Home अपराध महिला कैदी द्वारा पीएम को चिट्ठी लिखकर जेल में शारीरिक शोषण की शिकायत करने का मामला 7 साल पुराना है
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महिला कैदी द्वारा पीएम को चिट्ठी लिखकर जेल में शारीरिक शोषण की शिकायत करने का मामला 7 साल पुराना है

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सोशल मीडिया पर अखबार में छपी एक खबर की कटिंग वायरल है। खबर में बताया गया है कि जेल में बंद एक महिला कैदी ने प्रधानमंत्री को चिट्टी लिखी है। अपनी चिट्ठी में उसने कहा है कि जेल में बंद महिला कैदियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है। जो महिला कैदी ऐसा करने से इंकार करती हैं, उन्हें जेल में भूखा रखा जाता है। सोशल मीडिया पर इसे हाल ही का बताकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर इस अखबार में छपी खबर की तस्वीर को पोस्ट किया है।

सपा प्रवक्ता एडवोकेट शर्मा विवेक पांडे ने लिखा, ‘क्या देश मान सकता है की जिस देश में एक “राष्ट्रपति” महिला है ? उस देश में अब ये स्थिति नहीं ?’

तनवीर रंगरेज ने लिखा, ‘जेल में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं यहां भी नोचने वाले बैठें हैं एक महिला ने पीएम को लेटर लिखा संबंध नहीं बनाने पर खाना नहीं दिया जाता खाने को भूखा रखा जाता जेल में’

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें 14 अप्रैल 2019 को प्रकशित दैनिक भास्कर और जागरण की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर के स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार की है। कारागार की एक महिला बंदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर जेल में यौन शोषण होने की शिकायत की थी। पीएम को लिखे पत्र में महिला बंदी ने कहा है कि जेल में महिला बंदियों को शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर किया जाता है और संबंध नहीं बनाने पर पीटा जाता है। 

Source: Dainik Bhaskar

रिपोर्ट में आगे महिला बंदी ने प्रधानमंत्री के अलावा महिला आयोग, मुख्यमंत्री, राज्य के मुख्य सचिव और जेल आईजी को भी पत्र भेजे थे। इस पत्र के बाद सेक्शन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार मंडल ने राज्य के मुख्य सचिव और मुजफ्फरपुर के डीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी थी।

दावाजेल में महिला कैदियों का हो रहा है यौन शोषण, महिला कैदी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी।
दावेदारआईपी सिंह व विवेक पांडे
निष्कर्षजेल में बंद एक महिला कैदी द्वारा पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर शारीरिक शोषण की शिकायत करने का मामला साल 2019 का है। इस मामले में पीएमओ ने रिपोर्ट मांगी थी।

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