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चित्रकूट में मंदिर पर बुलडोज़र चलाने का वीडियो यूपी नहीं, एमपी का है

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सोशल मीडिया पर बुलडोजर द्वारा एक मंदिर को तोड़ने का वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के शासन में चित्रकूट स्थित 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोज़र चलाए गए। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘मंदिर तोड़ने वाली भाजपा सरकार में बुलडोजर लगाकर मंदिर तुड़वाते हैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी, इनकी इसी मंदिर तोड़क कार्यवाही के खिलाफ जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी ने आवाज उठाई तब उनके खिलाफ इस भाजपा शासित कालनेमी सरकार ने कार्यवाही करवाई। 300 वर्ष पुराने चित्रकूट के इस मंदिर पर बुलडोजर कार्यवाही देख ले जनता, ये भाजपा की कथित हिंदूवादी सरकार और कथित हिंदूवादी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के राज में घटित हो रहा है। शर्मनाक।’

स्वर्ण वॉइस नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘योगी आदित्यनाथ के शासन में चित्रकूट के 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोज़र चलाए गए। जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी ने इसका विरोध किया, तो भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
यही भाजपा की असली हिंदुत्व नीति है। अजय सिंह बिष्ट को बेनकाब करो।’

रिस्की यादव ने लिखा, ‘न्यूज वाले बता रहे हैं कि ये चित्रकूट में गौडीहार बाबा का 300 साल पुराना मंदिर है जिस पर योगी का बुलडोजर चल रहा है। मेरे हिसाब से तो ये AI वीडियो है क्योंकि लोगों ने तो बस मस्जिद पर बुल्डोजर चलाने के लिए मुख्यमंत्री बनाया था।’

वहीं राहुल सैनी ने भी इसी दावे के साथ मामले को शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें 21 जनवरी 20221 को प्रकशित दैनिक भास्कर और अमर उजाला की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो मध्य प्रदेश में सतना जिले के चित्रकूट का है। जहाँ सड़क चौड़ीकरण के लिए बुधवार दोपहर प्राचीन गौरीहार मंदिर की बारादरी को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर आते ही इसे रोक दिया गया।

Source: Dainik Bhaskar

दरअसल, 21 जनवरी को करीब 12 बजे प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों का दल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने से पहले पूरे मंदिर परिसर की ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद बारादरी के कमरों में रखे सामान को बाहर निकाला गया। सामान हटते ही एक पोकलेन और चार जेसीबी मशीनों की मदद से मंदिर की बारादरी को गिराने का काम शुरू कर दिया गया। जैसे ही भवन ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई, साधु-संत उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश लेकर मौके पर पहुंच गए। इससे प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी। 

दावायोगी आदित्यनाथ के शासन में चित्रकूट स्थित 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोज़र चलाए गए।
दावेदारसमाजवादी पार्टी मीडिया सेल, रिस्की यादव व अन्य
निष्कर्षचित्रकूट स्थित मंदिर पर बुलडोज़र चलाने का वीडियो यूपी नहीं, एमपी का है। प्रशासन मंदिर को नहीं, उसकी बारादरी को तोड़ रहा था हालाँकि हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर आते ही ध्वस्तीकरण रोक दिया गया है।


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