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भारतीय सैनिकों द्वारा शव को ले जाने की तस्वीर 18 साल पुरानी है

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को लगातार दूसरी रात जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में गोलाबारी की। इसी दौरान पाकिस्तान हैंडल द्वारा कुछ घायल सैनिकों की वीडियो क्लिप को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने चिरिकोट सेक्टर के सामने भारतीय सेना की संघार पोस्ट पर गोलीबारी की जिसमें भारी संख्या में भारतीय सैनिक घायल हुए हैं।

War analyts नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘चिरिकोट सेक्टर के सामने भारतीय सेना की अग्रिम संघार पोस्ट पर भारी संख्या में भारतीय हताहत हुए। इस पोस्ट को पाक सेना ने तहस-नहस कर दिया है। याद रखें कि यह वही पोस्ट है, जहां एक तरफ सफेद झंडा लहराया गया था, वहीं दूसरी तरफ पाक सेना के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी…’

Pakistan Armed Forces News ने लिखा, ”चिरिकोट सेक्टर के सामने भारतीय सेना की अग्रिम संघार पोस्ट पर भारी संख्या में भारतीय हताहत हुए। इस पोस्ट को पाक सेना ने तहस-नहस कर दिया है। याद रखें कि यह वही पोस्ट है, जहां एक तरफ सफेद झंडा लहराया गया था, वहीं दूसरी तरफ पाक सेना के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी…’

वहीं फरीद खान और अख्तर अली ने भी इसी दावे के साथ तस्वीर को शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो हमें alamy नाम की वेबसाइट पर पोस्ट मिली। वेबसाइट के मुताबिक यह तस्वीर 2 अगस्त 2007 की है, जिसे फोटो जर्नलिस्ट अल्ताफ जरगर ने ली थी। तस्वीर में भारतीय सेना के जवानों को जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले के गंथमुल्ला गांव में विद्रोहियों के शव ले जाते हुए दिखाया गया है।

Source: Alamy
दावा पाकिस्तान ने चिरिकोट सेक्टर के सामने भारतीय सेना की संघार पोस्ट पर गोलीबारी की जिसमें भारी संख्या में भारतीय सैनिक घायल हुए हैं।
दावेदार war analyts, फरीद खान व अन्य पाकिस्तानी हैंडल
निष्कर्ष भातीय सैनिकों द्वारा स्ट्रेचर पर शव को ले जाने की तस्वीर 18 साल पुरानी है। वायरल तस्वीर साल 2007 की है। जिसे भ्रामक रूप से शेयर किया जा रहा है।

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