सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। वीडियो में एक बच्चा अपने गोद में एक शव लिए बैठे दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो मध्यप्रदेश के मुरैना की है। जहां दो साल के मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल में एंबुलेंस न होने के कारण लाचार पिता शव को सड़क किनारे छोड़ मजबूरी में गाड़ी की तलाश में निकल पड़ा। जिसके बाद 8 साल का बड़ा भाई छोटे भाई के शव को गोद में लिए दो घंटे तक बैठा रहा।
सुनील यादव ने एक्स पर लिखा, ‘सिस्टम पर भारी एक बाप की बेबसी मुरैना के अंबाह से दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया — दो साल के मासूम की इलाज के दौरान मौत, एंबुलेंस न होने पर लाचार पिता शव को सड़क किनारे छोड़ मजबूरी में गाड़ी की तलाश में निकल पड़ा। 8 साल का बड़ा भाई छोटे भाई के शव को गोद में लिए बैठा रहा… दो घंटे तक! विडियो वायरल हुआ, तब जाकर हरकत में आई स्वास्थ्य सेवा! क्या यही है हमारा 21वीं सदी का सिस्टम? क्या गरीब की जिंदगी की कोई कीमत नहीं?’
💔 सिस्टम पर भारी एक बाप की बेबसी 💔
— Sunil yadav (@Syadav_07) July 14, 2025
मुरैना के अंबाह से दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया — दो साल के मासूम की इलाज के दौरान मौत, एंबुलेंस न होने पर लाचार पिता शव को सड़क किनारे छोड़ मजबूरी में गाड़ी की तलाश में निकल पड़ा। 8 साल का बड़ा भाई छोटे भाई के शव को गोद में लिए बैठा… pic.twitter.com/xDo3VX3VuE
सूर्य राज ने लिखा, ‘कलेजे को छलनी कर देने वाला यह तस्वीर शनिवार के दिन मुरैना अंबाह के बड़फड़ा गांव के निवासी पूजाराम जाटव के बेटे का है ! अंबाह अस्पताल से रेफर कराकर जिला अस्पताल ले आए, बेटा एनिमिया से ग्रसित था, पेट में पानी भर जाने के कारण इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है !’
कलेजे को छलनी कर देने वाला यह तस्वीर शनिवार के दिन मुरैना अंबाह के बड़फड़ा गांव के निवासी पूजाराम जाटव के बेटे का है ! अंबाह अस्पताल से रेफर कराकर जिला अस्पताल ले आए, बेटा एनिमिया से ग्रसित था, पेट में पानी भर जाने के कारण इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है ! pic.twitter.com/tRM42qfYdN
— Surya Raj नागवंशी (@su66901) July 14, 2025
श्रीराम शर्मा ने लिखा, ‘आप के कलेजे को छलनी कर देने वाली यह तस्वीर शनिवार के दिन मुरैना अंबाह के बड़फड़ा गांव के निवासी पूजाराम जाटव के बेटे का है अंबाह अस्पताल से रेफर कराकर जिला अस्पताल ले आए बेटे को जो एनिमिया से ग्रसित था पेट में पानी भर जाने के कारण इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है । डाक्टरों द्वारा कहा जाता है घर लेकर चले जाइये शव को ले जाने के लिए अस्पताल से एम्बुलेंस नही दिया जाता है परंतु लाचार बेबस गरीब बाप के पास भाड़े के लिए पैसा नहीं था । बेबस पिता अस्पताल से शव लेकर बाहर चला आता है,सड़क के किनारे नालें के पास दो साल के मासूम बच्चे का शव उसके आठ साल के भाई के गोद में पड़ा है पिता गाड़ी के इंतजाम के लिए काफी दूर निकल गया कोई ढेड हजार मागता तो कोई एक हजार परंतु बेबस पिता गाड़ी नहीं कर सका ये करते करते दो घंटे बित गए..’
आप के कलेजे को छलनी कर देने वाली यह तस्वीर शनिवार के दिन मुरैना अंबाह के बड़फड़ा गांव के निवासी पूजाराम जाटव के बेटे का है
— श्रीराम शर्मा (@BALLIA_UP_60) July 13, 2025
अंबाह अस्पताल से रेफर कराकर जिला अस्पताल ले आए बेटे को जो एनिमिया से ग्रसित था पेट में पानी भर जाने के कारण इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है ।
डाक्टरों… pic.twitter.com/EL7yWYtccC
वहीं अशोक दनोड़ा ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें 9 जुलाई 2022 को प्रकाशित की एक दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो 9 जुलाई 2022 का है। मुरैना जिले में अंबाह के बड़फरा निवासी पूजाराम जाटव के बेटे राजा की तबीयत खराब हो गई थी। उसने राजा को अंबाह के सरकारी अस्पताल में दिखाया। हालत ज्यादा खराब होने के चलते डॉक्टरों ने बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पूजाराम अपने 8 साल के बेटे गुलशन के साथ राजा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। अंबाह से लेकर आई एम्बुलेंस तत्काल लौट गई। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बेटे राजा की लाश घर ले जाने के लिए पूजाराम को एम्बुलेंस नहीं मिली। एम्बुलेंस के लिए उसे डेढ़ हजार रुपए की जरूरत थी, लेकिन इतने रुपए उसके पास नहीं थे। पूजाराम बेटे राजा की लाश गुलशन की गोद में लेटाकर कुछ कम रेट की एम्बुलेंस तलाशने चला गया।गुलशन यह सबसे भारी लाश लिए नेहरू पार्क के सामने सड़क किनारे नाले के पास बैठा रहा। जिसके बाद पुलिस ने एम्बुलेंस से शव को घर भिजवाया।
वहीं 11 जुलाई को प्रकाशित नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में प्रशासन ने संवेदना दिखाई। कलेक्टर बी कार्तिकेयन ने इस मामलें में अस्पताल प्रबंधन व इलाज कर रहे डाक्टरों की लापरवाही मानीं और मृतक बच्चे के परिवार को रेडक्रास सोसायटी के मद से 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलवाई।
| दावा | मुरैना में एम्बुलेंस न मिलने पर छोटे भाई का शव गोद में लेकर बैठा रहा 8 साल का मासूम |
| दावेदार | श्रीराम शर्मा, सूर्य राज और सुनील यादव |
| निष्कर्ष | मुरैना की यह घटना जुलाई 2022 की है। इस मामले में पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से शव को घर भिजवा दिया था। वहीं प्रशासन ने इस मामले में डाक्टरों की लापरवाही मानीं और मृतक बच्चे के परिवार को आर्थिक मदद दिलवाई थी। |
