सोशल मीडिया पर एक भयावह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति को कुल्हाड़ी से मारते हुए देखा जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शामली में एक हिंदू व्यक्ति गोविंद ने निर्दोष मुस्लिम व्यक्ति सरफराज पर कुल्हाड़ी से हमला किया। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि गोविंद हमला करते हुए यह बोल रहा था कि अगर बचा सको तो बचा लो, मैं तुम्हारे 26 लोगों को मारूंगा। इस वीडियो के जरिए सांप्रदायिक एंगल देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया गया। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
कविश अज़ीज़ ने लिखा, ‘अगर बचा सको तो बचा लो, मैं तुम्हारे 26 लोगों को मारूंगा ! शामली के गांव टोड़ा में सरफ़राज़ चबूतरे पर बैठा था तभी गोविंद ने उस पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।हमला करते समय गोविंद बार-बार धमकी दे रहा था। वह चिल्ला रहा था, “अगर बच सको तो बच लो, मैं ऐसे ही मारूंगा।” गोविंद ने 26 लोगों को मारने की धमकी दी है। फिलहाल गोविंद फरार है।’
अगर बचा सको तो बचा लो, मैं तुम्हारे 26 लोगों को मारूंगा !
— Kavish Aziz (@azizkavish) April 27, 2025
शामली के गांव टोड़ा में सरफ़राज़ चबूतरे पर बैठा था तभी गोविंद ने उस पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमला करते समय गोविंद बार-बार धमकी दे रहा था। वह चिल्ला रहा था, "अगर बच सको तो बच लो, मैं ऐसे ही मारूंगा।"… pic.twitter.com/avqKIw1sv1
हंसराज मीणा ने लिखा, ‘भारत में पिछले कुछ वर्षों में मीडिया और सत्ता का गठजोड़ एक ऐसी खतरनाक मानसिकता को बढ़ावा दे रहा है, जो समाज में नफरत और हिंसा का कारण बन रहा है। नोएडा के दंगाई मीडिया ने मुस्लिम समुदाय को लगातार आतंकवाद, कट्टरता और घृणा के प्रतीक के रूप में पेश किया है। इस प्रचार का परिणाम अब हमारे सामने है, जब सरफराज जैसे निर्दोष व्यक्ति पर अचानक हमला किया गया। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं है, बल्कि उस जहरीले माहौल का परिणाम है, जिसे सत्ता और बिकाऊ मीडिया ने तैयार किया है। जब एक समुदाय को लगातार शक और घृणा की नजर से दिखाया जाता है, तो यह समाज में विभाजन और हिंसा को बढ़ावा देता है। सरफराज पर हुआ हमला इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि यह नफरत अब हिंसा में बदल चुकी है, और इसका खामियाजा हम सभी को भुगतना पड़ सकता है। मीडिया की जिम्मेदारी केवल खबरें दिखाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे समाज में शांति, एकता और सहिष्णुता को बढ़ावा देना चाहिए। अगर मीडिया अपनी भूमिका सही तरीके से निभाए और नफरत फैलाने की बजाय सत्य और समानता की बात करे, तो समाज में ऐसी घटनाएँ रुक सकती हैं। अब यह हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि हम इस नफरत के तंत्र को पहचानें और उसे चुनौती दें, ताकि हम एक बेहतर और सुरक्षित समाज की ओर बढ़ सकें। सॉरी सरफराज!’
भारत में पिछले कुछ वर्षों में मीडिया और सत्ता का गठजोड़ एक ऐसी खतरनाक मानसिकता को बढ़ावा दे रहा है, जो समाज में नफरत और हिंसा का कारण बन रहा है। नोएडा के दंगाई मीडिया ने मुस्लिम समुदाय को लगातार आतंकवाद, कट्टरता और घृणा के प्रतीक के रूप में पेश किया है। इस प्रचार का परिणाम अब… pic.twitter.com/XAqOKXAOX5
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) April 28, 2025
कांग्रेस नेता दानिश अली ने लिखा, ‘ये ज़हरीला मॉडल अब गली-गली फैल चुका है, और इसकी जिम्मेदार सिर्फ बीजेपी है। 2002 के बाद से ये मॉडल देश को बर्बाद कर रहा है। यूपी के शामली में मासूम सरफराज पर सिर्फ उसके धर्म की वजह से हमला। जो ज़हर बोया गया था, अब हर मोड़ पर उसका असर दिख रहा है।आतंकवाद की बहन नफ़रत शीर्ष पर है।’
ये ज़हरीला मॉडल अब गली-गली फैल चुका है, और इसकी जिम्मेदार सिर्फ बीजेपी है। 2002 के बाद से ये मॉडल देश को बर्बाद कर रहा है। यूपी के शामली में मासूम सरफराज पर सिर्फ उसके धर्म की वजह से हमला।
— Kunwar Danish Ali (@KDanishAli) April 27, 2025
जो ज़हर बोया गया था, अब हर मोड़ पर उसका असर दिख रहा है।
आतंकवाद की बहन नफ़रत शीर्ष पर है। pic.twitter.com/4HlxubtEtq
इसके अलावा यह दावा तनमॉय, वसीम अकरम त्यागी, अशोक बौधा ने भी किया.
फैक्ट चेक
वायरल दावे की जांच के लिए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर सर्च किया, जिसके बाद हमें 28 अप्रैल 2025 की दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार, शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव टोडा में एक युवक पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया। इस सनसनीखेज वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, सरफराज नामक युवक किसी के घर के बाहर बैठा था, तभी गांव का ही रहने वाला गोविंद वहां पहुंचा और अचानक कुल्हाड़ी से सरफराज पर हमला कर दिया। हमले में सरफराज गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस मामले में शामली पुलिस ने बताया, ‘प्रकरण के सम्बन्ध में थाना झिंझाना पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। मजरूब का मेडिकल कराया गया है। मजरूब की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं खतरे से बाहर है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोपी की बहन के बारे में मजरूब द्वारा अश्लील बातें किया जाना पाया गया है। अभियोग में विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है। गोविंद का यह कहना कि ‘26 के बादले 26 को मारूंगा’, यह पूर्णतः निराधार व मिथ्या है। इस तरह की अफवाह न फैलाएं अन्यथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जायेगी।’
— Shamli police (@PoliceShamli) April 28, 2025
| दावा | शामली में गोविंद ने सांप्रदायिक कारणों से सरफराज को कुल्हाड़ी से हमला किया और कहा “तुम्हारे 26 को मारूंगा। |
| दावेदार | दानिश अली, कविश अज़ीज़, हंसराज मीणा और अन्य |
| निष्कर्ष | वायरल दावा भ्रामक है। शामली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरफराज ने गोविंद की बहन पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे आहत होकर गोविंद ने उस पर हमला किया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि गोविंद ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि “26 के बादले 26 को मारूंगा।” |
