सोशल मीडिया पर अखबार में छपी एक खबर की कटिंग वायरल है। खबर की हेडलाइन है ‘अय्याशी के बाद पैसे नहीं देने पर कॉलगर्ल ने भाजपा नेता को सेंडिल से पीटा।’ खबर में दावा किया जा रहा है कि गोवा के एक होटल में भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री अपने दो साथियों के साथ पहुंचे थे। वहां पैसों के लेन-देन पर कालगर्ल से विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि लड़की ने विधायक की चप्पलों से पिटाई कर दी। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।
शेखर खरे नाम के एक्स हैंडल ने अखबार में छपी एक खबर की कटिंग को शेयर कर लिखा, ‘अब सैंडल से पिटाई ,आजकल नेताओं ने भी मजा सा बांध रखा…!!’
अब सैंडल से पिटाई ,आजकल नेताओं ने भी मजा सा बांध रखा…!!
— Shekhar Khare ( सेवानिवृत्त ) (@SKkhare11) May 27, 2025
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फैक्ट चेक
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने मामले से जुड़े कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 10 मार्च 2023 को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, अखबार में छपी एक खबर की कटिंग को साल 2023 में एमपी कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया था। वहीं भाजपा ने MP कांग्रेस की इस पोस्ट पर से मध्यप्रदेश भाजपा की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए एफआई आर दर्ज कराई थी।

वहीं 11 मार्च 2023 को प्रकाशित न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पत्र लिखकर गोवा पुलिस से इस मामले में शामिल शख्स के नाम मांगे थे। गोवा पुलिस ने करीब दो दिन की जांच के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट मध्यप्रदेश पुलिस को भेजी थी। जिसके मुताबिक यह पूरा मामला फर्जी निकला। गोवा एसपी नॉर्थ और क्राइम निधिन वालसान ने न्यूज 18 को बताया कि हमारे पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी नहीं आई है। अभी तक तो यह मामला झूठा ही है। गौरतलब है कि इस मामले में महाकौशल क्षेत्र के भी दो नेताओं के नाम चर्चा में आ रहे थे। मध्यप्रदेश पुलिस ने इन दोनों की लोकेशन की जांच भी कराई तो, दोनों नेताओं की लोकेशन घटना के वक्त मध्य प्रदेश में ही मिली।
| दावा | गोवा में अय्याशी के बाद पैसे नहीं देने पर कॉलगर्ल ने भाजपा नेता को सेंडिल से पीटा। |
| दावेदार | शेखर खरे |
| निष्कर्ष | यह खबर पूरी तरह फर्जी है। यह अफवाह भाजपा की छवि धूमिल करने के लिए 2023 में एमपी कांग्रेस द्वारा फैलाई गई थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। वहीं गोवा पुलिस ने भी खुद इसे फर्जी बताया था। |
