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बीते सप्ताह वायरल पांच फर्जी दावों का फैक्ट चेक

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बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें, वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स फर्जी दावों के साथ वायरल हुईं। हमने इन वायरल दावों का फैक्ट चेक किया और सच्चाई का पता लगाया। ‘OFI’ की इस साप्ताहिक सीरिज ‘टॉप पांच फेक न्यूज’ में हमने जैसलमेर में जबरन शादी का वीडियो, बागपत में महिला अधिकारी का वायरल वीडियो, ट्रैक्टर से बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ने का दावा, शोपियां में दो कश्मीरी युवकों की गिरफ़्तारी और CNN की पत्रकार से छेड़छाड़ का वीडियो शेयर करते हैं।

1. जैसलमेर में जबरन शादी वाले वीडियो में जातिगत एंगल नहीं है

कविता यादव ने एक्स पर एक वीडियो शेयर कर लिखा, ‘स्वर्ण जाति के गुंडे हमारी बच्चियों का अपहरण कर जबरदस्ती शादी कर रहे हैं। कब तक चलता रहेगा यह अन्याय? ऐसा घोर अन्याय तो कभी पाकिस्तान में भी नहीं हुआ होगा।’

फैक्ट चेक: पड़ताल में पता चला कि यह मामला जून 2023 में जैसलमेर जिले में हुआ था, जहां एक युवक ने अपने ही सवर्ण समाज की युवती से जबरन शादी की कोशिश की थी। इस घटना में कोई जातिगत एंगल नहीं है।

2. बागपत में महिला अधिकारी का वायरल वीडियो लगभग 2 साल पुराना है

संदीप यादव ने एक्स पर एक वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘महिला अधिकारी ने कहा मैं आपकी नौकर नहीं हूं। जबकि उच्च अधिकारी जनता के कार्य करने के लिए अधिकारी अपनी भाषा को क्या सही क्या गलत जनता का ही काम है वीडियो बना रहे व्यक्ति का फोन छीनकर तोड़ दिया गया, वायरल वीडियो बागपत की बताई जा रही है’

फैक्ट चेक: बागपत में महिला अधिकारी द्वारा फोन तोड़ने का वायरल वीडियो साल 2023 का है। जिसे हाल ही का बताकर भ्रामक रूप से शेयर किया जा रहा है।

3. ट्रैक्टर से बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ने का दावा गलत है

इंद्रजीत बराक ने लिखा, ‘तुम बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़कर कौनसा राम राज स्थापित करना चाहते हो? उनके विचार और सोच आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, वो तुम्हारे रामराज से कहीं ऊंचे हो चुके हैं!’

फैक्ट चेक: ट्रैक्टर से बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ने का दावा गलत है। यह घटना जनवरी 2024 में उज्जैन के माकड़ोन क्षेत्र की है। जहां दो पक्षों के बीच मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद हो गया था। एक पक्ष अंबेडकर की मूर्ति लगाना चाहता था और दूसरा सरदार पटेल की। जिसके बाद एक पक्ष ने वहां सरदार पटेल की मूर्ति रख दी थी, जिसे दुसरे पक्ष ने ट्रैक्टर से गिरा गया था।

4. शोपियां में दो कश्मीरी युवकों को गिरफ्तार करने का दावा गलत है

पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर कश्मीर मीडिया सर्विस नाम के एक हैंडल ने दावा किया कि, “भारतीय सेना ने शोपियां में दो कश्मीरी युवकों को गिरफ्तार किया है।”

फैक्ट चेक: पड़ताल में पता चला कि शोपियां में गिरफ्तार किए गए दोनों लोग आम नागरिक नहीं बल्कि आतंकवादी हैं। दोनों को पिस्तौल और ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया है, जिन्हें कश्मीरी नागरिकों की गिरफ़्तारी बताकर ग़लत तरीक़े से शेयर किया जा रहा है।

5. लाइव प्रसारण के दौरान CNN की पत्रकार से छेड़छाड़ की घटना 17 साल पुरानी है

जूलिया केंड्रिक ने लिखा ‘चौंकाने वाली बात है – भारत में लाइव टीवी शो के दौरान जब लाइटें बंद हो गईं, तो CNN की एक रिपोर्टर पर बलात्कार का प्रयास किया गया। मैं सच में हैरान हूं। अगर एक महिला लाइव शो के दौरान भी सुरक्षित नहीं है, तो फिर कौन सुरक्षित है?’

फैक्ट चेक: वायरल हो रही सीएनएन की न्यूज क्लिप साल 2013 की है। रिपोर्ट में पत्रकार ने 2008 में मुंबई आतंकी हमलों के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया है। जिसे हाल ही का बताकर भ्रामक रूप से शेयर किया गया है।

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