सोशल मीडिया पर दो महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड़ने का एक वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि घटना मध्य प्रदेश के रीवा की है। जहां कुछ दबंगों ने जमीन विवाद में दो महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड दिया। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
सपा नेता आईपी सिंह ने एक्स पर लिखा, ‘मोदी जी के #रीवा_मध्यप्रदेश में जहाँ 22 वर्षो से बीजेपी की हुकूमत है गरीब महिलाओं बच्चियों को दबंगों ने जिंदा जमीन में गाड़ दिया जहां वो जान बचाने की गुहार लगा रही हैं। देश में चारों तरफ अराजकता का माहौल है सच में देश में अघोषित आपातकाल है। मध्यप्रदेश सरकार लीपा पोती करेगी।’
मोदी जी के #रीवा_मध्यप्रदेश में जहाँ 22 वर्षो से बीजेपी की हुकूमत है गरीब महिलाओं बच्चियों को दबंगों ने जिंदा जमीन में गाड़ दिया जहां वो जान बचाने की गुहार लगा रही हैं।
— I.P. Singh (@IPSinghSp) February 18, 2026
देश में चारों तरफ अराजकता का माहौल है सच में देश में अघोषित आपातकाल है।
मध्यप्रदेश सरकार लीपा पोती करेगी। pic.twitter.com/7VivxyR02J
करिशम अजीज ने लिखा, ‘यह कोई अफगानिस्तान या बांग्लादेश नहीं, हमारे अपने भारत की तस्वीर है! मध्यप्रदेश के रीवा में दबंगों ने जमीन विवाद में महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड़ने की कोशिश की कहां है पुलिस प्रशासन!’

वहीं जितेन्द्र वर्मा ने लिखा, ‘यह वीडीयो मध्यप्रदेश के रीवा का है जिसमें कुछ दबंग जमीनी विवाद में एक महिला को जिंदा दफनाने की कोशिश कर रहे हैं आप लोगों इस वीडियो को इतना शेयर करें कि अपराधियों को कड़ी सजा मिले’
यह वीडीयो मध्यप्रदेश के रीवा का है जिसमें कुछ दबंग जमीनी विवाद में एक महिला को जिंदा दफनाने की कोशिश कर रहे हैं
— Jitendra Verma (@jeetusp) February 18, 2026
आप लोगों इस वीडियो को इतना शेयर करें कि अपराधियों को कड़ी सजा मिले pic.twitter.com/fpmTgP0e5B
वहीं China Pulse, हंसराज मीणा, न्यूज़ भुक्कड़, नमिता शर्मा, वायरल वाइब्स और नेशनल दस्तक नाम के एक्स हैंडल ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा बीजेपी दफ्तर में आग लगाने का दावा गलत है
फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें 21 जुलाई 2024 को प्रकाशित मामले से संबंधित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, मामला रीवा जिले के गंगेव चौकी गांव में आसपास रहने वाले एक ही परिवार के दो पक्षों में जमीन का विवाद है। दरअसल, गोकर्ण प्रसाद पांडेय और महेंद्र प्रसाद पांडेय जमीन पर रास्ता बनाना चाह रहे है। जीवेश कुमार पांडेय और शिवेश कुमार पांडेय इसके विरोध में है। उनका कहना है कि यह उनकी पट्टे की जमीन है। गौकर्ण पांडेय पक्ष रास्ता बनाने के लिए डंपर में मुरम भरकर पहुंच गया। जीवेश की पत्नी ममता पांडेय शिवेश की पत्नी आशा पांडेय (पत्नी शिवेश) ने इसका विरोध किया। दोनों मुरम से भरे डंपर के पीछे बैठ गईं।

ममता और आशा डंपर के पीछे बैठकर दूसरे पक्ष का विरोध कर रही थी। इसी बीच ड्राइवर ने डंपर के पिछले हिस्से का गेट खोलकर दोनों महिलाओं पर मुरम डाल दी। दोनों बचाने की गुहार लगाने लगी। चीख पुकार मच गई। मुरम में दबी ममता और आशा को बचाने के लिए लोग दौड़े। लोगों ने फावड़े से मुरम हटाकर ममता और आशा को बाहर निकाला। ममता बेहोश हो गई। वह गले के ऊपर तक मुरम में दब गई थी। उसे तत्काल रीवा के सरकारी अस्पताल ले गए।
वहीं 22 जुलाई 2024 को प्रकाशित आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को जिंदा दफनाने के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को दोषी पाया था। इसमें से पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था वहीं 2 आरोपी फरार थे।

| दावा | मध्यप्रदेश के रीवा में दबंगों ने जमीन विवाद में महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड़ दिया। |
| दावेदार | आईपी सिंह, करिश्मा अजीज, जितेंद्रे वर्मा |
| निष्कर्ष | रीवा में महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड़ने की घटना जुलाई 2024 की है। एक ही परिवार के दो पक्षों में जमीन का विवाद था, जिसमें एक पक्ष की महिलाएं निजी जमीन पर सड़क बनाने का विरोध कर रही थीं। इसी दौरान दुसरे पक्ष ने डंपर से महिलाओं के ऊपर मिटटी डाल दी थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। |
