दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी नियम लागू करने के समर्थन में निकाले गए प्रोटेस्ट में पत्रकार रूचि तिवारी के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद रूचि तिवारी का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में रूचि प्रदर्शनकारियों से सवाल कर रही हैं कि आपको पांच हजार साल से पानी नहीं मिला? दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली यूनिवर्सिटी का है जहाँ रूचि तिवारी छात्रों को उकसाने के लिए यह सवाल पूछ रही हैं।
मोहम्मद जुबैर ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘यह जर्नलिस्ट वही यूट्यूबर है जिसने जानबूझकर स्टूडेंट्स को भड़काया और दलितों का मज़ाक उड़ाया। उससे जानबूझकर लोगों से पूछा गया/मज़ाक उड़ाया गया कि ‘5000 हज़ार साल से पानी नहीं मिला, पानी पिया की नहीं’
वहीं एक अन्य पोस्ट में मोहम्मद जुबैर ने लिखा, ‘हेलो @smitaprakash, ये वही यूट्यूबर है जिसने जानबूझकर स्टूडेंट्स को भड़काया और दलितों का मज़ाक उड़ाया। उससे जानबूझकर लोगों से पूछा गया/मज़ाक उड़ाया गया कि ‘5000 हज़ार साल से पानी नहीं मिला, पानी पिया की नहीं’
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में रूचि तिवारी का वायरल वीडियो हमें उनके यूट्यूब चैनल पर Breaking Opinion पर 11 फरवरी को पोस्ट मिला। वीडियो में इसे दिल्ली यूनिवर्सिटी का नहीं, बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एससी-एसटी प्रोटेस्ट और यूजीसी प्रोटेस्ट के दौरान का बताया गया था। जिसमें चंद्रशेखर आजाद के समर्थक शामिल थे।
पड़ताल में आगे हमें आजाद समाज पार्टी के नेता अनिल कुमार धेन्वाल के एक्स हैंडल पर भी पोस्ट मिला। इस पोस्ट में भी उन्होंने इसे 11 फरवरी 2026 को जंतर मंतर पर भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्ट का UGC के समर्थन में प्रोटेस्ट का बताया है।
वहीं आजाद समाज पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल और यूपी तक की रिपोर्ट के मुताबिक, भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 11 फरवरी 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशंस के समर्थन में एक बड़ा प्रदर्शन किया था।
वहीं न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पत्रकार रूचि तिवारी के साथ मारपीट की घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई थी। छात्र संगठनों के बीच मारपीट का मामला तब शुरू हुआ, जब लेफ्ट विंग के विरोध प्रदर्शन में ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे लग रहे थे। इस प्रदर्शन में ब्राह्मणों के खिलाफ बहुत बुरा-बुरा बोलने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि सामने खड़ी रुचि तिवारी ने इसका विरोध किया तो लेफ्ट के छात्र उसे पीटने लगे।

वहीं AISA और डीयू के प्रोफेसर डॉ. जीतेंद्र मीणा ने एक्स पर एक पोस्ट कर दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC रेगुलेशन के समर्थन में 13 फरवरी को “अधिकार रैली” निकालने की सुचना दी थी।
| दावा | दिल्ली यूनिवर्सिटी में पत्रकार रूचि तिवारी छात्रों को उकसाने के लिए भड़काऊ सवाल पूछ रही थी। |
| दावेदार | मोहम्मद जुबैर |
| निष्कर्ष | रूचि तिवारी द्वारा भड़काऊ सवाल पूछने का वायरल वीडियो दिल्ली यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि जंतर मंतर का है। यह वीडियो 11 फरवरी का है। वहीं डीयू की घटना 13 फरवरी की है। |
