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जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने RSS-BJP की वजह से प्रमोशन की बात नहीं कही, दो साल पुराना वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल

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दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज करते हुए शराब नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया। इस बीच सोशल मीडिया में जस्टिस स्वर्ण कांता का एक वीडियो वायरल है, वीडियो के साथ दावा है कि जस्टिस स्वर्ण कांता RSS भाजपा के कार्यकर्मों में जाने पर प्रमोशन की बात कर रही हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता देवेश विश्वकर्मा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता जी स्वयं स्वीकार कर रही हैं कि जब -जब वो RSS भाजपा के कार्यकर्मों में जाती हैं,उनका प्रमोशन हो जाता है फिर भी मैडम जी निष्पक्ष हैं फजीहत के बाद भी ,अरविंद केजरीवाल जी पर लगे फर्जी आरोपों की सुनवाई खुद करना चाहती हैं, कितना दबाव होगा?’

आम आदमी पार्टी के नेता राकेश यादव ने लिखा, ‘दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता जी स्वयं स्वीकार कर रही हैं कि जब -जब वो RSS भाजपा के कार्यकर्मों में जाती हैं,उनका प्रमोशन हो जाता है।’

समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने लिखा, ‘जब भी मैं RSS के कार्यक्रम में जाती हूँ, मेरा प्रमोशन हो जाता है। स्वर्णकांता शर्मा जज, दिल्ली हाई कोर्ट Whenever I attend RSS events, I get promoted. Swarnkanta Sharma, Judge, Delhi High Court सभी लोग कहीं न कहीं जुड़े रहते हैं पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री की केस छोड़ देनी चाहिए।’

फैक्ट चेक?

पड़ताल में सामने आया कि वायरल दावा भ्रामक है। हमने इस वीडियो को गौर से सुना, वीडियो में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कहीं भी RSS या किसी राजनीतिक कार्यक्रम का जिक्र नहीं करती हैं।

दरअसल, वे अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में जब-जब उन्हें इसी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, तब वे अलग-अलग पदों पर थीं पहले फैमिली कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज, फिर अगले वर्ष डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, और अब उसी कार्यक्रम में वे हाई कोर्ट की जज के रूप में मौजूद हैं।उन्होंने इसे “बाबा” यानी बाबा विश्वनाथ की कृपा बताया और कहा, “प्रभु, मेरी अर्ज़ी है, मैं वही बनूँ जो तेरी मर्ज़ी है।” वीडियो के अंत में वे वहाँ मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के विषय पर अपनी बात रखती हैं।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के कार्यक्रमों में शामिल होने से जुड़े कीवर्ड्स के साथ गूगल सर्च करने पर हमें वाराणसी (उत्तर प्रदेश) स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के Department of Law के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर संबंधित तस्वीरें मिलीं। ये तस्वीरें 20 मार्च 2024 को पोस्ट की गई थीं।

इनमें से एक तस्वीर वायरल वीडियो से मेल खाती है, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा मंच पर दिखाई दे रही हैं। तस्वीर में लगे बैनर से स्पष्ट होता है कि यह एक “One Day National Workshop” थी, जिसका विषय था, “Relevance of New Criminal Laws in Changing India” (बदलते भारत में नए आपराधिक कानूनों की प्रासंगिकता)।

बैनर के अनुसार, यह कार्यक्रम 19 मई 2024 को सुबह 10:30 बजे आयोजित हुआ था। इसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में शामिल हुई थीं। उनके साथ अन्य गणमान्य अतिथि और आयोजक भी मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल, फैकल्टी ऑफ लॉ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में हुआ था।

इसके बाद हमे ‘Faculty of law,M.G.kashi vidyapith,varanasi‘ के फेसबुक पेज पर कार्यक्रम का पूरा वीडियो भी मिला। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने काहा, ‘मैं जब-जब बनारस आई हूं, बाबा (भगवान शिव) ने मुझे कुछ दिया है। मुझे हर बार बाबा का स्नेह और इस विश्वविद्यालय से रंजन जी और शिल्पी जी का स्नेह यहां खींचकर लाता है, तो हर बार एक नई सौगात से लाता है।’

इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कहती हैं, ‘जब आपने मुझे पहली बार यहां आमंत्रित किया था, तब मैं केवल एक सेशन जज थी। उसके अगले साल जब आपने मुझे बुलाया, तब मैं फैमिली कोर्ट की डिस्ट्रिक्ट जज थी। उसके अगले साल मैं डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज बनी और आज जब आपने मुझे आमंत्रित किया है, तो आपने मुझे, बाबा ने मुझे हाई कोर्ट का जज बना दिया है। इसके लिए मुझे आपका धन्यवाद करना चाहिए कि आप मुझे बुलाते रहे और बाबा मुझे कुछ-न-कुछ बनाते रहें।’

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