Customize Consent Preferences

We use cookies to help you navigate efficiently and perform certain functions. You will find detailed information about all cookies under each consent category below.

The cookies that are categorized as "Necessary" are stored on your browser as they are essential for enabling the basic functionalities of the site. ... 

Always Active

Necessary cookies are required to enable the basic features of this site, such as providing secure log-in or adjusting your consent preferences. These cookies do not store any personally identifiable data.

No cookies to display.

Functional cookies help perform certain functionalities like sharing the content of the website on social media platforms, collecting feedback, and other third-party features.

No cookies to display.

Analytical cookies are used to understand how visitors interact with the website. These cookies help provide information on metrics such as the number of visitors, bounce rate, traffic source, etc.

No cookies to display.

Performance cookies are used to understand and analyze the key performance indexes of the website which helps in delivering a better user experience for the visitors.

No cookies to display.

Advertisement cookies are used to provide visitors with customized advertisements based on the pages you visited previously and to analyze the effectiveness of the ad campaigns.

No cookies to display.

Home विशेष सोशल मीडिया में नफरत और फेक न्यूज फैलाने में माहिर है वाजिद खान
विशेष

सोशल मीडिया में नफरत और फेक न्यूज फैलाने में माहिर है वाजिद खान

Share
Share

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वाजिद खान नाम का शख्स बीते कई दिनों से भारत और हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने वाले पोस्ट साझा कर रहा है। साथ ही वो हमास और हिज़बुल्लाह जैसे आतंकी संगठनों का कट्टर समर्थक भी है। भारत ने इजरायल पर हुए 7 अक्तूबर 2023 के आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थीं लेकिन वाजिद अपने पोस्ट में 7 अक्तूबर को लेकर जश्न मनाता है। हाल ही वाजिद को राजस्थान की अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस लेख में हमने वाजिद के द्वारा पोस्ट की गयी भ्रामक और फेक न्यूज का संकलन किया है।

क्रमाकदावा फैक्ट चेक

1- भारत घूमने आई अमेरिकी महिला के साथ दुष्कर्म की घटना 11 साल पुरानी है
भारत घूमने आई एक अमेरिकी पर्यटक के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।यह खबर जुलाई 2013 की है, जब एक अमेरिकी महिला कुल्लू- मनाली घूमने आई थी।एक ट्रक ड्राइवर ने अपने दो साथियों के साथ महिला के साथ दुष्कर्म किया था। तीनो आरोपियों को बीस साल की सजा दी गई है।
2- महिलाओं को बांधकर पीटने का वायरल वीडियो दो साल पुराना हैये तालिबान नही है ये इंडिया है. जहाँ महिलाओं को देवी माना जाता है।
महिलाओं को पीटने का वीडियो लगभग दो साल पुराना है। यह वीडियो बिहार के मोतिहारी जिले की है। एक (17 साल की नाबालिग) का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसलिए वो घर से भाग गई थी। उसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया और रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई की।
3- वाराणसी में मुसलमान होने की वजह से उनके होटलों पर बुलडोजर चलाने का दावा भ्रामक हैबनारस में सिर्फ मुसलमानों के घरों और होटलों को योजनाबद्ध तरीके से बुलडोजर चलाया जा रहा है जबकि हिन्दुओं और बीजेपी नेताओं के घरों पर बुलडोजर नहीं चलता है।
वाराणसी में मुसलमानों के होटलों पर बुलडोजर चलाने का दावा भ्रामक है। असल में यह होटल वरुणा नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध रूप से बने थे। 2015 में होटलों को सील किया गया था। इसके बावजूद होटल में कंस्ट्रक्शन जारी रहा और अवैध तरीके से संचालित होता रहा।
4- गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पुलिस के साथ मारपीट का वीडियो पुराना हैहाल ही में बीजेपी के नेताओं और हिन्दुओं ने यूपी पुलिस के साथ मारपीट की। ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प का यह वीडियो एक साल पुराना है। यह वीडियो दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी का है।
5- शामली में इमाम की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं है
प्रतापगढ़, मुरादाबाद के बाद अब शामली में मस्जिद के इमाम की सिर काटकर हत्या कर दी है। लगातार मौलानाओ की ह्त्या क्या मुसलमानों के लिए बड़ा संकेत है?शामली के बल्ला मजरा गांव के इमाम फजलू रहमान की हत्या उनके बेटे जुनैद ने की थी। मामले में किसी प्रकार का सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
6-  हैदराबाद के निजाम ने देश को 5 हजार किलो सोना दान नहीं दिया था
हैदराबाद के निजाम ने इस देश के लिए 5 हज़ार किलो सोना दिया था निजाम ने सोना दान में नहीं बल्कि नेशनल डिफेंस गोल्ड स्कीम में निवेश किया था। उन्होंने कुल 425 किलो गोल्ड का निवेश किया था। इस इन्वेस्टमेंट पर उन्हें तब 6.5 फीसदी की दर से ब्याज भी मिलना था।
7- दिल्ली मेट्रो में सुरक्षाकर्मी और मुस्लिम युवक के साथ विवाद में सांप्रदायिक एंगल नहीं हैदिल्ली-सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर लंचबॉक्स में ‘इफ्तारी’ लेकर जा रहे एक मुस्लिम युवक को बीएसएफ के जवानों ने रोका और जब उसने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी। आखिर मुसलमानों से इतनी दिक्कत क्यों है।
सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर CISF के जवानों और मुस्लिम लड़के (आदिल) के बीच झड़प उसके द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण हुआ था, ना कि इफ्तारी ले जाने के कारण हुआ था। आदिल मेट्रो स्टेशन पर इयरफोन लगाया था, जिसके कारण उसे CISF के जवानों की बातें सुनाई नहीं दी और इसके बाद मामला बढ़ गया। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
8- मुख्तार अंसारी गरीबों का नहीं मसीहा थाहिन्दू हो‌ या मुस्लिम सबके लिए मुख्तार मसीहा थे। मोहम्मदाबाद फाटक के आस पास जितने गाँव बसे हैं सब उनकी पुश्तैनी जगह पर है हिन्दू हो‌ या मुस्लिम सबके लिए मुख्तार मसीहा थे।मुख़्तार अंसारी एक दुर्दांत अपराधी था। मुख़्तार अंसारी पर हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और कई अन्य आपराधिक कृत्यों के कुल 65 मामले दर्ज हैं। पिछले दो सालों में मुख़्तार को आठ केसों में दोषी ठहराया गया है, सज़ा सुनाई गई है।
9- भगत सिंह के खिलाफ वकील ‘सुर्यनारायण’ का आरएसएस से कोई संबंध नहींभगतसिंह का केस लगने वाला वकील एक मुसलमान था जिसका नाम “आसिफ अली” था ! और जिस गद्दार ने भगतसिंह के खिलाफ केस लड़ा था उस गद्दार का नाम “राय बहादुर सुर्यनारायण शर्मा था ! सूर्यनारायण RSS के संस्थापक हेडगेवार का मित्र और RSS का सदस्य था !यह दावा भ्रामक है। भगत सिंह के खिलाफ दो मामले थे: सेंट्रल असेंबली बम विस्फोट, जिसमें उन्हें आजीवन कारावास मिला, और सॉन्डर्स हत्या, जिसमें उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। सॉन्डर्स मामले में लाला दुनी चंद ने भगत सिंह को मामला लड़ने की सलाह दी थी, जबकि असेंबली बम मामले में भगत सिंह ने खुद अपना केस लड़ा, जिसमें आसफ अली उनके सलाहकार थे। भगत सिंह ने पत्रों में वकील न लेने की बात स्वीकार की है, और सरकारी वकील राय बहादुर सूरज नारायण ने ब्रिटिश सरकार का पक्ष लिया था। हालाँकि उनके आरएसएस या हेडगेवार से जोड़ने का कोई सबूत नहीं है।
10- महिला को जबरदस्ती रंग लगाने का वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड हैएक संघी होली के नाम पर अनजान महिला का उत्पीड़न कर रहा था.. फिर उस‌ महिला और वहाँ मोजूद लोगों ने संघी को जमकर पीटा
 महिला को जबरदस्ती रंग लगाने पर युवक की पिटाई का वीडियो स्क्रिप्टेड है। इस वीडियो को रेसलर द ग्रेट खली ने अपने इंस्ट्राग्राम हैंडल पर शेयर किया था।
11- भक्त से मजाक करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल
बागेश्वर वाले बाबा दारू पीने के बाद जब अपनी पर्ची निकाली और कबूला की वो हरामी है।बाघेश्वर धाम का यह वीडियो भक्त से मज़ाक करते हुए बनाया गया हैं। एक दिन बागेश्वर धाम रात में पैदल घूम रहें थे तभी उन्हें रास्ते में एक उनका भक्त मिला जो उन्हें देखा नहीं था बस नाम सुना था ऐसे में बाघेश्वर धाम ने उनके साथ मज़ाक किया।
12-  महाभारत के युद्ध में मारे गए हिंदुओं को 1 हजार अपसराएं मिलने का दावा भ्रामकमहाभारत के हिसाब से युध मै मरने वाले हिंदू को 1 हज्जार अप्सराए मिलती हैं। 
 महाभारत के वीरगति प्राप्त होने के बाद 1 हज़ार अप्सराएं मिलने का दावा झूठा है। महाभारत का 13.79.27 अध्याय भीष्म पितामह और युधिष्ठिर के बीच बातचीत का है, जिसमें दान धर्म के बारे में वर्णन किया गया है। इसके अलावा, पूरे महाभारत में कहीं भी युद्ध के दौरान मरने के बाद स्वर्ग में अप्सराएं मिलने के बारे में जिक्र नहीं किया गया है।
13- हल्द्वानी हिंसा में ‘6 मुसलमानों की मौत’ को सोशल मीडिया में फैलाया जा रहा सांप्रदायिक तनाव
उत्तराखंड के हलद्वानी में अब तक 16 साल के नाबालिग मुस्लिम लड़के सहित 6 मुस्लिम पुरुषों की हत्या कर दी गई है। जानी और उनका बेटा अनस, आरिस(16), फहीम, इसरार, सिवान। याद रहे ये संविधानिक भारत में हो रहा है।हल्द्वानी हिंसा में उपद्रवियों ने प्रशासन पर हमला किया था, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। उपद्रवियों ने पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलाने के लिए मजबूर किया। इस हिंसा में 100 पुलिसकर्मी समेत 139 लोग घायल हैं। इतना ही नहीं, पत्रकारों के साथ भी मारपीट हुई थी। यहां तक की पत्रकारों को जिंदा आग में झोंकने तक का प्रयास किया गया था।
14- दिल्ली के महरौली में सिर्फ मस्जिद ही नहीं, मंदिर को भी ध्वस्त किया गया
भारत में यहुदी मोडल चलाया जा रहा है‌ फलस्तीन कि तरह मस्जिदों को शहीद किया जा रहा है। महरौली में 700 साल पुरानी मस्जिद कब्रिस्तान मदरसा व एक मजार को भी DDA ने रात के अंधेरे में तोड़ दिया हैमस्जिद के साथ-साथ दशकों पुरानी संजय वन स्थित ज्वाला काली मंदिर को भी ध्वस्त किया गया है।
15- यूपी पुलिस ने गौहत्या के मामले में मुस्लिम युवक को प्रताड़ित किया? भ्रामक दावे के साथ दो साल पुराना वीडियो वायरल
 उत्तरप्रदेश पुलिस में संघी राज चल रहा है पुलिस के 5 अधिकारियों ने गोहत्या से जुड़े होने के संदेह में एक मुस्लिम व्यक्ति को प्रताड़ित करते हुए उसके मलाशय(पखाने के रास्ते) में छड़ी डाली और उसे बिजली के झटके दिए। वायरल वीडियो दो साल पुराना है और पुलिस ने गौ हत्या नहीं, बाइक चोरी के आरोप में युवक को प्रताड़ित किया था। इस मामले में आरोपी सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
16- मुसलमान नहीं बना रहे अयोध्या के रामलला की मूर्ति, सोशल मीडिया में झूठा दावा वायरल है
अयोध्या में राम मंदिर की रामलला की मूर्ति बनाने वाले मोहम्मद जमालुद्दीन और उनके बेटे बिट्टू है। अब भाजपा वाले उस मुर्ति कि पुजा करेंगे या विरोध
मुस्लिम शिल्पकार द्वारा मूर्ति बनाये जाने का दावा झूठा है। रामलला की मूर्ति गणेश भट्ट, अरुण योगीराज, सत्यनारायण पांडेय बना रहे हैं। 
17- सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया, सोशल मीडिया पर फैल रहें है भ्रामक दावे
मोदी राज में हिंदू दीवाली का त्योहार भी नहीं मना सकते।यह दावा भ्रामक है। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के पूरे प्रतिबंध की बात नहीं की है, बल्कि केवल बेरियम साल्ट्स का प्रयोग करने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय दिया है। यह फैसला साल 2021 में लिया गया था।
18- इजरायली सैनिकों की मौत की फर्जी तस्वीर साझा कर इस्लामिस्टों ने किया हमास का समर्थनफलस्तीनि मुजाहिदो ने 300 इज़रायली सैनिकों को मार गिराया और 250 से ज्यादा सैनिकों को बंधक बना लिया। हमास आतंकियों के समर्थन में वायरल की जा रही इज़रायली सैनिकों की तस्वीर असली नहीं बल्कि AI के मदद से बनाई गई फर्जी तस्वीर है।
19-  हमास द्वारा इजरायल के 300 सैनिकों को मारने का दावा गलत है
कल रात इजरायल ने गाजा में जमीनी करवाई शुरू की जिसमे फलस्तीनि मुजाहिदो ने 300 इजरायली सैनिकों को मार गिराया और 250 से ज्यादा सैनिकों को बंधक बना लिया300 इजरायली सैनिकों की मौत और 250 सैनिकों को बंधक बनाने का दावा गलत है, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो हमास की 35वीं स्थापना वर्षगांठ का है, जिसका आयोजन दिसंबर 2022 में किया गया था।
20- भारत-पाकिस्तान मैच में ‘मुल्ले काटे जाएंगे’ नारा नहीं लगाया गया, वायरल वीडियो एडिटेड है
 IND vs Pak मैच में मुल्ले काटे जाएंगे राम राम चिलाएंगे नारे लगे 
भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के वायरल वीडियो में आपत्तिजनक नारे नही लगाए गए थे, इस वीडियो में नारों को एडिट कर जोड़ा गया है।
21- मिस्र की ओर से गाजा को मदद और इजरायल को धमकी देने का दावा गलत है
इजरायल के खिलाफ सीधी कार्रवाई में मिस्र के राष्ट्रपति ने गाजा में एक विशाल मानवीय काफिले का आदेश दिया है।
वायरल तस्वीर मिस्र की ओर से गाजा को मदद नहीं है बल्कि रूस द्वारा यूक्रेन को की गयी मदद की है। यह तस्वीर करीबन 10 साल पुरानी है। 
22-अश्कलोन हवाई अड्डे का पुराना वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरलयहूदी तेलअवीव छोड़ कर भाग रहें है।
यह वीडियो 10 अक्टूबर 2023 का है, और इसमें लोग गाज़ा सीमा के पास स्थित अश्कलोन से निकलते दिख रहे हैं, न कि तेल अवीव से। यह घटना उस समय की है, जब हमास नामक आतंकी संगठन ने इज़राइल में प्रवेश कर हजार से अधिक नागरिकों की हत्या कर दी थी।
23- टीडीपी के खिलाफ प्रदर्शन का पुराना वीडियो गलत दावे के साथ वायरल
आंध्रप्रदेश की जनता ने चंद्रबाबू नायडू का पोस्टर जलना शुरू कर दिया है क्योंकि वो एनडीए में शामिल हो गए है।
टीडीपी सदस्यों द्वारा चंद्रबाबू नायडू की तस्वीर जलाने का वीडियो झूठे दावे के साथ साझा किया गया था। यह विरोध मार्च में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर असंतोष के कारण हुआ था।
24-  युद्ध के कारण विस्थापित इज़रायलियों के लिए इलात में टेंट लगाए जाने का दावा झूठा
 इजरायल युद्ध हार रहा है इसलिए वहां के नागरिकों को मजबूरी में एलात में टेंट में रहने की नौबत आ गई है
वायरल तस्वीर एआई के मदद से बनाई गई है।
25– होली खेल रहे युवकों को पुलिस की गाडी से टक्कर लगने का वायरल वीडियो पुराना हैसंघी रास्ते में जा रहे बुजुर्ग का उत्पीड़न कर‌‌ रहे थे। फिर पूलिस कि गाड़ी ने‌ टक्कर मार कर दिया।
वायरल वीडियो एक साल पुराना है। युवकों ने पीसीआर वैन के शीशे पर कुछ फेंक दिया था, जिससे चालक को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ा। इस वजह से युवक गाडी की चपेट में आ गया था।

निष्कर्ष: वाजिद खान न केवल भारत और हिंदुओं के खिलाफ ज़हर उगलता था, बल्कि आतंकी संगठनों का भी खुलेआम समर्थन करता था। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई समय की मांग थी, जिसे आज राजस्थान पुलिस ने अंजाम दिया।

Share