Home राजनीति वायरल वीडियो UGC नियमों को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का नहीं है
राजनीति

वायरल वीडियो UGC नियमों को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का नहीं है

Share
Share

सोशल मीडिया पर एक रैली में मंच पर खड़े होकर नारेबाजी करते एक व्यक्ति का वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो UGC के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

प्रार्थना सिंह ने एक्स पर लिखा, ‘अन्याय के खिलाफ लड़ाई तेज हो चुकी है मित्रो न्याय के लिए मैदानजंग में कूद पड़े है साथियो तो मरने से क्या डरना’

राहुल ने लिखा, ‘तुमने सवर्ण समाज की पीठ में छुरा भौंका है हम तुम्हारी कुर्सी उखाड़ फेंकेंगे नरेंद्र मोदी’

वहीं विशाल भारत नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘सरकार के ताबूत की आखिरी कील साबित होगा यह जन जागरण… अन्याय के खिलाफ लड़ाई तेज हो चुकी है मित्रो… न्याय के लिए सामान्य वर्ग मैदान में कूद पड़ा है… जय भवानी, जय शिवाजी’

यह भी पढ़ें : अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स को लेकर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन का दावा भ्रामक है

फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले हमने वीडियो के अलग-अलग स्क्रीनशॉट लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो हमें करणी सेना के राष्ट्रिय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट मिला। कैप्शन में इसे मध्यप्रदेश के हरदा का बताया गया है।

Source: Instagram

मिली जानकारी से कीवर्ड सर्च करने पर हमें 24 दिसंबर 2025 को प्रकाशित न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश के हरदा में करणी सेना परिवार ने जनक्रांति आंदोलन शुरू किया था। 21 सूत्रीय मांगों को लेकर हो रहे आंदोलन में देशभर से राजपूत समाज और करणी सैनिक शामिल हुए थे। उनकी मुख्य मांग 12 और 13 जुलाई के लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई को लेकर थी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई तथा अन्य मांगों को पूरा करने की मांग रखी।

वहीं पड़ताल में आगे हमें करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपूर के फेसबुक पेज पर उनकी 21 सूत्रीय मांगे मिली। इन मांगों में हरदा आंदोलन के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा व सरकारी सहायता, निष्पक्ष जांच की व्यवस्था, SC/ST अधिनियम के अंतर्गत बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक, SC/ST एक्ट की तर्ज पर सामान्य और पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा हेतु एक नया एक्ट, क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास से किसी भी प्रकार की छेड़‌छाड़ पर रोक, सवर्ण आयोग का पुनर्गठन, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, किसानों के लिए कर्ज माफी व फसल का लाभकारी समर्थन मूल्य, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापना, बेरोजगारी भत्ता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में संसाधनों की वृद्धि, छात्रवृत्ति की पारदर्शी व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनों का पालन, महिला उत्पीड़न मामलों में त्वरित न्याय, गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, प्रशासनिक जवाबदेही तय करने, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी प्रमुख मांगें शामिल की गई हैं।

Source: Facebook
दावाUGC के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज की तरफ से निकली गई रैली।
दावेदारप्रार्थना सिंह, राहुल व अन्य
निष्कर्षवायरल वीडियो करणी सेना द्वारा UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन का नहीं है। यह वीडियो मध्यप्रदेश के हरदा में करणी सेना परिवार द्वारा आयोजित जनक्रांति आंदोलन का है।



Share