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संभल में कांवड़ यात्रा देखने पर दलित युवकों को पीटने का दावा भ्रामक है

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उत्तर प्रदेश के संभल में दो युवकों की पिटाई का मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि संभल में कांवड़ यात्रा देखने गए दो दलित युवकों को हिंदू भीड़ ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस घटना को जातिवाद का मामला बताकर जमकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

The Dalit Voice ने एक्स पर लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के संभल में कांवड़ यात्रा देखने गए दो दलित युवकों को हिंदू भीड़ ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा।’

सूरज कुमार बुद्ध ने लिखा, ‘पहले दलित हिंदू मंदिर जाते थे तो मंदिर ‘अशुद्ध’ हो जाता था। अब तो वे कांवड़ यात्रा भी नहीं देख सकते हैं। इससे भी इनका धर्म भ्रष्ट हो जाता है। जिन दलितों को आज भी हिंदू होने का शौक है, उन्हें अपनी आंखें खोलकर ये खबर पढ़नी चाहिए। इसीलिए समझा रहा हूँ कि बौद्ध धर्म अपनाओ। अपना धर्म!’

इंडिया विथ कांग्रेस नाम के हैंडल ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के संभल में कांवड़ यात्रा देखने गए दो दलित युवकों को हिंदू भीड़ ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा।’

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना संभल में थाना नखासा क्षेत्र के बढ़ई वाली बस्ती की है। मामले में 17 वर्षीय सुंदर और उसके भाई के साले शनि को ग्रामीणों ने चोर समझकर पकड़ लिया था। 22 जुलाई की रात को वे सुंदर की मां सुनीता की दवाई लेने के लिए बाइक पर निकले थे। दोनों को घटनास्थल वाले गांव में डॉक्टर मनीष से दवाई लेनी थी। लेकिन रात के अंधेरे में ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझ लिया। उन्हें पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया और बेल्ट, लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की।

Source: Dainik Bhaskar

वहीं अमर उजाला की रिपोर्ट में पीड़ित युवक की मां ने बताया कि उसका बेटा कांवड़यात्रा देखने गया था। सुंदर की मां सुनीता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि उनका बेटा और दूसरे बेटे का साला कांवड़यात्रा देखने के लिए निकले थे। इसी दौरान भीड़ ने चोर होने का शोर मचाते हुए पकड़ लिया था। पूछताछ के दौरान जाति की जानकारी ली और दलित होने की जानकारी के बाद भीड़ टूट पड़ी। खंभे से बांधकर बुरी तरह पीटा। जिसमें शरीर से खून बहने लगा था। किसी तरह जान बची तो रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पड़ताल में आगे हमने इस मामले की अधिक जानकारी के लिए संभल के एक स्थानीय पत्रकार से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह घटना 22 जुलाई की है। दोनों युवक नाहरठेर गांव निवासी हैं जबकि घटना वहां से करीबन 3 Km दूर मोहल्ला ‘बढ़ई वाली बस्ती’ में हुई थी। इस मामले में पीड़ित युवक की मां ने पुलिस को दो अलग अलग शिकायत दी थीं। पत्रकार ने हमे पहली शिकायत और दूसरी शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करवाई। इन दोनों में ही शिकायतों में अलग-अलग बातें लिखी हैं।

पहली शिकायत पत्र में पीड़ित युवक सुंदर की मां सुनीता ने बताया कि ’22 जुलाई की की शाम सुंदर व उसके दुसरे बेटे का साला शनि बढाई वाली बस्ती में मेरे लिए दवाई लेने गए थे। वहां पहुंचते ही 50-60 लोगों ने उन्हें घेर लिया और खंबे से बांधकर उनकी पिटाई की। मामले की जानकारी मिलते ही मैं भी वहां पहुंचकर बच्चों को बचने की कोशिश की तो मेरे साथ भी मारपीट की गई। बाद में पुलिस के आते ही दोनों युवकों को वह से निकाल लिया गया।’ अपनी पहली शिकायत में पीड़ित पक्ष की ओर से कहीं भी ‘जाति की वजह से पीटने’ का जिक्र नहीं किया गया है।

पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को दी गई पहली शिकायत पत्र

वहीं दूसरी शिकायत पत्र के आधार पर दर्ज FIR में पीड़ित युवक सुंदर की मां सुनीता ने बताया कि ’22 जुलाई की की शाम सुंदर व उसके दुसरे बेटे का साला शनि बढाई वाली बस्ती में कावंड झांकी देखने गया था। झांकी देखकर लौटते समय वहां के लोगों ने चोर-चोर चिल्लाते हुए सुंदर व शनि को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों से उनका पूरा नाम व उसकी जाति पूछी गई। इसके बाद उन्हें जाति विशेष गालियां देकर पीटा गया।

FIR Copy

इसके बाद हमने युवकों की पिटाई का वीडियो भी देखा। वीडियो युवक को खंबे से बंधा देखा जा सकता है। साथ ही उसके चेहरे पर चोट के निशान भी दिख रहे हैं। इसके बाद आरोपी, युवकों से उसका नाम और पता पूछते हैं। जिससे यह पता चल सके कि वह कौन है। इससे स्पष्ट है कि पीड़ित युवकों के साथ मारपीट पहले ही हो चुकी थी। बाद में कुछ लोग उसे बचा रहे थे। साथ ही उनके नाम और पहचान पूछी जा रही है यानि मारपीट के दौरान आरोपी बच्चों की ‘जाति-धर्म’ नहीं जानते थे। उनको पीटने के बाद उनसे उनकी पहचान पूछी गयी।

पड़ताल में आगे हमने संभल में थाना नखासा के SHO रजनीश कुमार से बात की। रजनीश कुमार ने बताया कि इन दिनों यूपी में ड्रोन की मदद से चोरी के कई मामले सामने आ रहे हैं। इस वजह से कई जिलों में ग्रामीण अनजान लोगों को पकड़कर पीट रहे हैं।  इन युवकों को भी चोर समझकर पीटा गया था। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में किसी तरह का जातीय एंगल नहीं है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इन दिनों यूपी के कई जिलों में चोरों द्वारा ड्रोन की मदद से रेकी कर चोरी करने के मामले सामने आ रहे हैं। इसी शक में प्रदेश भर से कई लोगों की पिटाई के मामले सामने आये हैं। ड्रोन चोरों के डर से अमरोहा के कई गांवों में रात भर जगकर लोग पहरेदारी कर रहे हैं। संभल में भी आसमान में आधा दर्जन ड्रोन दिखाई देने के बाद लोगों में दहशत फैल गई है। वहीं हापुड़, मुरादाबाद और बरेली समेत कई जिलों में ड्रोन चोर होने के शक में कई लोगों की पिटाई की गई है।

दावा संभल में कांवड़ यात्रा देखने गए दो दलित युवकों को हिंदू भीड़ ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा।
दावेदार सूरज कुमार बुद्ध, Dalit voice और स्पिरिट विथ कांग्रेस
निष्कर्षसंभल में कांवड़ यात्रा देखने पर दलित युवकों को पीटने का दावा भ्रामक है। युवकों को चोरी के शक में पीटा गया था। उनकी जाति की वजह से उन्हें पीटने का दावा गलत है।

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