आजकल सुप्रीम कोर्ट के अरावली पर्वत से जुड़े नए नियमों का मामला चर्चा में है। वहीं इस मामले के चलते सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लोगों के हुजूम को एक साथ नजर आ रहा है, दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान के लोग अरावली पर्वत बचाओ आंदोलन चला रहे हैं।
India Awakened नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘अपने आप को बचाओ, अपने देश को बचाओ! भाजपा हमारे मातृभूमि को हमेशा के लिए नुकसान पहुँचाने जा रही है! हम 100 साल में भी एक प्राकृतिक जंगल नहीं उगा सकते, यह नुकसान उससे भी अधिक होगा जो ब्रिटिशों ने हमें पहुँचाया।अरावली के लिए सुप्रीम कोर्ट के नए 100-मीटर ऊँचाई नियम ने पूरे उत्तर भारत में भारी विरोध शुरू कर दिया है। आलोचना करने वाले चेतावनी देते हैं कि यह “मृत्यु का वारंट” प्राचीन श्रृंखला के 90% हिस्से को असुरक्षित छोड़ देता है, जिससे विनाशकारी खुदाई और मरुस्थलीकरण की संभावना बढ़ती है। गुरुग्राम से राजस्थान तक, नागरिक और अशोक गहलोत जैसे नेता इस महत्वपूर्ण जलवायु ढाल को बचाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। केवल चोटियों की सुरक्षा करना पूरे श्रृंखला की पारिस्थितिक भूमिका की अनदेखी करना है, जो लाखों लोगों की हवा और पानी की सुरक्षा को खतरे में डालता है। #अरावलीबचाओ #पर्यावरणभारत #जलवायुकार्य #सुप्रीमकोर्ट #हरीभारत’ (Archive Link)
Save yourself, save your homeland!
— India Awakened (@IndiaAwakened_) December 20, 2025
BJP is going to scar our motherland for ever!
We cannot grow a natural forest even in a 100 years … this harm would be worse than that what the British did to us.
The Supreme Court’s new 100-metre height rule for the Aravallis has sparked… pic.twitter.com/xZG0LHr8j7
Amit ने लिखा, ”अब हमें एहसास हुआ मोदी हटाओ देश बचाओ 🙏 #SaveAravalli” (Archive Link)
Now we realised modi hatao desh bachao 🙏 #SaveAravalli pic.twitter.com/lWB3rJjdjD
— Amit (@Amit_Brahaman) December 19, 2025
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Rize San ने लिखा, ”भारतियों की द्वंद्वात्मक मानसिकता: मीलापी पूंजीवादी भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन फिर भी इसे वोट देना चाहते हैं। पी.एस.: आग सबके घर में आएगी। घर सब जलेंगे। और हम कोमा में सोते रहेंगे!
#aravallihills #SaveAravalli नाटक।” (Archive Link)
The dichotomy of Indians: Wanna protest crony-Capitalist BJP but still wanna vote for it.
— Rizé San🏳️🌈☸️ (@CultOfRize) December 19, 2025
P.S: Aag sab ke ghar main aayegi. Ghar sab ke Jalenge. Aur hum Coma main sote rahenge!#aravallihills #SaveAravalli charade. pic.twitter.com/SufSBPr3Dp
फैक्ट चेक
पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो हमे एक मिलता जुलता वीडियो JAGAT TAK NEWS यूट्यूब चैनल पर मिला। इस यूट्यूब वीडियो में वायरल वीडियो की तरह भीड़ और इमारतों पर लगे पोस्टर देखे जा सकते हैं। 31 अगस्त 2025 के इस वीडियो को ‘टोडाभीम: करीरी गाजीपुर कुश्ती दंगल’ शीर्षक के साथ साझा किया गया था।

हमने इन कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया तो 31 अगस्त 2025 को प्रकाशित ईटीवी भारत राजस्थान की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक ये दृश्य करौली जिले के टोडाभीम उपखंड क्षेत्र के ग्राम करीरी गाजीपुर में स्थित प्रसिद्ध लोक देवता भैरों बाबा के लक्खी मेले का है। मेले के दौरान विशाल ऐतिहासिक कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया था, जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग कुश्ती मैदान सहित चारों ओर स्थित पहाड़ियों पर जाकर बैठे हैं।
इसके अलावा, वायरल वीडियो 31 अगस्त 2025 को gurdeep_pahalwan_gopalgarh इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी देखा जा सकता है, जहाँ इसे ‘करीरी खानपुर, महवा राजस्थान का सबसे बड़ा दंगल’ लिखकर पोस्ट किया गया है।
| दावा | सुप्रीम कोर्ट के अरावली पर्वत से जुड़े फैसले के बाद राजस्थान में अरावली बचाओ आंदोलन’ चल रहा है। |
| दावेदार | इंडिया अवैकन्ड, अमित और राइज सान |
| निष्कर्ष | यह दावा गलत है। वायरल वीडियो अगस्त 2025 में करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में आयोजित भैरों बाबा के लक्खी मेले के दौरान हुए कुश्ती दंगल का है। |
