गए. उसकी खबर लगी तो भांग वाले मजूम की बर्फी के साथ ठंडई पी रहे अफसरों के तेवर ठंडे पड़ गए’
दावा | महाकुंभ में 800 करोड़ का घोटाला हुआ है |
दावेदार | सोशल मीडिया यूजर्स |
निष्कर्ष | वायरल अख़बार कटिंग मार्च 2019 में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गई थी। यह खबर होली के अवसर पर एक हास्य-व्यंग्य थी, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। |
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