सोशल मीडिया पर नजाम पढ़ते मुस्लिम समुदाय के लोगों का एक वीडियो वायरल है। वहीं वीडियो में नमाज पढ़ते लोगों के पीछे हिंदू समुदाय द्वारा रामलीला का आयोजन करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि देश का माहौल बिगाड़ने मे सरकार की जबरदस्त कोशिश चल रही है। मुस्लिम धर्म के लोग नमाज अदा कर रहे है ओर लोग जानबूझकर उनके पीछे राम लीला कर रहे है। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
दिव्या कुमारी ने एक्स पर लिखा, ‘देश का माहौल बिगाड़ने मे सरकार की जबरदस्त कोशिश चल रही है। मुस्लिम धर्म के लोग नमाज अदा कर रहे है ओर लोग जानबूझकर उनके पीछे राम लीला कर रहे है।’
देश का माहौल बिगाड़ने मे सरकार की जबरदस्त कोशिश चल रही है।
— दिव्या कुमारी (@divyakumaari) September 30, 2025
मुस्लिम धर्म के लोग नमाज अदा कर रहे है ओर लोग जानबूझकर उनके पीछे राम लीला कर रहे है।
वैसे ज़ब नवरात्री मे मुस्लिमों की एंट्री बैन कर दी है तो नमाजियो के पास राम लीला की एंट्री बैन क्यों नहीं हुई..??
पूछता है भारत..?? pic.twitter.com/t2wiaUxCT8
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फैक्ट चेक
पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 26 सितंबर 2025 को प्रकाशित ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो उत्तर प्रदेश के वाराणसी का है। जहां काशी के लाट भैरव की रामलीला में यह परंपरा निभाई जाती है। लाट भैरव मंदिर के चबूतरे पर जहां एक तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं, वहीं, दूसरी तरफ रामचरित मानस की चौपाइयां गूंजती हैं। यह तस्वीर तब और गहरी छाप छोड़ जाती है, जब हिंदू-मुस्लिम दोनों एकजुट होकर इस परंपरा को कायम रखते हैं।

रामलीला समिति के मुख्य व्यास दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि श्रीलाट भैरव रामलीला समिति के जयंत नेत्र भंग की लीला हर बार अद्भुत होती है। इस दिन एक तरफ जहां मानस की चौपाइयां गूंजती हैं और लीला का संवाद आगे बढ़ता है। वहीं, दूसरी तरफ अजान के साथ मुस्लिम भाई अपनी नमाज पूरी करते हैं। लगभग 574 सालों से यह लीला जारी है. रामलीला समिति के मुख्य व्यास दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया की लाट भैरव समिति सभी धर्म को साथ लेकर उनका सम्मान करते हुए इस लीला का मंचन करती आ रही है।
वहीं लीला के दौरान नमाज पढ़ने आए हाजी औकास अंसारी का कहना है, कि लाट भैरव मंदिर और मस्जिद का विवाद भले ही बरसों से चल रहा है, लेकिन यहां पर सभी एकजुट होकर रहते हैं। रामलीला का मंचन हर वर्ष होता है और हम सभी मिलकर इसमें पूरा सहयोग करते हैं।
| दावा | नमाज पढ़ते मुस्लिमों के सामने रामलीला करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। |
| दावेदार | दिव्या कुमारी |
| निष्कर्ष | नमाज पढ़ते मुस्लिमों के सामने रामलीला करके माहौल बिगाड़ने का दावा गलत है। वायरल वीडियो वाराणसी का है जहाँ, लाट भैरव की रामलीला में 500 सालों से चली आ रही परंपरा निभाई जाती है। लाट भैरव मंदिर के चबूतरे पर एक तरफ जहां मुस्लिम भाई नमाज पढ़ रहे थे, तो दूसरी तरफ रामलीला का मंचन किया जाता है। |
