सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक एक लड़की को जबरदस्ती उठाकर फेरे लेते हुए दिख रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि सवर्ण जाति के कुछ गुंडों ने अपनी जाति की ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक लड़की का अपहरण कर जबरन उससे शादी कर ली। इस वीडियो को जातिगत कुरीतियों का उदाहरण बताकर साझा किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि भारत में आज भी जातिवाद गहराई से मौजूद है। हालांकि हमारी जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया। पड़ताल में सामने आया कि वीडियो में दिख रहे युवक और युवती दोनों ही सवर्ण समाज से ताल्लुक रखते हैं।
कविता यादव ने लिखा, ‘स्वर्ण जाति के गुंडे हमारी बच्चियों का अपहरण कर जबरदस्ती शादी कर रहे हैं। कब तक चलता रहेगा यह अन्याय? ऐसा घोर अन्याय तो कभी पाकिस्तान में भी नहीं हुआ होगा।’
स्वर्ण जाति के गुंडे हमारी बच्चियों का अपहरण कर जबरदस्ती शादी कर रहे हैं। कब तक चलता रहेगा यह अन्याय? ऐसा घोर अन्याय तो कभी पाकिस्तान में भी नहीं हुआ होगा। pic.twitter.com/jvAMIQSWex
— Kavita Yadav (@KavitaYadv) May 20, 2025
करिश्मा अज़ीज़ ने लिखा, ‘ये है संस्कारी लोगों की शादी, ऐसे शादी होती है क्या? ज़बरदस्ती गोद में उठा के आग के चारों तरफ़ दौड़ लिए तो शादी हो गई.शुक्र है इस्लाम में ऐसे शादी नहीं मानी जाती, वहाँ लड़की को सबके सामने उसे कुबूल करना पड़ता है।’
ये है संस्कारी लोगों की शादी, ऐसे शादी होती है क्या?
— Karishma Aziz (@KarishmaAziz_) May 20, 2025
ज़बरदस्ती गोद में उठा के आग के चारों तरफ़ दौड़ लिए तो शादी हो गई?
शुक्र है इस्लाम में ऐसे शादी नहीं मानी जाती, वहाँ लड़की को सबके सामने उसे कुबूल करना पड़ता है।pic.twitter.com/U79D0XXWmQ
यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर से बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ने का दावा गलत है
फैक्ट चेक
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की जांच के लिए हमने वीडियो के एक प्रमुख फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च किया। जांच में हमें द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा 7 जून 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार यह मामला राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक पुष्पेंद्र सिंह ने जबरन एक महिला को उठाकर अग्नि के सामने फेरे लिए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह और उसके दो साथी अभय सिंह और विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास सांगवान ने बताया कि यह घटना 1 जून 2023 को हुई थी। युवक और युवती दोनों एक ही जाति से ताल्लुक रखते हैं और उनके परिवारों के बीच पहले शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। हालांकि, बाद में लड़की के परिवार ने रिश्ता ठुकरा दिया। इसके बाद, मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र ने युवती से जबरन शादी करने का प्रयास किया। दोनों युवक-युवती बालिग हैं। एसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं — 366 (शादी के लिए महिला का अपहरण या बहलाकर ले जाना), 354 (महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला या बल प्रयोग), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच के दौरान हमें राजस्थान तक द्वारा 3 जून 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट भी मिली। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जैसलमेर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जहां सगाई टूटने से नाराज़ युवकों ने दिनदहाड़े एक युवती का अपहरण कर लिया। आरोपी बिना नंबर की एसयूवी में आए और युवती को जबरन उठा ले गए। युवती की 12 जून को दूसरी जगह शादी तय थी। इस मामले में डीएसपी कैलाश विश्नोई ने बताया कि लड़की के पिता चूनसिंह ने रिपोर्ट दी कि हाबूर गांव के कुछ लोग उनकी बेटी को जबरन उठा ले गए।
| दावा | सवर्ण जाति के गुंडों ने अपनी जाति का धौंस दिखाकर एक महिला का अपहरण कर उससे जबरन शादी कर ली। |
| दावेदार | करिश्मा अज़ीज़ और कविता यादव |
| निष्कर्ष | यह मामला जून 2023 में जैसलमेर जिले में हुआ था, जहां एक युवक ने अपने ही सवर्ण समाज की युवती से जबरन शादी की कोशिश की थी। |
