उत्तर प्रदेश पुलिस के एक पुलिस इंस्पेक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस इंस्पेक्टर एक गाँव में कुछ लोगों के साथ गाली-गलौच करने नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के एक पुलिस इंस्पेक्टर एक दलित परिवार को गालियां दे रहे हैं और उन्हें धमका रहे हैं। हालांकि पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो पुराना है, साथ ही किसी तरह का जातिगत एंगल नहीं है।
अखिलेश यादव नाम के एक पैरोडी एक्स हैंडल ने वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस का एक इंस्पेक्टर दलित परिवार के घर पहुँचता है, और वहाँ कानून की किताब खोलने के बजाय अपनी इंसानियत को ही बंद कर लेता है। जहाँ उसे सुरक्षा देनी थी, वहाँ वह शब्दों की गोलियाँ चलाने लगता है— ऐसी गंदी भाषा, ऐसा अहंकार, मानो वर्दी नहीं, जंगल का कानून पहनकर आया हो। जो इंस्पेक्टर खुद को सत्ता का शेर समझ रहा था, वह असल में अपने शब्दों से ही अपनी हैवानियत का चेहरा दिखा रहा था। दलित परिवार की माँ-बहनों को अपमानित करना… यह सिर्फ गलत नहीं—पूरे तंत्र के चेहरे पर एक काला धब्बा है। सवाल सिर्फ एक इंस्पेक्टर का नहीं है, सवाल यह है कि जब वर्दी का रक्षक ही अत्याचार करने लगे, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? ऐसी घटनाएँ साफ बताती हैं कि भाजपा सरकार में पुलिस का एक हिस्सा क़ानून नहीं, अहंकार की लाठी लेकर चलता है— और उसका सबसे बड़ा शिकार वही बनते हैं जो व्यवस्था पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं — गरीब, दलित और वंचित है !!
एडवोकेट दीपक बाबू ने लिखा, ‘…. इंस्पेक्टर एक दलित व्यक्ति के घर जाकर उसकी मां बहन नहीं कर रहे हैं’
उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर कह रहे हैं
— Adv Deepak Babu (@dbabuadvocate) January 11, 2026
"मारो सालों मां को चोd@, गर्मी तुम्हारी G@nd में डाल दो पता नहीं या कौन खड़ा है"
इंस्पेक्टर एक दलित व्यक्ति के घर जाकर उसकी मां बहन नहीं कर रहे हैं pic.twitter.com/J0dnJIWNCD
वहीं दिनेश भरद्वाज ने लिखा, ‘‘…. इंस्पेक्टर एक दलित व्यक्ति के घर जाकर उसकी मां बहन नहीं कर रहे हैं’
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर यह वीडियो हमें News1 India नाम के यूट्यूब चैनल पर 26 मई 2024 को पोस्ट मिला। वीडियो में इसे उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तैनात दरोगा गोविंद अग्रवाल का बताया है।
मिली जानकारी से गूगल सर्च करने पर हमें मामले से संबंधित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी करण नय्यर ने इंस्पेक्टर गोविंद अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया था। दरअसल, रौनाही थाना क्षेत्र के गाँव गांव रग्घूपुर दोस्त में अर्जुन पांडेय व जगदम्बा शुक्ला के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों को पंचायत के लिए बुलाया था। साथ ही चौकी प्रभारी गोविंद अग्रवाल सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। गांव के अर्जुन पांडेय व किशोरी आंचल पांडेय का कहना है मौके पर अपनी मोटरसाइकिल से पहुंचे विपक्षी युवक चंदन शुक्ला ने तमंचा निकाल लिया और पुलिस के सामने ही जान से मार डालने की धमकी दी। माजरा देख चौकी प्रभारी तैश में आ गए और उन्होंने गाली-गलौच शुरू कर दी थी।

| दावा | उत्तर प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर दलितों को गाली दे रहा है। |
| दावेदार | दीपक बाबू, अखिलेश यादव (पैरोडी) व अन्य |
| निष्कर्ष | यह वीडियो मई 2024 का है जिसमें अयोध्या के सत्ती चौरा चौकी इंजार्ज गोविंद अग्रवाल ने चंदन शुक्ला नाम के युवक से गाली-गलौच की थी। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया था। इस घटना में कोई जातिगत एंगल नहीं है। |
