सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा शव ले जाते लोगों को रोकने का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग कंधे पर शव लेकर जा रहे हैं। वहीं पुलिस उन लोगों को रोक रही है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस एक दलित व्यक्ति के शव को उंची जाति के लोगों के शमशान में शव जलाने से रोक रही है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ है।
तनवीर रंगरेज ने एक्स पर लिखा, ‘दलित पक्के वाले हिन्दू बने घूम रहे है, दलितो की औकात ये है की ऊची जाति के लोग अपने शमशान मे जलने के लायक भी नही समझते ,, #जातिवाद का जहर इस कदर फैला हुआ है आज भी लोग #शव तक जलने नहीं देते अपने जाति के शमशान में!’ शव ले जाते लोगों को पुलिस द्वारा एक वीडियो वायरल है।

शिव कुमार यादव ने लिखा, ‘ये @Uppolice के कर्मचारी हैं या वर्दीधारी गुंडे हैं? इससे ज्यादा अनर्थ क्या हो सकता है अमेठी में जिसके घर के एक व्यक्ति की हत्या हो जाय उसी को पुलिस धमकी दे और शवयात्रा को रोक दे आप सोच सकते हैं उत्तर प्रदेश किस दिशा में जा रहा है?’
वहीं प्रजापति इंद्र बजरंगी ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
इंस्पेक्टर कह रहा है बहुत अनर्थ हो जायेगा @grok ऐसा क्या अनर्थ हो जायेगा?? pic.twitter.com/cEhfwXuvog
— Prajapati Inder Bajrangi (@prajaptiinder) February 14, 2026
वहीं डॉ. ओम सुधा ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर यह वीडियो हमें 15 दिसंबर 2025 को भारत समाचार के एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला। वीडियो में इसे अमेठी में श्मशान के केयरटेकर की हत्या का मामला बताया गया है।
पड़ताल में आगे मिली जानकारी से गूगल सर्च करने पर हमें 15 दिसंबर को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना अमेठी में जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हारीमऊ गांव की है। गूंगेमऊ गांव निवासी मक्खन सिंह हारीमऊ में निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल पर केयरटेकर के रूप में कार्यरत थे। शनिवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने ईंटों से कूंचकर उनकी हत्या कर दी थी। रविवार सुबह अंत्येष्टि स्थल के पास उनका शव मिला, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिजनों की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी, तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वे ई-रिक्शे से शव को गांव की मुख्य सड़क पर ले आए और जाम लगा दिया। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। पुलिस ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
वहीं हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मक्खन सिंह की हत्या के मामले में शिवलाल पुत्र नीमर तथा धर्मराज उर्फ डडू पुत्र दातादीन उर्फ दतई नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में शामिल एक आरोपी फरार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने आपसी गाली-गलौज को लेकर हत्याकांड को अंजाम दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि शनिवार की रात वह लोग मक्खन सिंह के साथ निर्माणाधीन अन्त्येष्टि स्थल पर अलाव जलाकर ताप रहे थे। इसी दौरान मक्खन ने शिवलाल के बेटे दिलीप को गाली दे दी और एक डंडा मार दिया। जिस पर दिलीप ने पास में पड़ी हथौड़ी से मक्खन के चेहरे व सिर पर दो-तीन वार कर दिया। वहीं धर्मराज ने भी पास में पड़ी ईंट से तथा शिव लाल ने लकड़ी की फंटी से मक्खन को मारा था। जिसके बाद एक्सीडेंट दिखाने के लिये मक्खन के शव को साइकिल से ले जाकर कुछ दूरी पर डाल कर ऊपर से साइकिल गिरा दिया था। एसएचओ ने बताया कि फरार अभियुक्त दिलीप की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पड़ताल में आगे हमारी बात गूंगेमऊ गांव के प्रधान अभिषेक विक्रम सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजन शव को लेकर गांव से बाहर धरना प्रदर्शन के लिए जा रहे थे तब पुलिस उन्हें रोक रही थी। वायरल वीडियो उसी घटनाक्रम का है। इस घटना में जातिगत विवाद नहीं है। मृतक दलित नहीं, ठाकुर जाति से है।
| दावा | पुलिस एक दलित व्यक्ति के शव को उंची जाति के लोगों के शमशान में शव जलाने से रोक रही है। |
| दावेदार | तनवीर रंगरेज |
| निष्कर्ष | पुलिस द्वारा शव को शमशान ले जाने से रोकने की घटना में जातिगत एंगल नहीं है। यह घटना अमेठी की है, जहाँ केयरटेकर की हत्या के मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों को सड़क से हटा रही थी। |
