जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के एक अधिकारी का बताकर वीडियो वायरल है। वीडियो में भारतीय सेना की यूनिफॉर्म पहने शख्स अपना नाम अशोक कुमार बताते हुए खुद को भारतीय सेना का एक सीनियर अधिकारी बताता है। इसके साथ ही वीडियो में वह कहता है कि पहलगाम में हुआ हमला, आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह ‘पूर्व नियोजित’ था।
आकांक्षा श्रेयां नाम के एक्स हैंडल ने वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘सच मीडिया कभी नहीं दिखाती, आपको सच जानना है तो इस वीडियो क़ो जरूर देखे, सिपाही अशोक कुमार ने साफ लफ्जो मे कहा है की नेताओं की राजनीति है’
सच मीडिया कभी नहीं दिखाती, आपको सच जानना है तो इस वीडियो क़ो जरूर देखे,
— akansha shreyan (@AkanshaShreyan) April 25, 2025
सिपाही अशोक कुमार ने साफ लफ्जो मे कहा है की नेताओं की राजनीति है…… pic.twitter.com/AnggFCL1IU
सपा नेता जितेंदर वर्मा ने लिखा, ‘सेना के अधिकारी अशोक कुमार को सुनें कैसे देश में नफरत फैलाई जा रही है’
सेना के अधिकारी अशोक कुमार को सुनें
— Jitendra Verma (@jeetusp) April 25, 2025
कैसे देश में नफरत फैलाई जा रही है 👇 pic.twitter.com/4DqPHxOdkq
गौरव कुशवाहा ने लिखा, ‘रतीय सेना के अधिकारीअशोक कुमार ने वह बात कही जो मीडिया नहीं कहेगा- पहलगाम वैसा नहीं है जैसा दिखाया गया है। खुफिया तंत्र विफल रहा। सवालों को नज़रअंदाज़ किया गया। क्या जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.?’
भारतीय सेना के अधिकारीअशोक कुमार ने वह बात कही जो मीडिया नहीं कहेगा- पहलगाम वैसा नहीं है जैसा दिखाया गया है। खुफिया तंत्र विफल रहा। सवालों को नज़रअंदाज़ किया गया। क्या जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.? #amitshah #jammukashmir #pahalgam #latestupdates #Pahalgamexposed pic.twitter.com/7nyCTkZrga
— Gaurav Kushwaha-Journalist (@Newscopgaurav) April 24, 2025
वहीं भिक्खु असंग वज्र, सीमा बुद्ध, नाजरीन अख्तर, War analyst और Voice Of Bangladeshi Muslims समेत कई एक्स हैंडल ने इसी दावे के साथ वायरल वीडियो को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की जांच के लिए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर सर्च किया। लेकिन हमें वायरल वीडियो के संबंध में कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। वहीं वीडियो में दिख रहे जवान की वर्दी पुरानी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना का यूनिफॉर्म अब बदल चुका है, जिसे 2022 में आर्मी डे परेड के मौके पर लॉन्च किया गया था।
ET की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेना ने कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स ऑफिस में इस नए यूनिफॉर्म में आवेदन किया है। जल्द ही उसे इस यूनिफॉर्मस का इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स मिल जाएगा। वहीं मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने पुरानी वर्दी के इस्तेमाल की समय सीमा को जून 2026 तक कर दिया है। पहले इसकी समयसीमा जून 2025 थी।
पड़ताल में आगे हमने हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च कर कथित आर्मी अफसर अशोक कुमार की तलाश की। इस दौरान Linkedin पर वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स का प्रोफाइल मिला। जिसका इसका नाम डॉ. मलिक कांजी है। Linkedin पर मलिक कांजी ने खुद को होमियोपैथिक डॉक्टर और ड्रामा एक्टर बताया है।

पड़ताल में आगे कांजी मलिक के प्रोफिल पिक्चर की गहनता से जांच करने पर उसकी टेबल पर हमें पाकिस्तान और अमेरिका का झंडा दिखा। वहीं ऑफिस में लगे कांच पर एक लोगो बना दिख रहा है, जिसके नीचे PACC लिखा है।

गूगल सर्च करने पर हमें PACC की वेबसाइट मिली। जिसके मुताबकि PACC का पूरा नाम पाकिस्तान अमेरिकन कल्चरल सेंटर है। यह एक सांस्कृतिक संगठन है जिसे पाकिस्तान और अमेरिका के लोगों के बीच मैत्री के संबंधों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।

| दावा | भारतीय सेना के एक अधिकारी अशोक कुमार ने दावा किया कि पहलगाम में हुआ हमला आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह ‘पूर्व नियोजित’ था। |
| दावेदार | War analyst, Voice Of Bangladeshi Muslims, गौरव कुशवाहा व अन्य |
| निष्कर्ष | भारतीय सेना की यूनिफॉर्म में नजर आ रहे शख्स का नाम डॉ. कांजी मलिक है। कांजी मलिक एक पाकिस्तानी ड्रामा आर्टिस्ट है जिसने दुष्प्रचार की मंशा से खुद को भारतीय सेना का अखिकारी अशोक कुमार बताकर वीडियो बनाया था। |
