सोशल मीडिया पर नवभारत टाइम्स का एक पोस्टकार्ड वायरल है। पोस्टकार्ड में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीर के साथ लिखा है कि ‘ब्राह्मण समाज के लोगो को अपने घर मे मनुस्मृति का पालन करना चाहिए ब्राह्मण समाज की लड़कियों और महिलाओं को पढ़ाई-लिखाई नहीं करनी चाहिए घर से बाहर नौकरी भी नहीं करनी चाहिए।’ सोशल मीडिया पर इस पोस्ट कार्ड को शेयर कर लोग इसे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान बता रहे हैं। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
निर्देश सिंह ने एक्स पर लिखा, ‘अब देखना ये है,की कितने ब्राह्मण लोग और महिलाएं अपने बाबा की बात से सहमत होकर अपनी लड़कियों को स्कूल कॉलेज और नौकरियों से बाहर निकालने वाले हैं, बाबा की बात में दम है मनुस्मृति महिलाओं को शिक्षा और नौकरी के खिलाफ है महिला सिर्फ चार दिवारी का सामान है,लेकिन मैं तो चाहती हूं हर बच्ची पढ़े आगे बढ़े,चाहे ब्राह्मण हो शूद्र गरीब,मुस्लिम हो या जैन सिख’
Cloud X नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘इस बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात में दम तो है कितने ब्राह्मण लोग और महिलाएं अपने बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात को मानकर अपनी लड़कियों को स्कूल कॉलेज और नौकरियों से बाहर निकालने वाले हैं..? मनुस्मृति महिलाओं की आजादी शिक्षा और नौकरी के खिलाफ है मनुस्मृति के हिसाब से महिला चार दिवारी का सामान है, लेकिन मैं तो चाहता हूं हर समाज की बच्ची पढ़े और आगे बढे। महिलाओ को आजादी मनुस्मृति से नहीं संविधान से मिली है चहे वह ब्राह्मण समाज से ही क्यो ना हो।’
इस बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात में दम तो है 😅
— Cloud X (@CloudX_2) December 31, 2025
कितने ब्राह्मण लोग और महिलाएं अपने बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात को मानकर अपनी लड़कियों को स्कूल कॉलेज और नौकरियों से बाहर निकालने वाले हैं..?
मनुस्मृति महिलाओं की आजादी शिक्षा और नौकरी के खिलाफ है मनुस्मृति के हिसाब से महिला… pic.twitter.com/tx6RtfjBQu
निधि रत्न ने लिखा, ‘ये पखाड़ी नहीं सुधारने वाला..’
ये पखाड़ी नहीं सुधारने वाला.. pic.twitter.com/l6t537o1NK
— Nidhi Ratan (Aitareya) (@nidhiratan11) December 30, 2025
वहीं अपूर्वानंद, दिनेश सिंह चौहान, चौधरी मंज़र, DrRavenwin, क्रिश, मौर्य वंश की बेटी, नीलम सिंह और राम करण निर्मल ने भी इसी दावे के साथ पोस्टकार्ड शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें धीरेंद्र शास्त्री का ऐसा कोई बयान नहीं मिला। इसके बाद हमने वायरल पोस्टकार्ड को नवभारत टाइम्स के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर खंगाला। इस दौरान वायरल पोस्टकार्ड से मिलता-जुलता एक पोस्टकार्ड हमें नवभारत हिन्दी न्यूज़ के अधिकारिक एक्स हैंडल पर 26 दिसंबर 2025 को पोस्ट मिला। इस पोस्टकार्ड पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान को कोट करते हुए लिखा है कि ‘चाहे गोपनीय तरीके से अथवा ओपन तरीके से भारत सरकार को बांग्लादेशी हिन्दुओं के लिए कोई कदम उठाना जरूरी हो गया है।’
पड़ताल में आगे हमें नवभारत हिन्दी न्यूज़ के एक्स हैंडल पर ही वायरल पोस्टकार्ड को लेकर नवभारत का खंडन मिला। नवभारत ने स्पष्ट किया है कि NBT के नाम से वायरल हो रहा यह पोस्ट फर्जी है।
| दावा | धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोगो को अपने घर मे मनुस्मृति का पालन करना चाहिए ब्राह्मण समाज की लड़कियों और महिलाओं को पढ़ाई लिखाई नहीं करनी चाहिए घर से बाहर नौकरी भी नहीं करनी चाहिए। |
| दावेदार | दिनेश सिंह चौहान, चौधरी मंज़र और राम करण निर्मल |
| निष्कर्ष | धीरेंद्र शास्त्री ने इस प्रकार का कोई बयान नहीं दिया है। नवभारत टाइम्स का वायरल ग्राफिक एडिटेड है। |
